जिधर जाए.उधर कोरोना..लॉकडाउन के हालात…मेयर, सभापति, आयुक्त, पार्षद,अधिकारी,कर्मचारी, वारियर्स संक्रमित..अधिकारियों का कोरोना टेस्ट

बिलासपुर—(अतिथि की कलम से)— धीरे ही सही कोरोना का कहर बिलासपुर मोहल्ले वार्डो में दिखाई देने लगा है। मार्च से लेकर अगस्त आरम्भ तक न्यायधानी के हालात काफी नियंत्रण में रहे। लेकिन पिछले कुछ दिनों से रोज आ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को देखकर डर लगने लगा है। बिलासपुर शहर भी रायपुर की तरह कोरोना की चपेट में न आ जाए। महामारी प्राकृतिक जरूर है लेकिन मानवीय भूलें और असावधानी से अनायास बीमारी रुकने की बजाय विभिन्न रूपों में घर घर फैल रही है। कंधे से कंधे के रगड़ वाली भीड़ के केंद्र स्कूल कॉलेजों और रेलवे के साथ बसों के बंद समान होने की स्थिति में भी कोरोना अपना सफर आसानी से तय कर रहा है।
 
सामान्य सभा के बाद कोरोना हड़कम्प
 
                       पिछले दिनो कोरोना काल मे शहर की समस्या और विकास की पहल को लेकर निगम के सभी 70 वार्डों की बैठक यानि सामान्य सभा का आयोजन शहर के केंद्रीय स्थल सभागृह में 13 अगस्त को हुई। बैठक के ठीक तीन पहले निगमायुक्त कोरोना संक्रमित हो गए। जाहिर सी बात है कि उन्होंने  बैठक से किनारा कर लिया। लेकिन बैठक के दूसरे दिन निगम सभापति कोरोना पॉजिटिव पाए गए। रिपोर्ट से शहर में हलचल मच गयी। जबकि महज एक दिन पहले निगम सभापति अनेको  घंटों तक शहर के सभी वार्डों के पार्षदों निगम के अधिकारियों कर्मियों और पत्रकारों के बीच सामान्य सभा में शामिल हुए थे। यह असावधानी थी या महज दुर्घटना। लेकिन लोगों में हड़कंप मचना स्वाभाविक था। यही लोग 2 दिनों तक स्वतंत्रता दिवस के आयोजन में भी शामिल हुए। शहर में अपने-अपने वार्डों में लोगों के साथ घुल मिलकर आजादी का पर्व मना रहे थे। सभी प्रतिनिधियों को आवश्यक परीक्षण कराने और आइसोलेशन में रहने के निर्देश जरूर दिए गए। 
 
बढ़ गया खतरा.. संक्रमण चैन को तोड़ना जरूरी
 
                 सब्जी बेचने वाले हो या फिर कोरोना फ्रंट वारियर्स यानि डॉक्टर ,नर्स और पुलिस के अफसर, जवान लगातार,निगम कर्मी संक्रमण के घेरे में आ रहे है। बीते दिवस सीआरपीएफ के भरनी कैंप के 19 जवान संक्रमित पाए गए। शहर के विभिन्न वार्डों में कोरोना संक्रमण की स्थिति यह है कि कंटोनमेंट एरिया का दायरा कम करना पड़ रहा है। संक्रमितो की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है।  बिलासपुर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए वार्ड वार मरीजों और संक्रमितों के पाए जाने की रिपोर्ट पुख्ता संकेत दे रही हैं कि शहर में कोरोना संक्रमण चैन को तोड़ने के लिए बिलासपुर शहर में सही मायनों  में लाकडाउन लगाने की  सबसे ज्यादा जरूरी हालात बनते जा रहे है। सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई के पालन हो ताकि आने वाले  बढ़ते मामलों पर फौरी तौर रोक लगाई जा सके।  नगर निगम की सामान्य सभा के बाद से कोरोना संकट का बड़ा खतरा शहरवासियों को है।न सिर्फ पार्षद और उनके परिवार बल्कि प्रत्येक वार्ड के संपर्क में आए  लोग,अधिकारी कर्मी और सम्पर्क में आये लोग, पत्रकार नेतागण और उनके सम्पर्क में आये लोगो मे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। अधिकतर लोगों ने खुद को कवारन्टीन भी किया हुआ है। लेकिन सम्भावित संक्रमण चैन और उसके फैलाव के मद्देनजर बिलासपुर शहर के पूरे वार्डो को सेनेडाइज करने और संपर्क में आये लोगो की जांच कर आइसोलेट करने की आवश्यकता महसूस की जा रही  है । आज जिले के कलेक्टर, एसपी का कोरोना परीक्षण किया जाएगा। पिछले दिनों भी जिला कलेक्टर क्वांरण्टाईन पर चले गए  थे। विधायक शैलेष पांडेय को भी क्वांरण्टाईन का पालन करना पड़ेगा।
 
महापौर,सभापति,आयुक्त पार्षद, अधिकारी कर्मी संक्रमण भी के दायरे में
 
  बिलासपुर में संक्रमण के हालात इस प्रकार है कि नगर निगम आयुक्त, महापौर, सभापति, पार्षद अधिकारी कर्मी तक कोरोना ने दस्तक दे दी है। निगम सभापति के बाद अब मेयर राम शरण यादव भी कोविड संक्रमित पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के करीबी का भी रिपोर्ट पाजीटिव पाया गया है। खबर के बाद कांग्रेस खेमें और खासकर सामान्य सभा में शामिल सभी पार्षदों और अधिकारियों के बीच खलबली मच गयी है। जानकारी देते चलें कि सामान्य सभा के दौरान ही सभापति और मेयर की तबीयत काफी खराब नजर आ रही थी। सामान्य सभा के तत्काल बाद सभापति की दूसरे दिन रिपार्ट पाजीटिव मिला। इसके बाद सभी लोगों का टेस्ट हुआ। एक पार्षद पति भी कोरोना पाजिटिव पाया गया।
 
                मेयर रामशरण के  कोरोना पाजिटिव  आने के कारण बिलासपुर में हड़कंप मच गया है। मेयर रामशरण स्वतंत्रता दिवस समारोह के मंचस्थ मंत्री उमेश पटेल, कमिश्नर सँजय अलंग, विधायक शैलेश पांडे कलेक्टर सारांश मित्तर, एसपी प्रशांत अग्रवाल, समेत जिले अनेक आला अधिकारियों के साथ नजर आए। मंच की तस्वीरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो ऐसा दिखाई नहीं पड़ा। वहीं दूसरी ओर दो दिवस पूर्व 13 अगस्त को निगम की सामान्य सभा के दौरान सत्ता दल के साथ भाजपा के नेता प्रतिपक्ष और पार्षद दल के सदस्य सैकड़ो अधिकारी कर्मी पत्रकार, महापौर और सभापति के संपर्क में आए। इसके बाद पार्षद अपने वार्डो में भी कार्यक्रमो में शामिल हुए और पार्टी की बैठकों में भी भाग लिया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वार्ड के लोगो  से भी खुलकर मुलाकात की।
 
बिलासपुर को लॉक डाउन की जरूरत
  
         नगर निगम बिलासपुर की सामान्य सभा और पिछले 10 दिनों से जिस प्रकार से कोरोना संक्रमण के मामले शहर में बढ़े हैं..देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गयी है। कोरोना के प्रक्रम को शहर की दृष्टि से देखा जाए तो जुलाईं अंतिम तक संक्रमण आउटर सर्किल से इनर कम्युनिटी की ओर वन वे था।  जिसमे कई अवरोध भी थे। लोग भी सजग थे, सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया और स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता, जागरूकता और बचाव के उपाय किए  जा रहे थे। पिछले कुछ दिनों और खासकर10 दिनों में सावधानी हटी दुर्घटना घटी वाली बात बिलासपुर में साकार होता दिखायी दे रही है। रक्षाबंधन त्यौहार से 15 अगस्त पर्व तक मिली छूट से लगे लोगो के जमावड़े  ने कोरोना को आखिर वह मौका दे दिया जिसकी उसे तलाश थी।
 
               बढ़ते आंकड़े और संक्रमितो की  प्रोफाइल देखने पर स्पष्ट होता है कि विगत 10  दिनों इनर सर्कल से आउटर सर्कल की ओर भी कोरोना का संक्रमण बिलासपुर में देखा जा रहा है। जिस पर कोई अवरोध भी नही है। बिलासपुर में दो तरफा फैलाव शुरू हो गया है। बिलासपुर शहर को संक्रमण की डबल श्रृंखला से बचाव को लेकर 7 से 10 दिनों का कड़ाई से लाकडाउन किए जाने की जरूरत है।अब तक हुए lock-down देशव्यापी और प्रादेशिक निर्णय से शहर में लागू हुए।  जिसके कारण शहर की जनता कोरोना के संक्रमण से अब तक बची रही। लेकिन पिछले दिनों हो रहे तेजी से फैलाव को देखते हुए लॉकडाउन की बिलासपुर शहर को सही मायनों में आवश्यकता है। जिससे कोरोना की दो तरफा चैन को समय रहते हैं तोड़ा  जा सके। नागरिक और जनप्रतिनिधियों को इस तथ्य को समझना होगा। 
 
जनप्रतिनिधि  और अधिकारियों को पेश करना होगा मिसाल
 
महामारी में जरा सी भी असावधानी सभी के लिए भारी पड़ सकती है। समुदाय की सुरक्षा के लिए समुदाय के हित में सभी को निर्णय लेना होगा। संदिग्ध लोगों को स्वयं पर सामने आकर समुदाय की भलाई के लिए परीक्षण कराने होंगे। जनप्रतिनिधियों, आला अधिकारियों को चाहिए कि वे आगे आकर उदाहरण समाज के सामने रखे। आज आलम यह है कि शहर की परिधि में सभी वार्ड और मोहल्लों सहित केंद्रीय स्थल ,पाश कॉलोनी और सुरक्षित रह जगहों में भी कोरोना संक्रमण शुरू हो गया है। जल्द से जल्द समुदाय हित में फैसला  प्रशासन को लेना होगा। लॉकडाउन के माध्यम से सोशल डिस्टेंसिंग के उपाय से कोरोना की दोहरी संक्रमण श्रृंखला को रोकने की कोशिश करना होगा। ताकि रायपुर जैसे हालात बिलासपुर में ना बने। भले ही रायगढ़ के भांति बिलासपुर के लोग भी कुछ दिन और लॉकडाउन में रहे। फिर सुरक्षित चक्र में आ जाए।

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