जिला सहकारी बैंक संचालक बोर्ड पर बर्खास्तगी की तलवार..सभी सदस्यों को नोटिस…रजिस्टार ने कहा, जवाब के बाद कार्रवाई

बिSAHKARITA_GRADE_VISUAL 003लासपुर—रजिस्टार सहकारी संस्थाएं रायपुर ने बिलासपुर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष समेत सभी संचालकों को नोटिस भेजकर सदस्यता निरस्त करने का फरमान दिया है। रजिस्टार कार्यालय से जारी नोटिस के अनुसार सभी 11 संचालकों से नोटिस में कहा गया है कि क्यों ना उनके चुनाव को अपात्र घोषित कर दिया जाए। संचालकों को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा गया है। जवाब नहीं मिलने की सूरत पर  माना जाएगा कि सभी संचालक सदस्य कारणों को सही मानते हैं।

               रायपुर स्थित रजिस्टार सहकारी संस्थाए कार्यालय से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर संचालक मंडल के सदस्यों को अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस के अनुसार रजिस्टार ने संचालक मंडल के सभी 11 सदस्यों को उनके चुनाव को निरस्त करने का आदेश दिया है। रजिस्टार के अनुसार जिला सहकारी बैंक के सभी संचालक सदस्य चुनाव के योग्य नहीं होेते हुए भी चुनाव लडे। प्रशासन को अंधेरे में रखकर चुनाव भी जीता। छानबीन के दौरान मालूम हुआ कि सभी 11 सदस्य सहकारिता के नियमों का पालन नहीं करते हैं। इसलिए उनकी सदस्यता को निरस्त किया जाए।

आखिर क्या है चुनावी योग्यता

           सहकारिता नियम के अनुसार संचालक सदस्य बनने के लिए कुछ नियम है। इन नियमों का पालन करने वाले ही डायरेक्टर का चुनाव लड़ सकते हैं। इन नियमों में प्रमुख रूप से सहकारी संस्थाएं समितियों को डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। समितियों को समय पर कर्ज पटाना अनिवार्य है। जिन समितियों पर सरकार का ऋण है उन्हें  समय पर कर्ज पटाना अनिवार्य है। इसके सहकारी समिति का सदस्य को डायरेक्टर की योग्यता के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं देना अनिवार्य है। बिना कर्ज लिए सहकारी समिति का सदस्य चुनाव नहीं लड़ सकता है। चुनाव के बिना सहकारी समिति का सदस्य संचालक नहीं बन सकता है। जिला सहकारी बैंक डायरेक्टर बनने के लिए इन चारो या चारों में कोई एक शर्त का होना जरूरी है।

               रजिस्टार ने सभी संचालकों को पत्र लिखकर बताया है समितियों ने सरकार से ऋण तो लिया लेकिन उधारी को लौटाया नहीं। समितियों ने समय पर कर्ज का किश्त नहीं दिया। इन समितियों को शासन ने डिफाल्टर घोषित कर दिया है। बावजूद इसके समिति के सदस्यों ने चुनाव लड़ा। उनका चुनाव नियम विपरीत है। इसी तरह कुछ सदस्यों ने लम्बे समय से लिए गए ऋण को आज तक नहीं पटाया है। इसके अलावा समितियों ने आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के लिए ना तो कर्ज ही लिया। और ना ही जिला सहकारी संघ को मजबूत बनाने की दिशा में अंशदान ही दिया। इस सूरत में बिलासपुर जिला सहकारी बैंक के सभी 11 संचालकों का चुनाव गैर वैधानिक है। क्योंकि सहकारिता सिध्दांत के अनुसार बिना कर्जा लिए चुनाव नहीं और चुनाव बिना कोई संचालक नहीं बन सकता है। इस तरह जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुन्नालाल रजवाड़े और संतोषी बाई का चुनाव पूरी तरह गैर संविधानिक है।

मुन्नालाल रजवाड़े

                      रजिस्टार से जारी नोटिस के अनुसार मुन्नालाल रजवाड़े गोपाल दुग्ध सहकारी समिति कोरबा के सदस्य हैं। समिति ने आज दिनांक तक कोई उधार या ऋण नहीं लिया है। ऐसी सूरत में मुन्नालाल रजवाड़े अऋणी सदस्य हैं। शर्त के अनुसार अऋणी सदस्य ना तो चुनाव लड़ने का अधिकारी होता है और ना ही मत देने की पात्रता रखता है। मुन्नालाल की समिति ने पिछले कई महीनों से अंशदान जिला सहकारी संघ को नहीं दिया है। इस सूरत में मुन्नालाल रजवाड़े का चुनाव अवैध माना जाएगा।

                     इसी तरह संचालक मण्डल की सदस्य संतोषी बाई की समिति ने भी किसी प्रकार का अंशदान नहीं दिया है।

सभी 11 डायरेक्टरो पर गिरेगी गाज

               रजिस्टार ने डायरेक्टरों को नोटिस जारी कर उनके चुनाव को निरस्त करने को कहा है उनमें प्रमुख रूप से सेवा सहकारी समिति मोपका के अम्बिका प्रसाद तिवारी, सेवा सहकारी समित सोंढी के मंतूलाल पोर्ते, सेवा सहकारी समिति मंडवा  जांजगीर चांपा के केदीराम यादव,  सेवा सहकारी समिति घिवरा जांजगीर चांपा से जगतराम पटेल…सेवा सहकारी समिति किरारी जांजगीर चांपा से बलराम पटेल,आदिम जाति सेवा सहकारी समिति रामपुर कोरबा से देवनारायण सिंह , गोपाल दु्ग्ध सहकारी समिति कोरबा से मुन्ना लाल रजवाड़े, श्रीराम बुनकर समिति सिवनी से संतोषी बाई, सेवा सहकारी समिति पुरैना बिलासपुर से जतीराम साहू, सेवा सहकारी समिति चोरिया से गाडासाय देवांगन, सेवा सहकारी समिति निरजाम मुंंगेली से रामकमल सिंंह का नाम प्रमुख है।

              नोटिस के अनुसार सभी 11 सदस्य संचालक की योग्यता नहीं रखते हैं। चुनाव के दौरान सभी ने प्रशासन को अंधेरे में रखा। सभी ने चारो या किसी ना किसी एक नियम का पालन नहीं किया है। इसलिए सभी 11 सदस्यों को संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर सदस्यता को निरस्त कर संचालक मंडल को भंग कर दिया जाएगा।

जवाब के बाद कार्रवाई

           सहकारी संस्थाएं रजिस्टार रायपुर जे.पी.पाठक ने बताया कि जिला सहकारी बैंक को पत्र भेजा गया है। इसके अलावा संचालक मंडल के सभी डायरेक्टर को नोटिस दिया गया है। जवाब मिलने के बाद कार्रवाई होगी। जानकारी के अनुसार चुने गए सभी 11 संचालक सहकारिता के नियमों का पालन नहीं करते हैं। नियमानुसार कार्रवाई होगी। जिला सहकारी बैंक सीईओ को आदेश पर अमल करवाने को कहा गया है।

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