नाबालिग गर्भवती ने की अबार्सन की मांग..IG को बताया..आजाद घूम रहा सरपंच और आरोपी ..रिपोर्ट वापस लेने..जान से मारने की दे रहे धमकी

बिलासपुर—- सिरगिट्टी थाना निवासी दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग ने आईजी कार्यालय पहुंचकर आरोपी पर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता और उसके परिजनों ने बताया कि 20 मई 2020 को थाना में अपराध दर्ज किया गया है। बावजूद इसके अभी तक आरोपी और धमकी देने वाले बड़े भाई किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है।

                 आईजी कार्यालय पहुंचे पीड़िता के परिजनों ने बताया कि वह सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले है। गांव का ही युवक नरेन्द्र खूंटे ने 15 वर्षीय नाबालिग को झांसा देकर शारीरिक संम्बन्ध बनाया। नरेन्द्र खूंटे ने नाबालिग को झांसा देकर साल मई 2019 से लगातार और जोर जबरदस्ती कर सम्बन्ध बनाता रहा। इसी दौरान नाबालिग गर्भवती हो गयी। जब उसने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी मुकर गया।

               परिजनों के अलावा युवती ने बताया कि नरेन्द्र का बड़ा भाई मोतीलाल खूंटे गांव का सरपंच है। मामले की जानकारी उसे भी दी गयी। उसने ना केवल भआई की शादी से इंकार किया बल्कि धमकी दिया कि यदि मुंह बन्द रखे। अन्यथा गांव में रहना और खाना मुश्किल कर देगा। बदचलन का आरोप लगाकर गांव से बाहर निकलवा देगा। पुलिस को नक्सली बताकर मरवा देगा। आरोपी नरेनद्र खूंटे और उसके बड़े भाई मोती लाल खूंटे मुंह बन्द रखने के लिए मारा पीटा भी। जबकि हमने बताया भी उसके पेट में नरेन्द्र बच्चा है।

               इसके बाद नाबालिग ने सिरगिट्टी थाना पहुंचकर आरोपी नरेन्द्र खूंटे और उसके भाई के खिलाफ अपराध दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी नरेन्द्र खूटे के खिलाफ आईपीसी की धारा 376.376(2)ढ,506 पास्को एक्ट 5 और 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया। उसके सरपंच भाई पर आपराधिक धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया। 

           आईजी को पीड़िता के परिजनों ने बताया कि लड़की तीन महीने की गर्भ से है। रिपोर्ट दर्ज कराए एक महीने होने को है लेकिन अभी तक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। इस दौरान पीड़ित पक्ष ने आईजी से गर्भ गिराए जाने की भी मांग की। 

                   पीड़िता पक्ष ने आईजी को भी बताया कि 27 मई 2020 को आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस कप्तान से भी शिकायत की थी। लेकिन आज तक नरेन्द्र और मौोतीलाल को गिरफ्तार नहीं किया गया है। दोनों आरोपी दिन रात रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रहे है। रिपोर्ट वापस नहीं लिये जाने की सूरत में जान से मारने की धमकी भी दे रहे है। जिसके चलते गांव में जीना मुश्किल हो गया है।

        आईजी ने पीड़िता का पक्ष सुनने के बाद तत्काल पुलिस कप्तान से सम्पर्क किया। साथ ही निर्देश दिया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की  जाए। साथ अन्य पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाए।

           

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