नगरीय निकाय चुनाव : शहरी क्षेत्रों में 21 दिसंबर को छुट्टी घोषित,शहर में निवास कर रहे ग्रामीण स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों को होगी दिक्कत

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रायपुर।राज्य शासन से जारी आदेश के मुताबिक प्रदेश की 151 नगर  पालिका निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत के क्षेत्रों के कार्यालय में मतदान करने के लिए 21 दिसंबर शनिवार को सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। आदेश  जारी होने के बाद कार्यप्रणाली पर प्रश्न  उठने लगे है।क्योकि आधे कर्मचारियों को छुट्टी दी गई है आधे कर्मचारी चुनाव के दिन काम पर जाएंगे।21 दिसंबर को महीने का तीसरा शनिवार है। और इस दिन सभी शासकीय कार्यालयों में अवकाश रहता है। सभी शासकीय स्कूल, शासकीय महाविद्यालय सहित निजी स्कूल व महाविद्यालय खुले रहते है। 

प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के प्राचार्यो, प्रधान पाठकों, हेडमास्टरो सहित पूर्व के नियमित शिक्षको,  संविलियन से वंचित शिक्षको, शिक्षा कर्मियों  के ( LB, E, T)  संवर्ग के शिक्षको की संख्या सवा दो से ढाई लाख के आसपास है। इसके साथ ही पंचायत क्षेत्रो  में स्थापित निजी और शासकीय  महाविद्यालय के छात्रो और प्रोफेसर मतदाताओं  की भी बड़ी संख्या है ।जो प्रदेश के 21 दिसंबर  को हो रहे  151 नगरीय निकाय के चुनावी क्षेत्रो ने  निवास करते है। और इनका कार्य क्षेत्र पंचायत के क्षेत्रों में है। ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र मत का प्रयोग करने से वंचित रह सकते है।

बिलासपुर से सटे मरवाही के एक स्कूल के शिक्षक ने बताया कि उसका स्थायी निवास बिलासपुर नगर पालिका क्षेत्र में है वह वही का मतदाता है। कार्य क्षेत्र मरवाही होने की वजह से किराए पर अस्थाई निवास में वही रहता हूं। उंसे मतदान के लिए शनिवार को स्कूल से मरवाही  और वहाँ से बिलासपुर पहुँचने में तीन घँटे लग जाते है। यदि वह समय पर अपने मतदान केंद्र नही पाया तो वह मतदान से वंचित हो सकता हैं।

यह स्थिति प्रदेश के कई इलाको में है। …. चुनावो में प्रत्येक मतदाताओं के मतदान करने के लिए व्यवहारिक और प्रशासनिक दिक्कतों को दूर करके का अधिकार जब राज्य निर्वाचन आयोग के पास है तब इस ओर किसी का ध्यान क्यो नही गया …आश्चर्य की बात यह है कि चुनाव आयोग ने अब तक इस विषय पर संज्ञान क्यो नही लिया है। 

पूर्व में ही शिक्षक नेताओ ने आयोग से इस दिन पूरे प्रदेश में स्थानीय अवकाश की घोषणा करने की मांग की थी, जिस पर ध्यान नही दिया गया। केवल 151 नगरीय निकायों के क्षेत्रों में स्थानीय अवकाश घोषित किया है। जिससे शिक्षक समाज मे आयोग के इस कदम पर रोष जाहिर किया है।चुनाव आयोग और राज्य शासन की दोहरी नीति से  शिक्षित मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग निराश है।

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