छोटेडोंगर के वन धन विकास केंद्र से 250 महिलाओं को मिलेगा प्रतिदिन रोजगार,वन धन विकास केंद्र का कलेक्टर एल्मा ने किया शुभारंभ

नारायणपुर-जिले के वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों को वनोपज संबंधी रोजगार से जोड़ने हेतु कलेक्टर पी.एस. एल्मा ने छोटेडोंगर में वन धन विकास केन्द्र का शुभारंभ किया। शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर श्री पी एस एल्मा ने कहा कि वनोपज वनक्षेत्र में रहने वाले जनजातीयों के लिए आजीविका के प्रमुख स्त्रोत हैं। वन क्षेत्र में रहने वाले लोग भोजन, आश्रय, औषधि एवं नकदी आय के लिए वनोपज पर निर्भर करते हैं। वनोपज का महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण से भी मजबूत संबंध है। क्योंकि वनोपज का ज्यादातर संग्रहण, उपयोग एवं बिक्री महिलाओं द्वारा की जाती है।सीजीवालडॉटकॉम NEWS के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए

कलेक्टर ने उपस्थित महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं से भी बात की और कहा कि यह वन धन विकास केंद्र समूह की महिलाओं के लिए बनाया गया है। आप सभी इस केंद्र में आकर वनोपज प्रसंस्करण का कार्य करें और अपनी एवं परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में अपना योगदान देवें।

कोरोना संकट के समय में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 140 महिला स्व सहायता समूह के हजारों महिलाओं के माध्यम से संग्राहकों के घर-घर जाकर निर्धारित मानकों का पालन करते हुए कोरोना संकट के समय भी वनोपज की खरीदी की गयी। खरीदी के समय ही वनोपज का नकद भुगतान संग्राहकों को किया गया। जिले में अब तक 12169 क्विंटल वनोपज की खरीदी की गयी है। जिसके एवज में संग्राहकों को 3 करोड़ 73 लाख रूपये का भुगतान किया गया है। कोरोना संकट के समय वन धन विकास केन्द्र के प्रारंभ होने से क्षेत्र के 25 महिला स्व सहायत समूह की 250 महिलाओं को प्रतिदिन रोजगार उपलब्ध होगा।

वमंडलाधिकारी श्री डी.के.एस. चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वनोपज खरीदी के लिए महिला स्व सहायता समूहों को जिम्मेदारी दी गयी है। खरीदी के लिए विभाग द्वारा आर्थिक एवं अन्य सहायता प्रदान की जाती है। खरीदी के पश्चात इस वन धन विकास केन्द्र में ग्रामीण आदिवासी महिलाओं से वनोपजों का प्रसंस्करण का कार्य कराया जायेगा। जिसमें क्षेत्र की लगभग 250 महिलाओं को रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि इस केंद्र में इमली, महुआ, फूल झाड़ू, हर्रा तथा चिंरोजी आदि को साफ कर प्रसंस्करण का कार्य किया जायेगा। श्री चौहान ने बताया कि कलेक्टर श्री एल्मा के विशेष प्रयास से इस वन धन विकास केंद्र की स्थापना की गयी है। जिसके बुनियादी ढांचे तथा भवन के निर्माण हेतु 45 लाख रुपए मंजूर किए थे।

कार्यक्रम में वनोपज खरीदी करने वाली मां दंतेश्वरी महिला स्व सहायता समूह छोटेडोंगर, मां दुर्गा महिला स्व सहायता समूह छोटेडोंगर और मां दंतेश्वरी महिला स्व सहायता समूह कांकेरबेट्टा के अध्यक्ष एवं सदस्य महिलाओं को कलेक्टर श्री एल्मा ने कमीशन (नकद राशि) का वितरण किया। कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भागेश्वरी मांझी, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती ममीता मांझी के अलावा एसडीओ फारेस्ट श्री सुदर्शन चंद्रवंशी, उपवनमंडलाधिकारी श्री आशीष कुमार के अलावा वन विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

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