जब विधायक ने कहा..मानो अफीम – गांजा बेच रहे.. गंगा की सौगंध खाने वालों ने दिया किसानों को धोखा..लड़ाई सदन से सड़क तक होगी

बिलासपुर— बेलतरा विधायक रजनीश सिंह ने कहा कि सरकार किसानों से कुछ इस तरह से व्यवहार कर रही है कि जैसे वह धान नहीं बल्कि अफीम गांजा बेच रही है। किसानों को दैनिक जीवन निर्वहन के लिए धान बेचने को सरकार ने अघोषित अपराध घोषित कर दिया है। बेवजह उनकी फसल और वाहनों को थाने में रखा गया है। सरकार की हालत खऱाब है। जाहिर सी बात है कि वह 2500 तो दूर समर्तन मू्ल्य में ही धान खरीदने की स्थिति में नहीं है। दरअसल गंगा की सौगंध खाने के बाद बनी कांग्रेस सरकार ने अभी तक अपने एक भी वादे को पूरा नहीं किया है। जबकि 6 दिन बाद सरकार के एक साल पूरे हो जाएंगे। 

                           भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बेलतरा विधायक रजनीश सिंह ने् बताया कि प्रदेश संगठन के निर्देश पर पत्रकारों से बातचीत का निर्देश है। इसी क्रम में आज प्रेसवार्ता का आयोजन कर प्रदेश सरकार की करनी और कथनी को रखने का आदेश दिया गया है। रजनीश सिंह ने बताया कि 6 दिन बाद कांग्रेस सरकार के एक साल पूरे हो जाएंगे। 

           रजनीश ने बताया कि सरकार बनाने के पहले कांग्रेस ने गमा की सौगंध उठाया था कि किसानों का सभी प्रकार का कर्ज माफ किया जाएगा। धान का समर्थन मूल्य 2500 किया जाएगा। बिजली बिल हाफ हो जाएगी। लेकिन एक साल बाद भी सरकार ने किए गए 36 वादों मे से एक भी वादे को पूरा नहीं की है। बल्कि 36 गढ़ की जनता को मूर्ख बना रही है।

                  रजनीश ने सवाल जवाब के दौरान बताया कि सरकार ने गला फाड़कर कहा था कि धान का समर्थन मूल्य 2500 किया जाएगा। पहले साल तो किसी तरह हमारी सरकार की व्यवस्था पर 2500 रूपए में धान की खरीदी तो हो गयी। अब सरकार की हालत पतली है। हमने तो 2050 में किसानों से धान खरीदा था। लेकिन कांग्रेस सरकार ने वादा करने के बाद भी मात्र 1835 रूपए के हिसाब से किसानों से धान खरीद रही है। ऊपर से तगलकी फरमान जारी किया गया है कि एक किसान प्रति एकड़ की भाव से मात्र 8 क्विंटल धान ही बेचेगा। बाकी धान दूसरी किश्त में खरीदा जाएगा। 

                रजनीश ने कहा कि कितनी दुख की बात है कि किसान एक बार टोकन लेकर किसी तरह किराया भाड़ा लगाकर उपड को लेकर सोसायटी तक पहुंचता है। सरकार चाहती है कि वह फिर इतना खर्च कर धान लेकर सोसायटी आए। फरमान से लाखों किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दर्जनों  बार सोसायटी का चक्कर लगाना पड़ेगा। भाजपा नेता ने बताया कि दरअसल सरकार किसानों से पन्द्रह क्विटंल के भाव से धान खरीदना ही नहीं चाहती है।

                  रनजनीश ने जानकारी दी कि कांग्रेस सरकार ने लक्ष्य रखा है कि इस साल 85 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी करेगी। सच्चाई तो यह है कि सरकार ने 40 लाख मीट्रिक टन ही धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। दुख जाहिर करते हुए वेलतरा विधायक ने बताया कि अजीब फरमान है देश में पहली बार होगा कि किसानों के खेत से मेड़ को गायब कर रकबा का निर्धारण किया गया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि फसल कटने के बाद गिरदावली हो रही है।

        बेलतरा विधायक ने बताया कि एक तो पन्द्रह क्विटंल धान खरीदी की संभावना नहीं है। दूसरी बात कि किसानों को राशि मिलेगी भी या नहीं..इसकी भी संभावना फिलहाल दिखाई नहीं देती है। क्योंकि सरकार के पास बजट नहीं है। सारे विभागीय काम ठंडे बस्ते में है। विकास कार्य के लिए राशि का टोटा है। ऐसे में किसानों का समय पर राशि मिलना मुश्किल है। 

                              रजनीश ने सवाल के जवाब में बताया कि जल्द ही संगठन किसानों के हित में बड़ा निर्णय  लेने के निश्चय किया है। किसानों की लड़ाई सदन से सड़क तक लड़ी जाएगी। उन्होने बताया कि आज भी किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है। बिजली हाफ जरूर हुई है लेकिन बिल हाफ नहीं हुई है।

                 पत्रकार वार्ता के दौरान जिला किसान मोर्चा के अध्यक्ष डॉ.सुनील अग्रवाल, जिला महामंत्री घनश्याम कौशिक भी मौजूद थे।

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