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छात्र संघ चुनाव – पांच हजार से अधिक खर्च नहीं कर सकेंगे उम्मीदवार

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बिलासपुर । छात्र संघ चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से कराने के लिए आदर्श आचार संहिता लागू की गई है। जिसमें साफ कहा गया है कि कोई भी उम्मीदवार आपसी द्वेष पैदा करने वाले किसी भी गतिविधि में हिस्सा नहीं लेगा। साथ ही खर्च की अधिकतम सीमा पांच हजार रुपए तय की गई है। इससे अधिक खर्च या नियमों का उल्लंघन होने पर चुनाव अवैध घोषित किया जा सकता है।

सत्र् 2015-2016 के निर्वाचन के लिये लिंगदोह समिति की अनुशंसा के अनुरूप एक आदर्श आचरण संहिता तैयार की गई है । चुनाव में भाग लेने वाले समस्त विद्यार्थी इस आचरण संहिता का पालन करेंगे । इसका उल्लंघन होने पर अभ्यर्थियों का चुनाव निरस्त करने का अधिकार संस्था प्रमुख/शिकायत निवारण प्रकोष्ठ को होगा।

आचार संहिता के मुताबिक  प्रति अभ्यर्थी अधिकतम स्वीकृत व्यय-सीमा  पांच हजार रूपये रखी गई है ।  प्रत्येक  अभ्यर्थी परिणाम घोषित होने के एक सप्ताह में लेखा-जोखा महाविद्यालय/विश्वविद्यालय  अधिकारियों को  प्रस्तुत करेगा। महाविद्यालय/विश्वविद्यालय इसे प्राप्त होने के दो दिनों में उचित माध्यम से प्रकाशित करेगा ताकि विद्यार्थी इकाई का कोई भी सदस्य इसका स्वतंत्रता पूवर्क परीक्षण कर सकेगा ।  सीमा से अधिक व्यय या नियमों के पालन न करने पर अभ्यर्थी का निर्वाचन अवैध घोषित कर दिया जावेगा ।

छात्रसंघ निर्वाचन की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों से प्राप्त हो सकने वाले फण्ड को रोकने की दृष्टि से उम्मीदवारों  को विशेष रूप से स्वैच्छिक दान किसी भी संस्था या विद्यार्थी इकाई से प्राप्त करने पर बंदिश रहेगी ।कोई भी उम्मीदवार ऐसी किसी भी गतिविधि में भाग नहीं लेगा जिससे कोई मतभेद पैदा हो  या आपसी द्वेष पैदा करे या विभिन्न जातियों, समुदायों, वर्ग  (धार्मिक और भाषायी) या विद्यार्थियों के समूहो में तनाव उत्पन्न करे ।

आचार संहिता के मुताबिक  जब भी अन्य अभ्यर्थियों की आलोचना की जाये तब नीतियों, कार्यक्रमों, पूर्व रिकार्ड  तथा कार्यों को ही ध्यान में रखा जाए । अन्य अभ्यर्थियों तथा उनके समर्थको पर  बिना किसी साक्ष्य के आरोप लगाने से अथवा छवि बिगाड़ने से स्वयं को दूर रखेंगे। जाति तथा सामुदायिक आधार पर वोट नहीं मांगे जा सकेंगे, कैम्पस में प्रार्थना स्थल को निर्वाचन के प्रचार हेतु उपयोग में नहीं लिया जा सकेगा ।

कोई भी उम्मीदवार ऐसे कार्यकलापों में लिप्त नहीं रहेंगे जो भ्रष्ट आचरण जैसे मतदाता को लालच देना, उन्हें धमकाना या भयभीत करने की श्रेणी में आते हो। मतदान के दिन मतदान स्थल से 100 मी0 के घेरे में प्रचार नहीं कर सकेंगे तथा निर्वाचनसमाप्ति के समय 24 घंटे पूर्व सभायें नहीं कर सकेंगे । कोई भी उम्मीदवार छपे हुए पोस्टर्स, छपे पेम्पलटे या छपी सामग्री का प्रचार हेतु उपयोग नहीं कर सकेंगे ।

आचार संहिता के  निर्देशो की अवहेलना करने पर उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया जावेगा या उनके निर्वाचित पद से हटा दिया जावेगा । महाविद्यालय/विश्वविद्यालय प्राधिकारी ऐसे उम्मीदवारों  के खिलाफ उपयुक्त अनुशासनिक कार्यवाही कर सकेंगे ।

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