छत्तीसगढ़ मे कैश की किल्लत,सीएम ने केंद्र से किया आग्रह

kisaan_raman♦मुख्यमंत्री बोले नक्सलवाद का अंत निकट
♦राज्य को 121 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की मांग

नईदिल्ली।मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ के कुछ बैंकों में नकदी, विशेष रूप से 500 और 2000 के नोटों की कमी का ज़िक्र करते हुए कहा कि दैनिक 1500 करोड़ रूपए कैश बैलेंस के विरूद्ध 900 से 1000 करोड़ रूपए रह गया है।जिससे एटीएम पर समस्या बढ़ रही है।सीएम रमन ने आम नागरिकों और किसानों की सुविधा के लिए इस समस्या को जल्द हर करने का आग्रह किया।डॉ. सिंह ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक को उनके क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के बैंकों को ज्यादा से ज्यादा मदद करने के लिए कहा जा सकता है।मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सोमवार को नई दिल्ली मे हुई देश के नक्सल प्रभावित राज्यों की उच्च स्तरीय बैठक में नगदी की समस्या से केंद्र को अवगत कराया।डॉ. रमन सिंह ने बैठक में केन्द्र सरकार से छत्तीसगढ़ के वामपंथी उग्रवाद से अतिप्रभावित जिलों में सुरक्षा और विकास से जुड़े कई कामों के लिए अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता की मांग की।सीएम ने कहा कि साल 2016 में हमने नक्सल प्रभावित इलाकों में 225 किलोमीटर से भी ज्यादा सड़कों का निर्माण किया जो अपने आप में एक कीर्तिमान है।उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृहमंत्री ने नक्सल समस्या पर जिस गंभीरता, दृढ़ता और दूरदृष्टि के साथ खुले दिल और दिमाग से  छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों की मदद कर रहे हैं, उससे हमारा यह विश्वास मजबूत हुआ है कि नक्सलवाद, वामपंथी उग्रवाद का अंत निकट है।

                                   डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृहमंत्री को बस्तर के लिए चार नई आरआई बटालियनों की स्वीकृति देने पर धन्यवाद दिया और कहा कि इन बटालियनों में तीन हजार लोगों को नियुक्त किया गया है। इनमें 75 प्रतिशत बस्तर के स्थानीय युवा शामिल हैं। सीआरपीएफ ने भी बस्तर से ही 743 लोगों का चयन बस्तर बटालियन के लिए किया है। इन स्थानीय लोगों की पांच बटालियनें सुकमा और बीजापुर में मैदानी हालात बदल देगी।

                                   सीएम ने कहा कि सड़क, दूर संचार और अन्य बुनियादी सम्पर्क अधोसंरचना का संबंध सिर्फ जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने से नहीं है, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा -छत्तीसगढ़ के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों में केन्द्र सरकार के उपक्रम बीएसएनएल ने सभी 146 मोबाइल टावरों की स्थापना का श्रेष्ठ कार्य किया है। दूर संचार विभाग ने 35 अतिरिक्त टावरों की मंजूरी दी है।

                                   हमें 121 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की जरूरत है और वर्तमान टावरों की क्षमता 2 एमबीपीएस तक बढ़ाने की भी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा – टेलीकॉम कनेक्टिविटी से विकास और सुरक्षा बल दोनों की मदद होती है। बस्तर में इसका कव्हरेज क्षेत्र भी वर्तमान में 19 फीसदी है और केवल 18 प्रतिशत घरों में मोबाइल फोन है।

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