जोगी ने कहा…गणित को अनिवार्य खण्ड से हटाया जाए…कला वाणिज्य और ग्रामीण छात्रों को हो रहा नुकसान

रायपुर–मरवाही विधायक अमित जोगी ने राज्य लोक सेवा आयोग और व्यापम परीक्षाओं में सभी अभ्यर्थियों में संतुलन बनाये जाने को कहा है। अमित जोगी ने कहा कि इन परीक्षाओं में गणित विषय को वैकल्पिक बनाया जाए। जोगी ने राज्य लोक सेवा आयोग अध्यक्ष के.आर.पिस्दा को पत्र भी लिखा है। जोगी के अनुसार हर साल लगभग 1 लाख 25 हज़ार छात्र.छात्राएं लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में भाग लेते हैं। 75 से 80 अभ्यर्थी मतलब लगभग 60 से 65 अभ्यर्थी कक्षा 12 वीं में कला वाणिज्य या विज्ञान विषयों की पढाई करते हैं।  ऐसे अभ्यर्थियों का गणित विषय से संपर्क काफी सालों से छूटा हुआ रहता है।

                   जोगी के अनुसार लोक सेवा आयोग की वर्तमान परीक्षा विधि में मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम में गणित विषय की परीक्षा अनिवार्य है। जिस वजह से कलाए वाणिज्य विज्ञान विषयों के छात्र.छात्राओं के साथ.साथ ग्रामीण क्षेत्रों के आदिवासी बच्चों को भी लोक सेवा आयोग में चयन के लिए परेशानियों से गुजरना होता है। जोगी ने व्यापम में भी लगभग यही स्थिति होने की बात कही है।

                  जोगी ने बताया कि व्यापम की विभिन्न परीक्षाओं में प्रतिवर्ष लगभग 2 से 3 लाख लोग भाग लेते हैं। लगभग 60 फ़ीसदी अभ्यर्थी कला वाणिज्य या विज्ञान के होते हैं। व्यापम की परीक्षाओं में भी गणित अनिवार्य होने के कारण अभ्यर्थियों का व्यापम में चयन नहीं हो पाता।

            जोगी ने इन परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में बदलाव की जरुरत होने की बात कही है। साल 2012 के बाद से राज्य लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। विद्यार्थियों ने पिछले 3 सालों से राज्य लोक सेवा आयोग और व्यापम परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में बदलाव किये जाने के लिए सभी विषयों के अभ्यर्थियों के बीच संतुलन बनाये रखने राज्य लोक सेवा आयोग के समक्ष ज्ञापन सौंपा है। लेकिन आयोग ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है।

                  अमित जोगी ने पीएससी अध्यक्ष पिस्दा से निवेदन किया है कि  इन परीक्षाओं के पाठ्यक्रम की समीक्षा कर वर्तमान समय की जरूरतों के अनुसार बनाया जाए।

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