मेरा बिलासपुर

नन्हें शावक का स्वागत…कानन आएगा बंगाल टाइगर

IMG-20150725-WA0007बिलासपुर—- कानन पेन्डारी में लखनऊ प्राणी उद्यान से लाए गए बारहसिंगा ने एक शावक को जन्म दिया है। नन्हें शावक को मिलाकर कानन पेन्डारी में बारहसिंगा की संख्या चार नर और चार मादा समेत कुल आठ हो गयी हैं। एक मार्च 2015 को लखनऊ प्राणी उद्यान से सात बारहसिंगा को एक सिहं और एक सिंहनी के बदले लाया गया था। आज नन्हें शावक के जन्म लेने से कानन पेण्डारी में बारहसिंंगा की संख्या कुल आठ हो गयी है। फिलहाल नन्हें शावक के जन्म से कानन में उत्सव का माहौल है।

                                नन्हें शावक के जन्म लेने के बाद कानन प्रबंधन ने दावा किया है कि यहां हिरण प्रजाति के लिए अनुकूल वातावरण है। रेंजर टी.आर.जायसवाल ने बताया कि बारहसिंगा की वंश वृद्धि जारी रखने एवं एक ही वंश में प्रजनन ना हो इसके लिए राष्ट्रीय प्राणि उद्यान नई दिल्ली से एक नर बारहसिंगा लाया जाएगा। इसके लिए प्रबंधन ने हरी झंंडी दिखा दी है। जायसवाल ने बताया कि नई दिल्ली प्राणी उद्यान से कानन पेन्डारी में एक जोड़ी हिमालयन भालू के साथ एक नर बारहसिंगा और एक नर रायल बंगाल टाइगर ब्रीडिंग लोन पर लाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए केन्द्रीय चिड़़ियाघर प्राधिकरण को पत्र लिखा गया है।

                         कानन रेंजर ने बताया कि कानन पेन्डारी में बारह सिंगा की वंशवृद्धि निरंतर जारी रखते हुए जू अतिरिक्त बारहसिंगा को भविष्य में अचानकमार टाइगर रिजर्व में छोड़ा जाएगा। इस बात के मद्देनजर अचानकमार टाइगर रिजर्व का वह क्षेत्र जो बारहसिंगा के लिए उपयुक्त होगा उस स्थान का चयन किया जा रहा है। स्थान चयन के बाद घास और पानी की प्रबंध कर बारहसिंगा के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की बात जायसवाल ने कही। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बिालसपुर वृत के वन क्षेत्रों में बारहसिंगा नहीं हैं। सरगुजा में भी इनकी जाति नहीं है। वर्तमान में बारहसिंगा केवल कान्हा केिसली राष्ट्रीय उद्यान में हैं।

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                                    छ्त्तीसगढ़ के जंगलों में भी बारहसिंगा नहीं है। कानन में बारहसिंगा शावक जन्म होना एक अच्छा संकेत हैं।

ब्रीडिंग लोन पर लाएंगे नए जीव

                        हिमालयन भालू, रायल टाइगर और नर बारहसिंगा को ब्रीडिंग लोन पर नई दिल्ली जू से कानन में लाया जाएगा। इससे हमारे यहां नए वंश के नए जीव पैदा होंगे। केन्द्रीय चिड़ियाघर ने हमारी योजनाओं पर मुहर लगा दिया है। जल्द जीवों के लाने की कार्रवाई की जाएगी।

                                                                                                  सत्यप्रकाश मसीह…वनमण्डलाधिकारी बिलासपुर

बारहसिंगा के लिए अनुकूल वातावरण

                      नन्हें शावक के पैदा होने से यह बात जाहीर हो चुकी है कि छत्तीसगढ़ बारहसिंगा के अनुकूलन के लिए बेहतर वातावरण है। वंशवृद्धि होने पर बारहसिंगा को अचानकमार टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए अभी से तैयारियों शुरू हो चुकी हैं।

                                                                                                 टी.आर.जायसवाल… रेंजर..कानन पेन्डारी

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