मेरा बिलासपुर

निगम का स्मार्ट सेन्सः फागिंग पर उडाया 15 लाख

nagar nigam 1बिलासपुर–बिलासपुर नगर निगम का मलेरिया उन्मूलन विभाग लाखों रूपए शहर में धुआं करने में खर्च कर देता है। 16 फागिंग मशीनों से मलेरिया और डेंगू के मच्छरों को भगाया जाता है। यह अलग बात है कि 16 में से 13 मशीनें मलेरियाग्रस्त हैं। कब से हैं कहना मुश्किल है। फिलहाल इन्हें कबाड़ में रखा गया है। कबाड़ मशीनों से भी निगम ने मच्छर भगाने में लाखों रूपए खर्च किए हैं। तीन मशीनें ठीक ठाक हैं। इसमें से एक व्हीआईपी के लिए रिजर्व है। बाकी दो मशीनों से पांच लाख जनता कों धुंआ किया जाता है। लोग कह सकते हैं कि अजब है..लेकिन हम कहेंगे यह गजब है।

                            एक जानकारी के अनुसार मलेरिया विभाग ने पिछले 10 महीनों में मच्छर मारने पर डेढ़ से दो लाख रूपए खर्च किए हैं। जानकारी यह भी है कि अस्पताल में डेंगू और मलेरिया के मरीज कम होने की वजाय बढ़ रहे हैं। निगम हर साल 16 फागिंग मशीन पर करीब पन्द्रह लाख रूपए खर्च करता है। इसमें कर्मचारियों के वेतन के अलावा पेट्रोल,डीजल और मेडिसिन भी शामिल हैं। इन आंकड़ों में निगम का 13 मलेरियाग्रस्त फागिंग मशीनें भी शामिल हैं। जो सालों से कबाड़ में है। मजेदार बात यह है कि फाइलों में सभी मशीनें अच्छी तरह से काम कर रही हैं।

                          16 में से केवल तीन मशीनें ही शहर में मलेरिया और डेंगू मच्छरों से लोहा ले रही हैं।  इनमें से एक मशीन व्हीआईपी की सेवा में है। दो मशीनें 66 वार्डों में फागिंग करती है। लोगों की मानें तो आज तक उन्होंने फागिंग मशीन को वार्डों में धुआँ उगलते नहीं देखा है। मलेरिया विभाग का दावा है कि हमने पिछले 10 महीनों में करीब दो लाख रूपए धुंआ में उड़ाया है।

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                                जानकारी के अनुसार निगम प्रशासन हर महीने 16 मशीनों के लिए डीजल पेट्रोल और दवाइयां देता है। यह मानकर कि मलेरियाग्रस्त सभी 13 मशीनें भी काम कर रही हैं। निगम के खजाने से प्रत्येक मशीन पर हर महीने बीस लीटर डीजल, पांच लीटर पेट्रोल, और दवाइयों के लिए रकम निकाला जाता है। निगम  के अनुसार इस साल मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए 16 मशीनों पर अब तक 15 लाख रूपए खर्च हो चुके हैं। इसका मतलब है कि निगम प्रशासन ने  एक साल में एक फांगिंग मशीन पर एक लाख रूपए खर्च किए हैं।

                   नियमानुसार मलेरिया उन्मूलन में  निगम प्रशासन ने फागिंग मशीन पर अब तक कितना खर्च हुआ है। इसका हिसाब किताब लाग बुक में रहता है। लेकिन लाख बुक कभी मेंटेन नहीं किया जाता।  फागिंग मशीन पर अब तक कितना खर्च हुआ है इसकी जानकारी किसी को नहीं है। विवाद की स्थिति में  अधिकारी पल्ला झाड़ते हुए कहते हैं कि 13 मशीनें बीमार है तो साल में पन्द्रह लाख खर्च होने का सवाल ही नहीं है। सीजीवाल का दावा है कि निगम धुंआ उडाने में लाखों का हेर फेर किया है। क्योंकि जब हिन्दुस्तान में फॉग चल रहा है..तो भला बिलासपुर नगर निगम इससे अछूता कैसे रह सकता है। निगम का स्मार्ट सेंस देखिये बेफिक्र होकर धुआं में पन्द्रह लाख रूपए खर्च तो कर रहा है। लेकिन मलेरिया और डेंगू के मरीज कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

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