मेरा बिलासपुर

झमाझम बारिश से शहर तरबतर

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बिलासपुर- ।बिलासा की नगरी में गुरूवार की देर शाम शुरू हुई बारिश पूरी रात और शुक्रवार की सुबह तक शहर को तर-बतर करती रही । आसमान से झमाझम बरस रही इंद्रदेव की कृपा से लोग एक झटके में ही सड़ी और उमस भरी गर्मी से कुछ दिनों के लिये ही सही पर, निजात पा गये । इस बारिश ने खेती किसानी के काम में जुटे ग्रामीणों को खुश कर दिया, वहीं बारिश के कारण लाईट गोल होने और सडकों के गडढों में भरे कीचड-पानी ने शहरियों को त्रस्त कर दिया । कल रात से शुरू हुई इस बारिश के तडके सुबह भी जारी रहने के कारण मार्निंग वाकर्स को छाते की शरण में जाना पडा । बच्चों को तैयार कर सुबह की स्कूल में भेजने वाली गृहणियां भी सुबह-सुबह हो रही बारिश को कोसती रहीं । एक छत्तीसगढी कहावत में कहा गया है कि–बिहनिया के झगरा, अउ रतिहा के पानी….! मतलब यह कि सुबह शुरू हुआ झगड़ा और रात को शुरू हुई बारिश जल्दी नही थमती ।

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तेज बारिश की वजह से अरविंद मार्ग वार्ड नं ५९ राम कृष्ण परमहंस वार्ड  की गलियों में लबालब पानी भर गया। जिसे लेकर मोहल्ले  के लोगो  में भारी आक्रोश नजर आया। उनका कहना है कि  व्वयस्था सुधर जाने के आश्वासन का यह तीसरा कार्यकाल है,वर्तमान मे हमारे पार्षद नगर निगम के एम आई सी मेंबर हैं फिर भी   सुधार के इंतजार मे समस्त वार्डवासी तकलीफ भोग रहे हैं।

बहरहाल, अभी छत्तीसगढ में न केवल नदी, नालों वरन खेतों को भी लबालब होने के लिये झमाझम बारिश की जरूरत है ।  मानसून शुरू होने से अब तक बरसात का औसत नीचे की ओर झुका दिख रहा था और इसके कारण किसानों को डरावने सपने आने लगे थे । इस बारिश ने ऐसी तमाम आशंकाओं को निर्मूल कर दिया है । उम्मीद की जानी चाहिये कि गांवों-शहरों को तरबतर कर देने  वाली यह बारिश खुरखेत बरसने के बाद कुछ दिनों के लिये थम कर किसानों को बोनी और रोपा कार्य हेतु पर्याप्त समय प्रदान करेगी ।

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