हमार छ्त्तीसगढ़

धान-खरीदी 16 नवम्बर से होगी शुरू

dhan

 

रायपुर ।मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के किसानों और कृषक संगठनों की मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए प्राथमिक सहकारी समितियों में धान खरीदी 16 नवम्बर से करने की घोषणा की है। उन्होंने आज अपरान्ह यहां मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियेां की बैठक में विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया। उल्लेखनीय है कि पहले धान खरीदी एक दिसम्बर से शुरू होने वाली थी।

 मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद उनके निर्देश पर खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने धान खरीदी 16 नवम्बर से शुरू करने के लिए जरूरी तैयारी शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में विभाग द्वारा जरूरी निर्देश जल्द प्रसारित किए जाएंगे। सामान्य अथवा कॉमन धान के लिए 1410 रूपए, ए-ग्रेड धान के लिए 1450 रूपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।ज्ञातव्य है कि पिछले खरीफ सीजन में सामान्य धान के लिए 1360 रूपए, ए-ग्रेड धान के लिए 1400 रूपए समर्थन मूल्य केन्द्र सरकार द्वारा घोषित किया गया था। इस वर्ष इसमें वृद्धि की गई है। वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष में अब धान खरीदी 16 नवम्बर से 31 जनवरी 2016 तक होगी।। इस वर्ष औसत अच्छी किस्म के धान (ग्रेड-ए) 1450 रूपए और कॉमन धान 1410 रूपए प्रति क्विंटल तथा मक्का 1325 रूपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित है। उल्लेखनीय है कि पिछले खरीफ विपणन वर्ष 2014-15 में ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य 1400 रूपए, कॉमन धान का 1360 रूपए और मक्के का समर्थन मूल्य 1310 रूपए था। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा समर्थन मूल्य पर धान और मक्का के उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग की नीति प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पिछले महीने की सोलह तारीख को जारी कर दिया गया है।

UPSC Recruitment 2022: UPSC ने इतने पदों पर निकाली भर्ती, यह है अप्लाई करने की आखिरी तारीख, जल्द करें आवेदन

खरीफ विपणन वर्ष 2015-16 में मक्का खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन की आवश्यकता नहीं है। नीति के तहत किसानों को मक्का खरीदी की सूचना के लिए पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इस वर्ष समर्थन मूल्य पर उपार्जित मक्का का सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरण नहीं होने के कारण राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा खुली निविदा के माध्यम से विक्रय कर निराकरण किया जाएगा। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा खुली निविदा के माध्यम से विक्रय कर निराकरण करने पर हानि प्रतिपूर्ति नागरिक आपूर्ति निगम को राज्य शासन द्वारा की जाएगी।

Back to top button
CLOSE ADS
CLOSE ADS