मेरा बिलासपुर

जिला शिक्षा अधिकारी पर आरोपों की झड़ी

IMG-20150928-WA0018बिलासपुर— छत्तीसगढ़ कर्मचारी संघ के बैनर तले शिक्षकों ने आज एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर जिला शिक्षा अधिकारी को हटाने की मांग की है। शिक्षकों का आरोप है कि हेमन्त उपाध्याय की मनमानी के चलते सैकड़ों शिक्षक परेशान हैं। यदि पन्द्रह दिनों के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी का स्थानान्तरण नहीं किया जाता है। तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

             नेहरू चौक पर धरना प्रदर्शन के बाद कर्मचारी नेता श्याममूरत कौशिक की अगुवाई में शिक्षकों ने आज कलेक्टर से भेंटकर जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत की है। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी विभाग को सरकार के आदेश के विपतरीत अपनी मर्जी से चलाना चाहते हैं। बात बात पर हेमन्त उपाध्याय शिक्षकों और विभाग के कर्मचारियों को निलंबित करने और सीआर बरबाद करने की धमकी देते हैं। कलेक्टर को लिखित शिकायत में कर्मचारियों ने बताया कि इन दिनों स्थानंतरण के नाम पर जिला शिक्षा अधिकारी जमकर लूट खसोट कर रहे हैं।

           नेहरू चौक पर आयोजित एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेता श्याममूरत कौशिक और अन्य वक्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ जमकर आग उगला। श्याम मूरत ने बताया कि स्थानांतरण से लेकर मध्यान्ह भोजन तक जमकर धांधली चल रही है। यह सब जिला शिक्षा विभाग के प्रमुख उपाध्याय की निगरानी में हो रहा है। जो भी कर्मचारी इसका विरोध करता है हेमन्त उपाध्याय उसे स्थानांतरण और निलम्बन की धमकी देकर मुंह बंद कर देते हैं। कर्मचारी ने कौशिक ने बताया कि हेमन्त उपाध्याय इन दिनों शिक्षा विभाग में आतंक के पर्याय बन चुके हैं।

मिनटों में मिट गया..बिलासपुर का गवाह

                 श्याम मूलत और अन्य कर्मचारी नेताओं ने कलेक्टर से मिलकर बताया कि हेमन्त उपाध्याय के अधीन काम करने वाली महिला कर्मचारी अपने आप को असुरक्षित महसूस करती हैं। उनसे निजी जिन्दगी से संबधित अनर्गल वार्तालाप करने का प्रयास किया जाता है। जो भी शिक्षिका इस बात का विरोध करती है उसे निलम्बित करने की धमकी दी जाती है।

               कौशिक ने कलेक्टर से बताया कि डीईओ ने बीआरसी,बीआरपी, और सीएसी की नियुक्ति को लटका कर रखा है। प्रत्येक तीन महीने में होने वाली परामर्शदात्री की बैठक एक साल से नहीं हुई है। सरकार से अनुमोदन के बाद भी स्थानांतरण में लेन देन का खेल चल रहा है। जो रूपए देने में असमर्थ है उसे डराया धमकाया जा रहा है। श्याममूरत ने बताया कि कमीशन नहीं मिलने के कारण अभी तक स्कूलों को अनुदान राशि नहीं दिया गया है।

                   मीडिया से जिला शिक्षा अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कौशिक ने कहा कि विभाग का मुखिया तानाशाह हो गया है। मध्यान्ह भोजन वाले शिक्षकों को अनावश्यक डराया धमकाया जाता है। स्कूलों में अभी तक गणवेस का वितरण नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने प्रेस को बताया कि हमने 21 बिन्दू का एक आरोप पत्र कलेक्टर के सामने रखते हुए जांच की मांग की है। साथ जिला शिक्षा अधिकारी का स्थानांतरण किया जाने का भी निवेदन किया है।

             कर्मचारियों ने बताया कि यदि जिला शिक्षा अधिकारी का पन्द्रह दिन के नहीं हटाया गया तो हम लोग सामुहिक हड़ताल कर आंदोलन को उग्र करेंगे।

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