दो साल में रेलवे का बेमिसाल काम-सत्येन्द्र कुमार

Editor
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rlबिलासपुर— भारतीय रेलवे ने  26 मई से 1 जून के बीच हमसफर सप्ताह मनाया। रेल हमसफर सप्ताह का मुख्य उददेश्य रेलवे प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय बनाना है।  रेलवे की कार्य प्रणाली में रेल यात्रियों का सहयोग अति आवश्यक है। बिना उनके सहयोग के रेलवे से सफलता मिलना काफी कठिन होता है। हमसफर सप्ताह में विभिन्न विभागों से संबंधित रेल परिचालन और यात्री और कर्मचारियों को दी जा रही सुविधाओं, नयी परियोजनाओ से संबंधित मुददो का निरीक्षण किया। सप्ताह के अलग-अलग दिन स्वच्छता दिवस, सत्कार दिवस, सेवा दिवस, सतर्कता दिवस, सामंजस्य दिवस, संहयोग दिवस, संचार दिवस के रूप में मनाया। यह बातें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक सत्येन्द्र कुमार ने आज हमसफर सप्ताह के संचार दिवस पर प्रेसवर्ता में कहीं।

                    मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए जीएम सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि पिछले दो सालों में रेल सेवाओं को चहुंंमुखी विकास और विस्तार हुआ है। इस दौरान उन्होने देश में रेलवे के प्रयासों को पत्रकारों के सामने रखा। उन्होने तुलनात्मक विकास को सामने रखते हुए बताया कि 85 प्रतिशत अधिक ब्राडगेज लाइन बिछायी गयी हैं।  नार्थ ईस्ट में सभी राजधानी को 2020 तक ब्रोडगेज लाईन से जोड दिया जायेगा।

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                                   अगले तीन सालों में ब्रोडगेज लाईन में मानव रहित समपारों को जीरो कर दिया जायेगा।रेलवे ने गतिमान एक्सप्रेस का ट्रायल 160 किलोमीटर गति पर नई दिल्ली से आगरा के बीच किया। टेंगो ट्रेन का प्रशिक्षण जल्द ही किया जाएगा। 200 किलोमीटर प्रति धंटा तक की गति से चलेगी। भारतीय रेलवे में रेल टिकट डिजिटल किया जा रहा है। इंटरनेट से एक साथ 1 लाख 20हजार उपयोगकर्ता रेल टिकट ले सकते है।

                     स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत के तहत बायो टॉयलेट लगाये जा रहे है। सभी रेलवे स्टेशनो पर साफ-सफाई पर विशेष अभियान चलाया गया। गर्व की बात है कि बिलासपुर रेलवे स्टेशन को देश में साफ-सफाई के लिए तीसरा स्थान मिला।

                     सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ओबीएचएस सुविधा बढाकर 20 गाडियों में किया जा चुका है। तुलनात्मक रूप से परियोजनाओं में 275 प्रतिशत की वृद्वि हुई है।

                             पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए जीएम ने कहा कि बिलासपुर मे मेट्रो रेलवे की संभावना कम है। इसके पहले हमें अपनी सुविधाओं का विस्तार के साथ पुख्ता बनाना होगा। उन्होने बताया कि उस्लापुर रेलवे स्टेशन का विकास किया जाएगा। इस दिशा में काम भी चल रहा है। सवाल का जवाब देते हुए जीएम ने कहा कि उस्लापुर स्टेशन विकसित करने का मतलब है कि कई गाड़ियों का बिलासपुर स्टेशन नहीं आना होगा। उस दिशा में काम भी किया जा रहा है।
                          रेलवे साइडिंग के सवाल में जीएम ने कहा कि पुरानी साइडिंग के आसपास बस्तियां बन जाती हैं। फिर शिकायत होती है। हम कुछ नहीं कह सकते हैं। उस्लापुर- घुटकू के बीच और दाधापारा में रेलवे साइडिंग बनने के बाद किसानों के खेत बरबाद हो गये हैं। बस्तियां तो नहीं बनी लेकिन उजड जरूर गयी है। जीएम ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यह गंभीर मसला है। पर्यावरण विभाग को ध्यान देना चाहिए। हम भी इसे गंभीरता से लेंगे। सीजी वाल के सवाल के जवाब में जीएम ने कहा कि रेलवे की जमीन कोई नहीं लेगा। यदि ऐसा है तो कार्रवाई करेंगे। रेलवे साइडिंग से होने वाली समस्या पर बातचीत की जाएगी। उन्होने बताया कि हमारा उद्देश्य लोगों की सेवा करना है ना कि परेशानी पैदा करना।
              इसके पहले सीपीआरओ दर्शनीता वोरा अहलुवालिया ने स्लाइड के जरिए दो साल..बेमीसाल पर रेलवे की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होने विकास की तुलनात्मक चार्ट पेश किया। इस अवसर पर, सत्येन्द्र कुमार, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, वीरेन्द्र कुमार, अपर महाप्रबंधक, पूर्व मध्य रेलवे, शिवराज सिंह, मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, जे.एन.झा, मुख्य परिचालन प्रबंधक, दर्शनिता बी. अहलुवालिया, मुख्य जनसर्म्पक अधिकारी समेत जोन के सभी विभागाध्यक्ष एवं मंडल के रेल अधिकारी उपस्थित रहे।
                            पत्रकार वार्ता के पूर्व सभी पत्रकारों ने अधिकारियों के साथ मिलकर सेकरसा मैदान के आस-पास पौध रोपण किया।
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