जब शिक्षाकर्मियों ने कहा…अब परिवार चलाना मुश्किल..कम से कम मुख्यमंत्री के आदेश की तो इज्जत करें.

कांकेर… कांकेर के शिक्षाकर्मियों को 6 महीने से वेतन नहीं मिला है। जिसके कारण शिक्षाकर्मियों को घर चलाना मुश्किल हो गया है। वेतन नहीं मिलने से शिक्षाकर्मियों में गहरा आक्रोश है। शिक्षाकर्मी नेताओं ने बताया कि बार बार के आश्वासन के बाद भी कांकेर जिला पंचायत में मुख्यमंत्री की घोषणा बेअसर साबित हो चुकी है

                         कांकेर के शिक्षाकर्मियों में वेतन नहीं मिलने से भयंकर आक्रोश है। शिक्षाकर्मी नेताओं ने बताया कि पिछले 3 से 6 महीने का वेतन नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। जबकि मुख्यमंत्री ने बार बार आश्वासन देने के अलावा अधिकारियों को फरमान जारी किया है कि सभी शिक्षाकर्मियों का वेतन पांच तारीख के अन्दर दिया जाए। बावजूद इसके शिक्षाकर्मियों को पांच तारीख के अन्दर वेतन मिलना तो दूर 6 महीने का वेतन भुगतान अभी नहीं हुआ है।

                                   शिक्षाकर्मी नेताओं ने बताया कि नगर पंचायत पखांजूर ने पिछले 6 महीने से वेतन नहीं दिया गया है। इसी तरह कान्केर में तीन महीने से शिक्षाकर्मी वेतन पाने के लिए कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। राजीव गांधी शिक्षा मिशन में भी शिक्षाकर्मियों को 2 महीने से वेतन का इंतजार है। नेताओं ने बताया कि शिक्षा मंत्री केदार कश्यप और सांसद विक्रम देव उसेंडी से वेतन को लेकर चारामा प्रवास के दौरान शिक्षाकर्मी संघ ने लिखित शिकायत कर वेतन दिलाएं जाने की मांग की थी। बावजूद इसके अधिकारियों ने आज तक वेतन नहीं दिया है।

                             शिकायत के बाद केदार कश्यप ने डॉक्टर रोहित यादव से बात कर भुगतान करने को कहा था। लेकिन वही हुआ जो हमेशा सिक्षाकर्मियों के साथ होता आया है। शिक्षाकर्मी संघ के पदाधिकारी वजीद खान प्रदेश महामंत्री हेमेन्द्र साहसी प्रदेश संगठन सचिव स्वदेश शुक्ला जिलाध्यक्ष ने वेतन भुगतान समय पर नहीं होने पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए हा कि ट्रायबल और एजुकेशन का आबंटन हो चुका है। कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से मांग करेंगे कि सभी शिक्षाकर्मियों को जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित कराएं।

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