मेरा बिलासपुर

डेंगू से भयभीत हुआ स्वास्थ्य महकमा

impact-2 visualबिलासपुर—बिलासपुर में भले ही डेंगू के डंक ने बहुत ज्यादा कोहराम नहीं मचाया हो लेकिन मरीजों की संख्या दिनो दिन बढ़ती ही जा रही है। आंकड़ों की लिहाज से बिलासपुर का मात्र एक मरीज ही मौत को गले लगाया है। लेकिन मरीजों की संख्या ने स्वास्थ्य विभाग को गुलाबी ठंड़ में तरबतर कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग इस मामले को बाहरी स्तर पर भले ही सामान्य बता रहा हो लेकिन हकीकत कुछ और ही है। एक सप्ताह पहले सीएमएचओ ने सीजी वाल को बताया था कि डेंगू से हम निपटने के लिए तैयार हैं। हमने अपनी व्यवस्था को पुख्ता कर लिया है। बावजूद इसके अब सारी तैयारी सामने आने लगी है। मरीजों के साथ ही अस्पताल प्रबंधन में भी दहशत समाने लगा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक महज एक व्यक्ति की मौत डेंगू से हुई है। इसमें कितनी सच्चाई है यह तो पता नहीं लेकिन हाल फिलहाल 21 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जो विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं।

जानकारी के अनुसार बिलासपुर में इलाज करवा रहे ऐसे तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है जो अन्य जिलों से आकर शहर में इलाज करवा रहे थे। लेकिन स्वास्थ्य अमला यह मानने को तैयार नहीं है कि इनकी मौत डेंगू से हुई है। तीन मरीजो की मौत के कारणों का भी किसी ने खुलासा नहीं किया है कि आखिर उनकी मौत किस रोग से हुई है।

डेंगू को लेकर वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी सूर्य प्रकाश सक्सेना कहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग पूरी सक्रियता के साथ अपना काम कर रहा है। डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन अभी तक बिलासपुर में किसी भी मरीज की मौत डेंगू से नहीं हुई है। सीजी वाल ने जब पूछा कि तमाम तैयारियों और निर्देशों के बाद आखिर डेंगू का लगातार प्रकोप क्यों बढ़ रहा है कि सवाल पर उन्होने सिर्फ गोल मोल जवाब दिया। उन्होंने इस सवाल पर मौन साधना ही बेहतर समझा कि प्रायमरी हेल्थ सेंटरों में डेंगू को लेकर जागरूकता पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया। बहरहाल जिले में लगातार डेंगू मरीजों की संख्या में बृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है।

निर्वाचन कार्यों को गंभीरता से लें....छिब्बर

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