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जिला चुनाव आयोग से 3 सूत्रीय मांग…कांग्रेस नेता विजय ने कहा…एजेन्टों के सामने निकालें EVM…मोबाइल पर लगाएं प्रतिबन्ध

बिलासपुर— जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को तीन सूत्रीय मांग पत्र पेश किया है। विजय ने बताया कि जब आम लोगों को मतगणना स्थल या चुनाव में मोबाइल लेकर जाने का अधिकार नहीं है। तो यही स्थिति शासकीय कर्मचारियों पर भी लागू होनी चाहिए। विजय केशरवानी ने मांग की है कि मतगणना के समय ईव्हीएम को स्ट्रांग रूम से पार्टी एजेन्ट के सामने निकालकर टेबल तक लाया जाए। यदि ऐसा किया गया तो विश्वनीयता को बल मिलेगा।

              जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण विजय केशरवानी और सुभाष सिंह ठाकुर ने जिला निर्वाचन कार्यालय को तीन सूत्रीय मांग पत्र दिया है। विजय केशरवानी ने अपने मांग पत्र में कहा है कि देखने में आया है कि स्ट्रांग रूम से ईव्हीएम को सीधे टेबल तक लाया जाता है। जब स्ट्रांग रूम से ईव्हीएम को निकाला जाता है तो उस दौरान पार्टी का कोई भी एजेंट नहीं रहता है। बेहतर होगा कि जब स्ट्रांग से ईव्हीएम को निकाला जाए उस समय पार्टी एजेन्ट की उपस्थिति जरूरी हो। ऐसा करने से किसी प्रकार की शंका आशंका की गुंजाइश नहीं रहेगी।

              केशरवानी ने बताया कि पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए हमने जिला निर्वाचन कार्यालय से कहा है कि मतगणना स्थल पर शासकीय और गैर शासकीय सेवकों और अधिकारियों को मोबाइल ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाए। मतदान के दौरान शासकीय सेवकों के पास मोबाइल थी। लोगों ने उपयोग भी किया। इसके अलावा अन्य लोगों को बूथ तक मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित था। बेहतर होगा कि जिला निर्वाचन अधिकारी मतगणना करने वाले कर्मचारियों को मौके पर मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध लगाए।

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                    केशरवानी ने कहा कि जैसा की जिला निर्वाचन अधिकारी ने समय समय पर बताया है कि आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए जिला निर्वाचन के पास अतिरिक्त ईव्हीएम रिजर्व में है। इसके अलावा बैलेट यूनिट,कन्ट्रोल यूनिट और अतिरिक्त व्हीव्हीपेट यूनिट है। कांग्रेस पार्टी की मांग है कि सभी अतिरिक्त यूनिटों को मतगणना के पहले सील बन्द कर अलग से स्ट्रांग में रखा जाए।

    केशरवानी और सुभाष ने कहा कि सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाए। इससे पार्टी और प्रत्याशियों के साथ जनता में आयोग के प्रति विश्वास जगेगा। प्रक्रिया के प्रति उंगली उठाने का भी मौका नहीं मिलेगा।

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