मेरा बिलासपुर

दर्रीघाट मे लोगो ने सुना “रमन के गोठ”

rkg_jan15बिलासपुर। मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह के गोठ हमर गांव के जनता के हित के योजना के गोठ यानि हमरेच हित के गोठ आय। उक्त बातें आज मस्तूरी विकासखण्ड के ग्राम दर्रीघाट में रमन के गोठ सुनने के लिए आयोजित कार्यक्रम में पूर्व जनपद सदस्य मुकेश बंजारे ने कही। मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह के ’’रमन के गोठ’’ का 5वां प्रसारण रविवार को प्रातः 10.45 बजे से 11 बजे तक किया गया। इस अवसर पर मस्तूरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत दर्रीघाट में उक्त कार्यक्रम के रेडियो प्रसारण सुनने की व्यवस्था की गई थी। गोठ के प्रसारण समाप्त होने के पश्चात् इस संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए श्री बंजारे ने कहा कि प्रदेश में संचालित योजना के बारे में प्रदेश के मुखिया ने जानकारी दी। उनकी बात बताने का मतलब उन योजनाओं की सही क्रियान्वयन हो और ग्रामीणों तक उनका लाभ मिले। उन्होंने अपने में मनरेगा के तहत् जल्द काम प्रारंभ करने की अपेक्षा प्रशासन से की।

गांव की श्रीमती गंगोत्री ने कहा कि अब गरीब मन के बेटी के बिहाव बर 15 हजार के जगह 30 हजार मिलही अच्छेच बात आय ना। 11वीं कक्षा की छात्रा दामिनी पटेल ने रमन के गोठ सुनने के बाद कहा कि आगंनबाड़ी में गुणवत्ता उन्नयन अभियान के बारे में मुख्यमंत्री जी ने जो जानकारी दी, यह सुनकर उसे बहुत अच्छा लगा कि महिलाओं एवं बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों के हित के लिए सरकार द्वारा उठाएं गए कदम के बारे में बताया। यह जानकर भी उसे बहुत अच्छा लगा, क्योंकि वह भी एक किसान की बेटी है। कु. अंजली बंजारे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इससे हम युवाओं को देश और समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल की प्राचार्य  कृष्णा मण्डल ने रमन के गोठ को एक बहुत अच्छा कार्यक्रम बताते हुए कहा कि इसके द्वारा हमें पता चलता है कि शासन हमारे हित के लिए क्या काम कर रही हैं।

इस अवसर पर एसडीएम श्री टी.सी. अग्रवाल ने कहा कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी रमन के गोठ में दी जाती है। ग्रामीणों को उसका लाभ उठाना चाहिए। आज रमन के गोठ में सूखा राहत में किसानों को दी जाने वाली राशि के बारे में मुख्यमंत्री जी ने स्वयं बताया है। इसके बारे में आम जनता जागरूक रहेगी, तो भ्रष्टाचार नहीं होगा। बच्चों को भी रेडियो में सुनने की आदत अभी से डालनी चाहिए।

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