मेरा बिलासपुर

जिला कांग्रेस ने फिर की निष्कासन की मांग..

IMG_20151231_125525बिलासपुर-  विधायक अमरजीत भगत, कवासी लखमा, सियाराम कौशिक, आर.के.राय, दिलीप लहरिया, पूर्व विधायक धरमजीत सिंह, शिव डहरिया और  कांग्रेस से निष्कासित नेता अनिल टाह का बयान दैनिक अखबारों में प्रकाशन को लेकर प्रदेश सचिव महेश दुबे, जिला शहर कांग्रेस कमेटी के महामंत्री धर्मेश शर्मा, प्रमोद नायक, स्वप्निल शुक्ला,  अखिलेश बाजपेयी, हरमेन्द्र शुक्ला , सुभाष ठाकुर और ब्लाक कांग्रेस कमेटी 1 की अध्यक्षा शशि देवांगन ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कड़े शब्दों में निंदा और विरोध किया है।

             संभागीय प्रवक्ता अभय नारायण राय ने बताया कि जिला शहर कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक में प्रत्येक पदाधिकारी अपना विचार रखने के लिए स्वतंत्र है। उपस्थित पदाधिकारियों के बीच गुण-दोष के आधार पर चर्चा होती है। जो निष्कर्ष निकलता है उसे अध्यक्ष के माध्यम से प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा जाता है। अन्तागढ़ चुनाव टेप कांड में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और मरवाही विधायक अमित जोगी का कुछ लोगों को बातचीत करते दिखाया गया है।  प्रजातंत्र में आम जनता के बीच पार्टी की अस्मिता और विश्वास पार्टी को मजबूती प्रदान करता है। IMG_20151215_152958

                 अभय ने बताया कि टेप कांड में पार्टी के वरिष्ट और जिम्मेदार नेताओ के वार्तालाप से पार्टी की छबि धुमिल हो रही है। यह विचार निष्ठावान कांग्रेस कार्यकर्ता ही कर सकता है जो स्वभाविक भी है। इस घटना में विधायक, पूर्व विधायक जिस नैतिकता और पार्टी की संविधान की बात कर संगठन को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे है उन्हे पहले यह सोचना चाहिए कि कांग्रेस के विधान सभा प्रत्याशी रह चुके अनिल टाह जो जिला शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा नगर निगम चुनाव 2014 में 40 निर्दलीय प्रत्याशिओं को चुनाव लड़ाने और महापौर प्रत्याशी रामशरण यादव को हराने, भितरघात के आरोप में 6 वर्ष के लिए निष्कासित है को लेकर संगठन के विरूद्ध बिगुल फूंकना नैतिकता के किस मापदण्ड में आता है।

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                        अभय ने बताया कि उक्त विधायक और पूर्व विधायकों ने अज्ञात षड़यंत्रकारियों ने नाम पर संगठन के नेताओं का अनेकों स्थान पर पुतला दहन कराया । क्या यह कांग्रेस के संविधान के दायरे में आता है? जब पुतला दहन किया जा रहा था तब इन नेताओं ने किसी भी प्रकार से कांग्रेस के हित में बयान देना मुनासिब नहीं समझा।  जबकि अधिकांश पुतला दहन करने वाले जोगी और इन विधायकों के समर्थक है।

                     उन्होने कहा कि ऐसे कृत्यों से पार्टी की छबि खराब हुई है। पूरे छत्तीसगढ़ में नगरी निकाय और पंचायत चुनावों में कांग्रेस की जीत से भाजपा सरकार बौखलायी हुई है। ऐसे में कांग्रेस की छबि खराब करने वाले किसी भी नेता के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही होनी चाहिए। जिला कांग्रेस मांग की मांग भी कि अन्तागढ़ चुनाव टेप कांड में जिन कांग्रेसियों का नाम आया है उन्हे कांग्रेस से निष्कासित किया जाये। उन्होने कहा कि दांग चेहरे पे है, लोग आइना साफ कर रहे है।

            अभय ने बताया कि यदि प्रदेश कांग्रेस जोगी को पार्टी से नहीं निकालती है तो जिला कांग्रेस के कार्यकर्ता ना केवल उनका बहिष्कार करेंगे। बल्कि कांग्रेस कार्यालय जो बाहर रास्ता दिखा देंगे।

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