ट्रांसपोर्ट नगर का अमृत पानी..

DSCN1539बिलासपुर– अजब है लेकिन सच है। ट्रांसपोर्ट नगर के सभी व्यावसायी पानी मिले या नहीं मिले पानी कनेक्शन का भुगतान जरूर करते हैं। आठ सौ रूपए प्रति माह। बहुत सिफारिश के बाद निगम कर्मचारी को जब तरश आता है तो पम्प चालू कर देता है। यदि नाराज हो गया तो व्यापारियों को घर से पानी लेकर जाना पड़ता है। लेकिन बिल प्रत्येक माह आठ सौ रूपए ही भरना पड़ता है।

                                       टीपी नगर को यदि बिलासपुर स्मार्ट सिटी का काला पानी कहें तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। सड़क,पानी,बिजली का यहां भगवान ही मालिक है। यदि भगवान मालिक होता तो शायद शिकायत नहीं होती। लेकिन नगर निगम के तानाशाही और अंधेरगर्दी से व्यापारी जरूर परेशान हैं। यहां पानी का नियमित सेवा हो या ना हो लेकिन व्यापारियों को हर माह नल कनेक्शन का चार्ज आठ सौ रूपए देना ही होता है।

                    व्यापारियों ने मंत्री से लेकर संत्री तक कई बार शिकायत की। लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात साबित हुए है। आक्रोशित व्यापारियों ने तो एक बार अपनी समस्याओं को लेकर 15 सितम्बर को विशाल धरना प्रदर्शन का भी आयोजन किया था। उसके बाद कलेक्टर और निगम कमिश्नर का घेराव भी किया। लेकिन सारे प्रयास बेनतीजा साबित हुए। एक बार जरूर आक्रोशित व्यापारियों का मन रखने के लिए निगम कमिश्नर और जिला कलेक्टर टीपी नगर का दौरा किया। उस समय ऐसा लगा कि व्यापारियों की सारी समस्या पन्द्रह दिनों में खत्म हो जाएगी। लेकिन धीरे धीरे कर तीन महीना गुजर गया लेकिन टीपीनगर के व्यापारियों की समस्याएं वहीं वहीं है।

      व्यापारियों ने बताया कि मुश्किल से दो बाल्टी पानी उन्हें प्रतिदिन निगम से मिलता है। कभी कभी तो वह भी नसीब नहीं होता। ऐसी स्थिति में हम अपने घर से पानी लाते हैं। पानी व्यवस्था को लेकर हमने कई बार निगम और कलेक्टर कार्यालय में शिकायत की। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। महापौर भी टीपी नगर की समस्या को देखकर भाग जाते हैं। हमने मंत्री महोदय के सामने भी अपनी फरियाद रखी । आदेश के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

              टीपी नगर व्यवसायी जसपाल सिंह छावड़ा ने बताया कि यदि पूंजी नहीं लगी होती तो हम टीपीनगर की ओर कभी झांकते ही नहीं। पिछले जन्म में हमने कोई बहुत बड़ा गुनाह कर दिया है कि जिसकी सजा हमें टीपीनगर में व्यासाय करने के रूप में मिल रही है। उन्होंने बताया की यहां का व्यापार रामभरोसे चल रहा है। जसपाल ने सीजी वाल से बताया कि टीपी नगर में निगम ने सार्वजनिक नल नहीं लगवाया है। लेकिन हमारे नल कनेक्शन को व्यावसायिक बताकर प्रतिमाह आठ सौ रूपए लिया जा रहा है। जबकि शुल्क का निर्धारण खपत के आधार पर होना चाहिए। क्षेत्र विशेष के आधार पर नहीं।

            छावड़ा के अनुसार कोरबा मे सर्वसुविधा युक्त कनेक्शन होने के बाद भी मात्र दो सौ रूपए शुल्क लिया जाता है। वहां पानी की सप्लाई भी नियमित होती है। हर जगह कनेक्शन है। लेकिन बिलासपुर में ऐसा नहीं है। छावड़ा ने बताया कि हमन प्रशासन से प्रत्येक दस दुकान के बाद सार्वजनिक नल कनेक्शन की मांग की है। बावजूद इसके प्रशासन ने अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया है। बस कभी कभी पानी की सुविधा मिलने के नाम हर माह आठ सौ रूपए वसूला जा रहा है। उन्होंने बताया कि हम चारों तरफ से मारे जा रहे हैं।यदि हमारी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो या तो आंदोलन करेंगे या फिर टीपी नगर को हमेशा के लिए छोड़ रोजी रोटी कहीं और तलाशेंगे।

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