जहां नारियों की इज्जत..वहां देवताओं का वास..साध्वी ने कहा…दर्शन करने शंकर ने बदला रूप

बिलासपुर— सागर होम्स नेचर सिटी में दीक्षित परिवार के यहां श्री मदभागवत कार्यक्रम का आयोजन चल रहा है। लोग अच्छी खासी संख्या में पहुंचकर भगवान कृष्ण की कथा का आनन्द ले रहे हैं। साध्वी के भावना प्रधान कथा को सुनकर श्रद्धालु मंत्र मुग्थ हो रहे है।

                    श्रीमद भागवत क पांचवे दिन भगवान कृष्ण की बाला लीलाओं को वर्णन किया गया। पूतना,तृणासुर जैसे राक्षसों की षणयंत्र और भगवान श्री कृष्ण की कथा का विस्तार से वर्णन किया गया। इस दौरान भगवान की नटखट लीलाओं पर भी साध्वी ने प्रकाश डाला।

         साध्वी ने व्यास पीठ से साध्वी ने बताया कि आज स्त्रियों के साथ क्या क्या अत्याचार नहीं किया जा रहा है। भारत का दर्शन है कि जहां नारियों की पूजा होती है..वहां देवता का वास होता है। सुख समृद्धि होती है। लेकिन कंश ने योगमाया को मारने का प्रयास किया…योगमाया ने बताया कि मारने वाला पैदा हो चुका है। अब तुझे कोई नहीं बचा सकता है। योगमाया ने श्रीकृष्ण की लीला में साथ दिया। भगवान ने उन्हें वरदान दिया कि देश के हर गली मोहल्ला में मां अष्टभुजी की अलग अलग रूपों में पूजा होगी। 

                   साध्वी ने भगवान शंकर और जगत माता पार्वती के कृष्ण के प्रति अनुराग को भी श्रोताओं के सामने रखा। माता पार्वती खिलौला बेचनी वाली बनकर भगवान कृष्ण का दर्शन किया। वही साधु बनकर भगवान भोले नाथ भगवान श्री कृष्ण की बाललीलाओं का आनन्द लिया।

              कार्यक्रम के दौरान नाटक भी पेश किया गया। नाटक के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की बाललीलाओं को पेश किया गया। माखनचोरी की समस्त घटनाओं को दर्शकों के सामने रखा गया।

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