छल प्रपंच से एबीव्हीपी ने जीता चुनाव–एनएसयूआई

IMG_20150814_145132बिलासपुर—- शुक्रवार को छात्र संगठन चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई । 17 अगस्त को मतदाता सूची का प्रकाशन भी हो जाएगा। सीएमडी महाविद्यायल में एबीव्हीपी और एनएसयूआई के नेताओं और छात्रों को चुनाव के दौरान अपनाए जाने वाली प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई है।

                     अधिसूचना के बाद सीजी वाल से बात करते हुए एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रतिनिधि अमितेष राय ने बताया कि पिछली बार की तुलना में इस बार एनएसयूआई का प्रदर्शन बेहतर होगा। ना केवल शहर के कालेजों में बल्कि समूचे बिलासपुर विश्वविद्यालय के अन्तर्गत आने वाले सभी महाविद्यालयों में कांग्रेस की छात्र विंग का झंडा बुलंद होगा।

                 सीजी वाल से अमितेष ने बताया कि पिछली बार मात्र 15 दिनों के भीतर चुनाव सम्पन्न करा लिया गया। समय कम होने के कारण एनएसयूआई को अपेक्षित परिणाम नहीं मिला। इस बार ऐसा नहीं होगा। प्रतिप्रश्न पर छात्र नेता अमितेष ने बताया कि एबीव्हीपी के पास भी उतना ही समय था लेकिन राज्य में सरकार भाजपा की थी। जिसका नुकसान एनएसयूआई को हुआ है। सरकार ने छल प्रपंच से एबीव्हीपी को चुनाव जिता लिया। पिछली बार चुनाव की जानकारी एबीव्हीपी के पदाधिकारियों को पहले से ही थी। नतीजन हमें निराशा हाथ लगी। लेकिन इस बार एनएसयूआई को साल भर छात्रहित में काम करने के साथ ही चुनाव तैयारी का भी भरपूर मौका मिला। उन्होंने बताया कि एनएसयूआई को एबीव्हीपी की गंदी राजनीति का भी फायदा मिलेगा।

               अमितेष राय ने बताया कि बिलासपुर विश्वविद्यालय में कुल 140 महाविद्यालय हैं। चुनाव में हमें भारी सफलता मिलने वाली है। हम अपने नेता राहुल गांधी के सिद्धांतों पर चलते हुए छात्रहित और देशहित की राजनीति करते हैं0। एनएसयूआई का रिकार्ड रहा है कि कालेज को राजनीति का अखाड़ा ना बनाकर हमेशा विद्या मंदिर काबा और गिरजाघर बनाने का प्रयास किया । पिछले एक साल में एबीव्हीपी ने ना तो छात्रों की समस्याओं को सुलझाया और ना ही कालेज की कमियों को दूर ही किया । जिसे वे लोग चुनाव का मुद्दा बनाए थे।

                     आत्मविश्वास से लवरेज अमितेष राय का दावा है कि राजनीति उन्हें विरासत में मिली है। जिसका उन्हें फायदा भी मिल रहा है। उन्होंने बताया कि तुष्टीकरण की राजनीति को छात्र और छात्राएं भली भांति समझ चुके है। एबीव्हीपी को टैब और लैपटाप के नाम पर वोट नहीं मिलने वाला है। अमितेष ने दावा किया कि इस बार सीएमडी महाविद्यालय में एनएसयूआई का परचम लहरेगा। काम ना करने का भुगतान एबीव्हीपी को भुगतना होगा।

IMG_20150814_145306            अमितेष के अनुसार सीएमडी महाविद्यालय में कुल 72 कक्षा प्रतिनिधि होंगे। इसमें 22 छात्राएं होगी। पिछली बार उपाध्यक्ष का पद छात्रा के लिए आरक्षित था। इस बार सचिव पद आरक्षित होगा। उन्होंने बताया कि सीएमडी महाविद्यालय के लिए प्रत्याशियों के नाम लगभग तय हो चुके हैं। सीनियर नेताओं के मंत्रणा के बाद प्रत्याशियों का नाम घोषित किया जाएगा। एक अनुमान के अनुसार लगभग 4000 वोटर मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

                   अमितेष का दावा है कि इस बार विश्वविद्यालय अध्यक्ष का भी चुनाव हम जीतेंगे। चुनाव के पहले सरकार पर दबाव बनाएंगे कि विश्विद्यालय का चुनाव सेन्ट्रलाइज किया जाए। ताकि एबीव्हीपी की छल प्रपंच वाली राजनीति पर अंकुश लगाया जा सके।

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  1. By SUDESH DUBEY SAATHI

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