नन्हीं आदिवासी बच्चियों ने बताया…मैडम बहुत मारती हैं…या तो हमें निकाले या वार्डन को कहीं दूसरी जगह भेज दें

बिलासपुर— शासकीय कमला नेहरू अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास की बच्चियों ने आदिवासी कल्याण विभाग पहुंचकर वार्डन पर प्रताडित करने का आरोप लगाया है। अच्छी खासी संख्या में आयुक्त कार्यालय के सामने पहुंचकर आदिवासी बच्चियों ने अधीक्षिका अन्नपूर्णा साहू को तत्काल हटाए जाने की मांग की है। बच्चियों ने बताया कि छोटी छोटी और बिना मतलब की बात पर वार्डन मारना पीटना शुरू कर देती है। जबकि वह अभी नयी नयी आयी हैं। अभिभावकों को  अपमानित करती हैं। जाति सूचक गाली गलौच भी करती हैं।

                          शासकीय कमला नेहरू अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास की बच्चियों ने एकजूट होकर सहायक आयुक्त कार्यालय का घेराव किया। बच्चियों ने आरोप लगाया कि वार्डन अन्नपूर्णा साहू बात बात पर मारती पीटती हैं।

                 आखों में आसूं लेकर कक्षा छठवी की छात्रा काजोल ने बताया कि वह बहतराई की रहने वाली है। एक दिन पहले तबीयत खराब होने की जानकारी मम्मी को फोन पर देने जा रही थी। इसी बीच मैडम ने गाल पर तेजी से दो तीन तमाचा जड़ दिया। मैडम ने कहा कि मेरे सामने फोन वोन नहीं चलेगा। यदि रहना है तो हमारे नियम कायदे को मानना पड़ेगा।

                       कैमरे के सामने काजोल ने आंख में आंसू भरकर कहा कि उसे छात्रावास में नहीं रहना है। मैडम बहुत मारती हैं। बात बात पर हास्टल से निकालने की धमकी देती हैं। काजोल के अलावा उसकी मां ने बताया कि बेटी को पढ़ाने भेजा है..मार खाने नहीं। काजोल की मां रोते हुए बतायी कि हम गरीब और दलित समाज से हैं इसलिए मैडम को हमारी बच्चियां अच्छी नहीं लगती हैं। सहायक आयुक्त से लिखित शिकायत कर कहा है कि या तो बच्ची को हास्टल से निकाल दें या फिर मैडम को कहीं दूसरी जगह भेज दें।

              सहायक आयुक्त कार्यालय के सामने नारेबाजी करती हुई हास्टल की अन्य बच्चियों ने बताया कि मैडम अभिभावकों को भी अपमानित करती हैं। किसी भी छात्र को मम्मी पापा से मिलने नहीं देती हैं। मारती पीटती है। किसी को नहीं बताने की धमकी भी देती हैं।

वार्डन को हटाया जाएगा

                     सहायक आयुक्त की अनुपस्थिति में अधीनस्थ अधिकारी लहरे ने बताया कि अन्नपूर्णा साहू तीन दिन पहले ही स्थानांतरित होकर आयी हैं। बच्चों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। अधिकारी के सामने बच्चियों की शिकायत को रखा जाएगा। जांच पड़ताल के बाद अन्नपूर्णा साहू के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर हटाया जाएगा। काफी दबाव डाले जाने पर लहरे ने कहा कि बच्चियों के साथ मारपीट किसी भी सूरत में उचित नहीं है। अभिभावकों को अपमानित करने का अधिकार भी किसी को नहीं है। काजोल और उसकी मां की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।

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