डेयरी टेक्नॉलॉजी कॉलेज के नये विस्तार भवन का लोकार्पण

dairt_tech_raipurरायपुर।डेयरी टेक्नॉलॉजी शिक्षा क्षेत्र के मध्य भारत के एक मात्र महाविद्यालय रायपुर में संचालित किया जा रहा है। इस दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के विद्यार्थी अब सर्वसुविधा युक्त नए भवन में पढ़ाई करेंगे। कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार शाम महाविद्यालय परिसर में नए विस्तार भवन का लोकार्पण किया। उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता की। इस मौके पर बी.टेक. डेयरी टेक्नॉलॉजी के प्रथम वर्ष में प्रवेश लिए विद्यार्थियों के लिए उन्मुखीकरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मंत्रीद्वय में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए डेयरी टेक्नोलॉजी शिक्षा के साथ-साथ पशुधन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने महाविद्यालय के विभिन्न संकायों द्वारा प्रकाशित पुस्तिकाओं का विमोचन किया।

                                   कृषि मंत्री ने कहा कि महाविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें देश के 20 डेयरी टेक्नॉलॉजी शिक्षा महाविद्यालयों में से एक महाविद्यालय में पढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने छात्र-छात्राओं का आग्रह करते हुए कहा कि वे शिक्षा लेने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पशुपालन के प्रति जागरूकता लाने का काम करेंगे। अग्रवाल ने कहा कि प्राचीन समय में पशुधन से लोगों की समृद्धि का आकलन किया जाता था। समय के साथ-साथ पशुपालन करने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है। आज फिर से पशुपालन को बढ़ावा देने की जरूरत है।

                                 उच्च शिक्षा मंत्री पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज छत्तीसगढ़ में कृषि, विधि, सूचना प्रौद्योगिकी सहित अन्य रोजगारोन्मुखी राष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षण संस्थाएं खुल गई हैं। राज्य के युवाओं को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अच्छी सुविधा मिल रही है। श्री पाण्डेय ने कहा कि हमारे देश में विकास के नए दौर में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में टेक्नॉलॉजी का उपयोग काफी बाद में शुरू हुआ है। उन्नत तकनीक से नगद फसल लेने वाले किसानों की आर्थिक हालत हमेशा से अच्छी रही है। खेती-किसानी, पशुपालन और मछलीपालन जैसे काम-धंधे के महत्व को जानने के लिए हमे ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था को समझने की जरूरत है। ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था के विकास में कृषि के अलावा पशुपालन और डेयरी विकास का महत्वपूर्ण योगदान है। दुधारू पशुपालन से ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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