नाकाबंदी के दौरान पीसीआर वैन पर फायरिंग…मवेशी तस्कर भागने में कामयाब…पकड़ में आया ट्रक सवार हेल्पर

 मुंगेली(विशेष संवाददाता आकाश दत्त मिश्रा)– मवेशियों से भरी गाड़ियों के मुंगेली क्षेत्र से गुजरने की सूचना पर तैनात PCR वैन के तीन जवान विकास सिंग, रोहित यादव  और अजय चन्द्रवंशी ने जान जोखिम में डालकर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया है। तीनो जाबाज़ सिपाहियों के भरसक प्रयास के बावजूद मवेशी तस्करी करने वाली सभी गाड़ियों को पकड़ा नहीं जा सका है। क्योंकि धरपकड़ प्रयास के दौरान मवेशी तस्करों ने पीसीआर में सवार वानोंं को गोलियों से निशाना बनाया है।  मवेशियों से भरे ट्रक को संरक्षण देने आगे- पीछे चल रही टवेरा कार में बैठे युवकों ने जवानों की PCR वैन पर फायरिंग कर भागने में कामयाब हुए हैं। बावजूद इसके जवानों की सूझबूझ से एक ट्रक को नाकेबंदी कर रोका गया। ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया लेकिन जवानों ने हेल्पर को गिरफ्त में लिया है।खबर लिखे जाने तक हेल्पर से पुलिस पूछताछ हो रही थी।

क्या है पूरा मामला जाने

         पिछले 4 दिनों से सिटी कोतवाली पुलिस को मुखबिरों से जानकारी मिल रही थी कि मवेशियों की चोरी छिपे तस्करी हो रही है। लगातार असफलता के बाद सोमवार शाम को मवेशियों से भरे ट्रक को पकडने में पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नगर के युवाओं ने किया पुलिस का सहयोग

            नगर के मुख्य चौक से तेज रफ्तार से  भाग रही गाड़ियों को रोक पाने में जूझ रही पुलिस के सहयोग में धर्म सेना, अन्य सामाजिक संगठनों के अलावा युवाओं की टीम ने एड़ी चोटी का जोर लगाया। तालमेल बैैठाते हुए फायरिंग कर भाग रहे लोगो को पकड़ने का भरसक प्रयास किया। बावजूद इसके फायरिंग कर रहे आरोपी भागने में कामयाब हो गए। लेकिन मवेशी की तस्करी कर रहे हेल्पर को पकड़ने में सफलता मिली है।

मुंगेली बन रहा तस्करों के लिए आसान माध्यम

                       मुंगेली से होकर महाराष्ट्र में प्रवेश करने के दो वैकल्पिक मार्ग हैं। इसके अलावा लोरमी क्षेत्र से जंगलो के रास्ते मध्यप्रदेश में प्रवेश के लिए कई गोपनीय रास्ते है। इन्ही रास्तों से लकड़ी की भी तस्करी होती है। बावजूद इसके मुंगेली में प्रवेश करने या गुजरने वाले भारी वाहनों की ठीक से जांच पड़ताल नहींं होती है। जिसके चलते मवेशी और लकड़ी तस्करों के हौसले बुलंद है। जिसके चलते जब तब पुलिस को आरोपों का सामना करना पड़ता है। गाड़ियों को बगैर जांच किये प्रवेश आवागमन की छूट के पीछे तगड़ी साठ गांठ को बताया जा रहा है।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...