जेल से छूटते..जोगी का सीएम पर हमला…पत्नी ने लगाया तिलक..उतारी आरती…कहा…खोलूंगा भ्रष्टाचार की पोल

बिलासपुर— जोगी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी को जमानत आदेश पर आज  पेंड्रारोड उपजेल से शाम साढ़े चार बजे रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर निकलते ही ऋचा जोगी ने पत्नी धर्म निभाते हुए अमित जोगी का तिलक के बाद आरती से स्वागत किया। इस दौरािन लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह, जनता काँग्रेस जे जिला अध्यक्ष ज्वाला प्रसाद चतुर्वेदी ,कार्यकारी जिलाध्यक्ष मालिक राम डहरिया, विक्रांत तिवारी और अमित जोगी के बहुत करीबी समीर अहमद बबला प्रमुख रूप से मौजूद थे।

                 जेल से रिहा होने के बाद अमित जोगी ने पत्रकारों से चर्चा। सवालों का जवाब देते हुए कहा कि परमपिता परमेश्वर, मेरे माता-पिता और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मेरे कठिन समय में साथ दिया। सबकी दुआओं का असर है कि आज मैं जेल से बाहर आया हूं। न्यायपालिका ने मेरे विश्वास को और पुख्ता किया है। छत्तीसगढ़ में जंगलराज नहीं बल्कि कानून का राज है।
               अमित जोगी ने कहा कि आगामी नगरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव पर भी चर्चा की । उन्होने कहा कि  मैंने पढ़ा और सुना है कि छत्तीसगढ़ की सरकार गांधीजी के 150 वीं जयंती के अवसर पर जोर शोर से पद यात्राएं निकाल रही है। सच्चाई तो यह है कि पद पाने के लिए यात्राएं निकाली जाएंगी। गांधीजी के 150 वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार और मुखिया का ध्यान पांच बातों की ओर खींचना चाहूंगा। पहली बात पिछले 7 महीनों में छत्तीसगढ़ में  देश की तुलना में शराब बिक्री में अग्रणी राज्य बना है। छत्तीसगढ़ की गरीब आदिवासियों की जल-जंगल- जमीन को प्रदेश सरकार उद्योगपतियों को बंद कमरे में बांट रही है। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को आरएसएस की सदस्यता लेने की खुली छूट दे रही है। गौठान में गायों की भूख से मौतें हो रही है। जिस तरह अंग्रेजी हुकूमत में पुलिस तंत्र का दुरुपयोग किया जाता  था . ठीक उसी तरह  सरकार अपने विरोधियों को दबाने और कुचलने के लिए पुलिस तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।
                           अजीत जोगी पर एफआईआर के सवाल पर अमित जोगी ने कहा कि हम एफआईआर के खिलाफ लगातार चुनौती दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया ने गांधी जयंती के अवसर पर संदेश दिया है कि गांधीजी ने  जेल यात्राओं के दौरान हताशा को कभी पास नहीं आने दिया। जेल यात्राओं के बाद हर बार संघर्ष की नई चिंगारी पैदा कर आजादी का बिगुल फूंका। मैं भी इस बात से इत्तफाक रखता हूं। जेल यात्रा में मैंने भी हताशा और निराशा में खुद को डूबने नहीं दिया । मैं और मेरे कार्यकर्ता जेल यात्रा के बाद छत्तीसगढ़ सरकार के भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, तानाशाही, शराब खोरी, प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग मामलो को लेकर सरकार के खिलाफ संघर्ष करेंगे। जोगी ने कहा कि जब भी अस्पताल में भर्ती रहा मेरे पिताजी ने मुझे हमेशा घायल शेर कहकर हौसला अफजाई की है। इसके लिए मैं अपने पिता का आभारी हूँ।
जेल के बाद माता दर्शन और आशीर्वाद
                 मोबाइल पर समीर अहमद बबला ने बताया कि जेल से निकलने के बाद अमित जोगी वरिष्ठ लोगों से आशीर्वाद लिया। इसके बाद पेन्ड्रा रोड स्थित मरीमाई का दर्शन किया। अमित जोगी पेन्ड्रा से रवाना होकर महामाया का दर्शन करेंगे। इसके बाद देर रात बिलासपुर स्थित मरवाही सदन पहुंचेगे।

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