मेरा बिलासपुर

जलसंसाधन विभाग ने खोला खूंटाघाट का गेट..अध्यक्ष और सभापति ने की रस्म अदायगी..पानी देख किसानों में खुशी

बिलासपुर—- किसानों की खड़ी फसल को लेकर लगातार पानी की मांग को ध्यान में रखते हुे आज खूंटाघाट का आबीएस खोल दिया है। खेत तक पानी पहुंचने की खबर के बाद किसानों के चेहरे खिल गये हैं। बताते चलें किसानों की फसल को इस समय पानी का बेसब्री से इंतजार था। पानी की कमी के चलते किसान जिला पंचायत सभापति और अध्यक्ष पर लगातार दबाव बना रहे थे। आज कलेक्टर की अनुमति के बाद जलसंसाधन विभाग ने जिला पंचायत  अध्यक्ष अरूण चौहान और सभापति अंकित गौरहा के हाथों बायी तट नहर का दरवाजा खोला। खबर मिलने के बाद किसानों के चेहरे खिल गए हैं।
        
            जानकारी हो कि समय और लगातार पानी नहीं गिरने से किसानों की चिंता दिनों दिन बढ़ गयी है। मामले में जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा ने बताया कि क्षेत्र से होने के कारण किसान लगातार खूंटाघाट से पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर गुहार लगा रहे थे। वैसे भी क्षेत्र में खड़ी फसल को इस समय पानी की सख्त जरूरत भी थी। मामले में जिला प्रशासन समेत जल संसाधन विभाग और जिला पंचायत अध्यक्ष को भी अवगत कराया गया। 
            
                    जल संसाधन विभाग ने जिला प्रशासन से अनुमति के बाद खूंटा घाट से दांयी तट नहर खोले जाने का आश्वासन दिया। बावजूद इसके आदेश नहीं मिलने से पानी छो़ड़ने में देरी हुई। अंकित ने बताया कि बारिश रूक रूक कर हो रही है। समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिलने से खड़ी फसल को खतरा बढ़ गया था। इस बात को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण चौहान ने जलसंसाधन विभाग पर ना केवल लगातार दबाव बनाया। बल्कि जिला प्रशासन के सामने भी किसानों की परेशानी को गंभीरता से पेश किया।  व्यक्तिरूप से मैने भी सम्पर्क किया ।           
            आज एक सादे कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण चौहान के साथ दांयी तट नगर को खोलने का मौका मिला। इस दौरान जल संसाधन विभाग अभियंता आरपी  शुक्ला की विशेष मौजूदगी में खूंटा घाट स्थित दांयी तट नहर का दरवाजा खोला गया । गेट खोले जाने से किसानों मे भारी खुशी देखने को मिल रही है। 
 
          अंकित ने जानकारी दी कि बांयी तट नहर खुलने से सेमरा ,परसदा, जलसो,पौंसरा, बैमा, सेमरताल, बिरकोना, भरवीडीह, सिंघरी, के किसानों को फायदा होगा। पर्याप्त मात्रा में समय पर पानी मिलने से फसल बच जाएगी। इस पूरे मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

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