छत्तीसगढ़ के 50 लाख लोगों का सामूहिक योग प्रदर्शन:गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज

cm_yoga_fday_index1♦मुख्यमंत्री के साथ 600 स्कूली बच्चों ने किया योगाभ्यास
रायपुर।
तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में आज सवेरे छत्तीसगढ़ राज्य ने एक अनोखा विश्व कीर्तिमान बनाया। मुख्यमंत्री के साथ  राज्य के लगभग 50 लाख लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर एकसाथ योगाभ्यास किया। प्रदेश के लगभग 11 हजार स्थानों पर स्कूली बच्चों, बुजुर्गो, युवाओं और महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री ने बूढ़ातालाब के सामने इंडोर स्टेडियम में 600 स्कूली बच्चों के साथ एक घण्टे तक सामान्य योग अभ्यास क्रम के अनुसार योग के कई आसनों का अभ्यास किया। योग अभ्यास कार्यक्रम छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने किया।

                                                   इस मौके पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में एक साथ लगभग 50 लाख लोगों के योगाभ्यास के कीर्तिमान को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया । कार्यक्रम में उपस्थित गोल्डन बुक ऑफ वर्ड रिकार्डस् के आब्जर्वर संतोष अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को इस विश्व कीर्तिमान का प्रमाण पत्र सौंपा।आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ स्कूली बच्चों के अलावा कई जनप्रतिनिधियों और शासन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी योग अभ्यास किया।

                                                          स्वस्थ तन-मन से ही स्वस्थ छत्तीसगढ़ और स्वस्थ देश का निर्माण होगा। छत्तीसगढ़ के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है, जब प्रदेश  के करीब 50 लाख लोगों ने एकसाथ अलग-अलग स्थानों पर योग करके विश्व कीर्तिमान कायम किया है। मैं इसके लिए प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूॅ।

                                                      मुख्यमंत्री ने कहा कि- योग को हमें अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।  हमने यहां केवल आज ही नही बल्कि वर्ष के पूरे 365 दिन योग करने का संकल्प लिया है। इस संकल्प पर हमें कायम रहना होगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जतायी कि आज जिन 600 स्कूली बच्चों ने यहां पर योगाभ्यास किया है, वे अपने माता-पिता सहित अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरणा देते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा – पूरे देश और दुनिया में आज का दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को जाता है जिन्होंने भारत की प्राचीन योग शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान और संस्कृति का विश्व स्तर पर मान बढ़ाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *