जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने की मांग..संत नेताम ने कहा..प्रक्रिया का नहीं हुआ पालन..हाईपावर कमेटी के अनुसार अमित जोगी कंवर नहीं

बिलासपुर,,, आदिवासी समाज के प्रदेशअध्यक्ष और कांग्रेस नेता संत कुमार नेताम ने अमित जोगी की जाति प्रमाण पत्र को निरस्त किए जाने की मांग की है। संत कुमार नेताम ने अमित जोगी की जातिगत दस्तावेज और अन्य जरूरी रिकॉर्ड के साथ आवेदन छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह आदिवासी विभाग सचिव और उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति के अध्यक्ष जीडी सिंह को पत्र लिखा है।
 
                   संत कुमार नेताम ने एक पत्र गौरेला पेंड्रा मरवाही कलेक्टर डोमन सिंह को भी दिया है ।नेताम ने बताया कि स्वर्गीय अजित जोगी आदिवासी नहीं थे। छानबीन समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में आदिवासी नही होना बताया है।  जाहिर सी बात है उनके पुत्र अमित जोगी भी आदिवासी नहीं है।  इसलिए अमित जोगी की जाति प्रमाण पत्र को निरस्त किया जाए।
 
        संत कुमार नेताम  के अनुसार ने अमित जोगी का जाति प्रमाण पत्र 31 अक्टूबर 2013 में पेंड्रा से जारी किया गया है।  जाति प्रमाण पत्र जारी करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन नही  किया गया है। नियमानुसार अमित जोगी को जाति प्रमाण पत्र हासिल करने एसडीएम के सामने आवेदन करने के साथ रिकार्ड रखना था। लेकिन उन्होंने 28 ओकटुबर 2013 को पेंड्रा तहसीलदार के सामने दस्तावेज पेश किया। और दो दिन के अंदर बिना छानबीन की प्रक्रिया पूरी किये दो दिन के अंदर अस्थायी और स्थायी जाती प्रमाण पत्र एसडीएम ने कंवर आदिवासी होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया  यह जानते हुए भी कि प्रक्रिया केेआ पालन नही हुुआ।
 
              संत नेताम ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र के लिए अमित जोगी गलत दस्तावेज पेश किया है।जबकि उन्होंने 2013 में मरवाही विधानसभा चुनाव के दौरान कुछ अलग जानकारी दी है। जोगी ने अपना जन्म टेक्सास की जगह सारबहरा और जन्म तारीख गलत बताया है।
 
      नेताम ने जानकारी दी कि  हाई पावर कमेंटी जाति छानबीन समिति की रिपोर्ट के खिलाफ स्वर्गीय अजीत जोगी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर किया । याचिका पर हाईकोर्ट ने कोई रोक नही लगाई है। याचिका विचाराधीन है। सिविल लाइन थाने में जाति मामले को लेकर दर्ज एफआईआर को सुनवाई होने तक जरूर रोक है।
 
          नेताम ने कहा कि हमने सचिव और कलेक्टर से मांग की है कि अजीत जोगी की जाति मामले की जांच हो चुकी है । देश पितृसत्तात्मक परिवार के आधार पर जाति का निर्धारण होता है । चूंकि अजित जोगी आदिवासी नही है इसलिए हाई पावर कमेटी के रिपोर्ट के आधार पर अमित जोगी की जाति कवर कैसे हो सकती है। मामले का जल्द निराकरण किया जाए ।क्योंकि मरवाही उपचुनाव में अमित जोगी अपने जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने का दावा कर सकते हैं।

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