छत्तीसगढ़ में कमीशनखोरीः WHO ने बंद किया मलेरिया फंड- कांग्रेस का आरोप

congress- panjaरायपुर।छत्तीगसढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने रमन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि इस वर्ष पूरे प्रदेश में 46 हजार लोग मलेरिया रोग में पाॅजिटिव पाये गये और ईलाज के अभाव में करीब 70 लोगो की मौत हो चुकी है, प्रदेश की जनता को रमन सरकार के कमीशनखोरी की कीमत अपनी जान से हाथ धोकर चुकाना पड़ रहा है।

उन्होने कहा कि 17वी शताब्दी में मलेरिया, हैजा जैसी बीमारियों से पूरे गांव की जनता की मौत हो जाती थी। आज की स्थिति में प्रदेश की वही दूर्दशा है, कि लोगो कि जान मलेरिया, फाइलेरिया और उल्टी-दस्त जैसी छोटी बीमारियों के कारण हो रही है। जबकि आज 21वी शताब्दी में टेलीमेडिसीन और रोबोटिक सर्जरी के जमाने में हो रहे अति अत्याधुनिक स्वास्थ सुविधाओं के रहते प्रदेश की जनता की मौत सरकार के कमीशनखोरी और लचर स्वास्थ व्यवस्थाओं के कारण हो रही है। बीजापुर जिलें में एक ही परिवार के तीन सदस्य जिसमें माॅ बेटे भी शामिल थे कि दुर्भाग्य जनक मौत मलेरिया के कारण हुई। पूरे प्रदेश में सूदुर बस्तर के इलाको सूरजपूर, जशपुर, सुपेबेड़ा, सहित राजधानी रायपुर में भी मलेरिया जैसी बिमारी के हजारो की संख्या में मरीजो को चिन्हाकिंत किया गया है।  जिनके समुचित ईलाज की व्यवस्था करने में प्रदेश की सरकार अक्षम है।
 विकास तिवारी ने कहा कि उनके द्वारा सूचना अधिकार के मांगी गयी जानकारी आधार पर वर्ष 2000 से वर्ष 2015 तक विश्व स्वास्थ संगठन  और विश्व बैंक  ने मलेरिया उन्मूलन के मद में प्रति वर्ष करोड़ो रूपयो की राशि प्रदान की।  जिसकी बंदरबाट हर वर्ष सरकार के कमीशनखोर मंत्री और भ्रष्ट अधिकारी कर लिया करते थे, जरूरी वस्तु जैसे – मच्छरदानी, क्लोरिन, कूनैन की दवाओँ की खरीदी नहीं की गयी पूरी राशि को डकआर लिया गया जिसके कारण विश्व बैंक और विश्वस्वास्थ संगठन द्वारा पिछले दो वर्षो से मलेरिया उन्मूलन के मद में दिये जाने वाली राशि पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिससे कि छत्तीसगढ़ राज्य में हर वर्ष मलेरिया के रोगीयों की संख्या बेतहासा बढ़ रही है और लोग काल की गाल में समा रहे है।

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