मेरा बिलासपुर

धर्मयात्रा महासंघ को श्रद्धालुओं की चिंता

IMG-20151015-WA0006बिलासपुर—धर्मयात्रा महासंघ छत्तीसगढ़ 17 अक्टूबर को रतनपुर से धर्मयात्रा निकालने का एलान किया है। ध्रर्मयात्रा का समापन पंडरिया महामाया मंदिर में होगा। इसमें साधु संत समाज के अलावा जनमानस भी शामिल होगा। यात्रा के समापन पर एक धार्मिक गोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा। सभा को विश्वहिन्दु परिषद के प्रांत प्रमुख रमेश मोदी संबोधित करेंगे। इस दौरान किन्ही धार्मिक मामलों में सुधार के लिए प्रयास किए जाने की रणनीति तैयार की जाएगी।

         पत्रकारों को संबोधित करते हुए धर्मयात्रा संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि देश के कोने कोने में हजारों-करोड़ों की संख्या में हिन्दू श्रद्धालु सावन मास में गंगा जल के साथ कावंड़ यात्रा करते हैं। लेकिन उनके रहने खाने विश्राम करने की कोई व्यवस्था नहीं होती है। देश के कई भागों में होने वाली ऐसी यात्रा और यात्रियों को ध्यान में रखते हुए विश्व हिन्दू परिषद के आदेश पर धर्मयात्रा महासंघ का गठन किया गया है। महासंघ धार्मिक यात्रा पर निकलने वाले लोगों को सुविधा और सुरक्षा को लेकर रणनीति तैयार कर रहा है।

                 धर्मायात्रा महासंघ के नेताओं ने बताया कि हमारा उद्देश्य यात्रियों को संगठित कर उन्हें बेहतर सुविधा और सुरक्षा देना है। उन्होंने बताया कि धार्मिक स्थलों में पण्डा होते हैं। पण्डों के निर्देशन में हिन्दू धार्मिक गतिविधियों को पूरा किया जाता है। हम लोगों ने जालसाज पण्डों से बचाने के लिए सारी गतिविधियों को पूरा करने वाले असली पण्डों को तीर्थ पुरोहित दिया है। जिससे लोगों को जाली पण्डों से छुटकारा मिला है।

               विश्वहिन्दु परिषद के नेताओं ने बताया कि देश में लाखों की संख्या में मंदिर हैं। मंदिर और मठ में रीति नीति से पूजा पाठ करने वाले पुजारियों की भारी संख्या होती है। इनमें कुछ जालसाज भी होते हैं। भक्तों को इन जालसाजों से बचाने के लिए हमने देवपुरोहित नाम दिया है। इसी तरह कथा वाचकों को याचक पुरोहित कहा है। इन सबकों संगठित किया जा रहा है। ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो।

सिम्सःडिलेवरी के लिए नर्स ने मांगा दो हजार

        धर्मयात्रा महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 17 अक्टूबर से रतनपुर महामाया प्रांगण से धर्मयात्रा शुरू होगी। धर्मयात्रा साढ़े आठ बजे शुरू होकर संदेरी,मंगला चौक,तखतपुर, मुंगेली, सेतगंगा भ्रमण करते हुए पंडरिया महामाया मंदिर में समाप्त होगी।

Back to top button
CLOSE ADS
CLOSE ADS