जोगी ने क्यों कहा…पहली बार मनाया क्रांति दिवस….आजादी में नहीं कटवाया नाखून

byte_3 ajit jogiरायपुर– पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने क्रांति दिवस पर जाबाज सेनानियों को नमन कर कहा कि देशवासी भारत मां के वीर सपूतों का हमेशा ऋणी रहेंगे।  जिन्होंने त्याग और बलिदान से विदेशी हुक्मरानो को देश के बाहर खदेड़ा। भाजपा पर निशाना साधते हुए जोगी ने कहा कि इस बार क्रांति दिवस पर कुछ अजूबा हुआ। प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के कसीदे पढ़कर चौंका दिया है। 
                       क्रांति दिवस पर देश के अमर सेनानियों को अजीत जोगी ने याद किया। उन्होने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बार क्रांति दिवस पर देशवासियों को कुछ अजूबा देखने को मिला है।क्रांति दिवस पर अचानक सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने आजादी के अलमबरदारो को स्वतंत्रता प्राप्ति के 70 वर्ष बाद नमन और स्मरण किया है।
               जोगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सेनानियों को नमन करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को शौर्य और तारीफो के कसीदे पड़कर याद किया। निश्चित रूप से देश भक्तों के लिए यह घटना और अजूबा है। भाजपा और प्रधानमंत्री ने इसके पहले कभी भी क्रांति दिवस नहीं मनाया। शायद वह शर्मिंदा हैं कि भाजपा और उनकी मातृसंस्था आरएसएस के पूर्वजो ने स्वतंत्रता आंदोलन से अपने आप को अलग रखा था। दोनो संगठनों के अग्रजों ने आजादी के लिए त्याग और बलिदान तो दूर अपनी ऊंगली का नाखून तक नहीं कटवाया। भाजपा और संघ को यह बात कचोटती होगी। उनके पूर्वजो ने अक्षम्य राष्ट्रीय अपराध किया है।
                                         जोगी ने बताया कि क्रांति दिवस पर प्रधानमंत्री ने दिवस की महत्ता पर पहली बार भव्य आयोजन किया।  मीडिया में करोड़ो के विज्ञापन देकर 9 अगस्त 1942 के अवसर पर अपने पूर्वजो की अनुपस्थिति को लेकर अहसास किया है। जोगी ने कहा कि प्रधानमंत्री का दायित्व बनता है कि कांति दिवस को सार्थक सिध्द करने के लिए देश की एकता, अखण्डता एवं साम्प्रदायिक सौहाद्र की सुरक्षा का संकल्प लें। क्योंकि आज साम्प्रदायिक दलों और संगठनो की उन्मादी हरकतों, अपराधिक गतिविधियों से देश का सौहाद्र पूर्ण वातारण खतरे में है।

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