दावा भुगतान पर अधिकारियों को फटकार..कुजुर ने कहा..गलत आंकड़ों ने किया बंटाधार…कहा होगी कार्रवाई

बिलासपुर— कृषि उत्पादन आयुक्त सुनील कुजूर की अध्यक्षता में मंथन सभागार में बैठक हुई। कुजूर ने अधिकारियों के साथ खरीफ और रबी को लेकर चिंता और परामर्श दोनों पर ही चिंता जाहिर की। संभागस्तरीय समीक्षा बैठक में कुजूर ने अधिकारियों को किसानों के हित को प्राथमिकता के साथ लेने का निर्देश दिया। योजनावार काम का चिन्हांकन कर 12 महीनें माॅनिटरिंग करने का आदेश भी दिया। कृषि उत्पादन आयुक्त ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को दावा भुगतान में हो रही लापरवाही पर अधिकारियों को जमकर फटकारा भी।
                      मंथन सभागार में कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों ने किसानों के हितों को लेकर घंटो मंथन किया। इस दौरान संभागायुक्त टी.सी. महावर, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी विभाग के सचिव अनूप श्रीवास्तव, माॅर्कफेड प्रबंध संचालक पी.अन्बलगन, कृषि विभाग के संचालक एम.एस. केरकेट्टा, उद्यानिकी संचालक नरेन्द्र पाण्डे, पशुपालन विभाग संचालक एस.के. पाण्डेय, मत्स्य पालन विभाग संचालक  वी.के. शुक्ला , कलेक्टर बिलासपुर पी. दयानंद, कलेक्टर कोरबा अब्दुल कैसर हक, कलेक्टर मुंगेली डोमन सिंह, कलेक्टर जांजगीर नीरज बंसोड़, रायगढ़ अपर कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, संयुक्त संचालक कृषि एम.के. चैहान समेत कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
                कृषि उत्पादन आयुक्त नेबिलासपुर संभाग में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसल की दावा भुगतान पर ना केवल गंभीर रूप से चिंता जाहिर की। बल्कि अधिकारियों को जमकर फटकारा भी। उन्होंने कहा कि आँकड़े भेजने में लापरवाही के कारण किसानों को दावा भुगतान नहीं मिल पाया है। यदि अधिकारी किसानों के हित में कार्य करने में असहाय महसूस करते हैं..बताएं..उनकी व्यवस्था करने के लिए सरकार तैयार है।
                              बैठक में शामिल माॅर्कफेड चेयरमेन अन्बलगन ने कहा कि खरीफ सीजन में नई व्यवस्था लागू हो रही है। पूर्व में सहकारी समितियों से 60 प्रतिशत और निजी विक्रेताओं से  40 प्रतिशत उर्वरक वितरण होता था। इस साल सहकारी समितियोें से 80 प्रतिशत उर्वरक बांटे जाएंगे। भंडारण व्यवस्था दुरूस्त की जा रही है। उर्वरक का अग्रिम उठाव भी प्रारंभ हो गया है। उर्वरक उठाव करने वाले किसानों को  ब्याज नहीं लगेगा। बिलासपुर संभाग में 2 लाख 60 हजार टन उर्वरक उठाव की योजना है।
                           उर्वरक उठाव के लिए किसानों को प्रेरित किया जाए। लेकिन सोसायटियों में पी.ओ.एस. मशीन लगाना अनिवार्य हैं। इसके बिना सब्सिडी नहीं मिलेगा।
                 बैठक में विभिन्न जिलों में उद्यानिकी फसल की भी समीक्षा हुई। गई। कृषि उत्पादन आयुक्त ने फल और सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया। जल संरक्षण के लिए स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई को उत्साहित करने को कहा। उन्होने कहा कि मांग के अनुसार खरीफ बीज भंडारण किया जा रहा है। कुजूर ने मंडी बोर्ड को माॅर्केटिंग उन्नत करने की बात कही।
डेयरी उत्पादन पर जोर
             कुजूर ने कहा कि डेयरी उत्पादन पर भी अधिकारियों को फटकारा। उन्होने जांजगीर जिले में डेयरी उद्यमिता के कार्यों पर असंतोष जाहिर किया।  संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मत्स्य खेती किसानों के लिए लाभदायक है। ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाए।  और इसे बढ़ावा दें। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी और मछलीपालन पर विशेष जोर देते हुए जिला कलेक्टरों को समीक्षा करने को भी कहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *