निगम चुनावः सिरगिट्टी में बागियों ने बिगाड़ा पार्टियों का खेल…बना दिया ट्रायंगल.. कहीं भीतरघात तो किसी को स्थानीय समस्या का भय

बिलासपुर— ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनने के बाद अलग अलग समस्याओं और स्थानीय जनता के उग्र तेवर को लेकर सिरगिट्टी क्षेत्र हमेशा सुर्खियों में रहा। नगर पंचायत बनने के बाद स्थानीय निकाय पर ज्यादातर समय भाजपा का शासन रहा। यही कारण है कि जनता में भाजपा के प्रति कुछ ज्यादा ही नाराजगी है। बावजूद इसके क्षेत्र में धरमलाल कौशिक का अच्छा प्रभाव है। पानी,बिजली और सड़क समस्या के अलावा अवैध कालोनियां यहां की बहुत बड़ी समस्या है। बावजूद इसके इंगोले को विश्वास है ना केवल अपना वार्ड जीतेंगी। बल्कि अन्य वार्डों में भी भगवा परचम फहरेगा। दूसरी तरफ युवा नेता पुष्पेन्द्र का दावा है कि क्षेत्र में परिवर्तन की हवा बह रही है। हम वार्ड 10 ही नहीं बल्कि 11 और 12 भी जीतेंगे। निगम सरकार बनाएंगे और सिरगिट्टी की समस्या को प्राथमिकता से दूर करेंगे। फिलहाल दोनों दल सिस्टमेटिक चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन दोनों दलों के प्रत्याशियों के माथे पर बागी निर्देलियों ने पसीना निकाल दिया है।

बिजली,पानी, सड़क सबसे बड़ी समस्या

                  तीन सड़क का नगर पंचायत सिरगिट्टी अपने जन्मकाल से ही अस्थिरता का पर्याय रहा है। बिजली पानी और सड़क यहां सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण समस्या है। यदि चौथी और पांचवी समस्या की बात करें तो अवैध कालोनियों और अस्थिरत को लेकर स्थानीय लोगों में भयंकर आक्रोश है। साफ सफाई तो यहां है ही नहीं…मोदी की स्वच्छता अभियान यहां घुटनों पर है। स्थानीय लोग इसके लिए जहां स्थानीय नगर पंचायत को जिम्मेदार ठहराते हैं तो वही नगर पंचायत अध्यक्ष के पति का मानना है कि इसके लिए केवल और केवल कांग्रेस नेताओं की अडंगानीति जिम्मेदार है। यदि वार्ड में सड़क और पानी की समस्या है तो इसके लिए हम नहीं बल्कि कांग्रेस के लोग जिम्मेदार हैं।

वार्ड क्रमांक 10 और 11 की स्थिति..परेशानी बन गए घर के बागी

वार्ड क्रमांक 10 का नाम गुरू गोविन्द सिंह नगरहै। सामान्य वार्ड से भाजपा से मनोज दुबे और कांग्रेस से बिल्डर पुत्र पुष्पेन्द्र मैदान में है। यहां भाजपा के बागी नेता भृगु अवस्थी ने मनोज के लिए मुसीबत साबित हो सकते हैं। यदिं कही सुनी बातों पर विश्वास करें तो पुष्पेन्द्र साहू का मुकाबला भृगु अवस्थी से है। लेकिन एक बहुत बड़ा वर्ग मनोज दुबे के साथ भी है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार जनप्रतिनिधि चुनने में कोई गड़बड़ी नहीं करेंगे। सिरगिट्टी के विकास में सबसे बड़ी बाधा को निगम में नहीं जाने देंगे। इतना तो सच है कि भृगु अवस्थी भाजपा के लिए बड़ी समस्या साबित हो सकते हैं।

                           कमोबेश वार्ड क्रमांक 11 की यही स्थिति है। एक सड़क से ही दस और ग्यारह वार्ड अलग है। जाहिर सी बात है कि यहां भी पानी,बिजली और सड़क नाली सबसे बड़ी समस्या है। दोनों वार्डों के बीच स्थित सड़क गर्मी में भी नाली का काम करती है। इसके लिए लोग नगर पंचायत जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार मानते हैं। वार्ड क्रमांक 11 यानि संत कबीरदास नगर ओबीसी के लिए आरक्षित है। कांग्रेस ने यहां से रवि साहू को मैदान में उतारा है। लेकिन पार्टी के बागी नेता रामायण रवि के लिए समस्या साबित हो सकते हैं। फायदा इंगोले को मिल सकता है। 

दोनों वार्डों में मतदाताओं की स्थिति

               वार्ड क्रमांक 10 में कुल सात और वार्ड क्रमांक 11 में मतदाताओं की संख्या क्रमशः6997 और 6473 है। वार्ड क्रमांक 10 और 11 में अलग अलग कुल सात बूथ है। वार्ड 10 में पुरूष मतदाता 3584 और महिला मतदाता 3413 है।  जबकि वार्ड क्रमांक 11 में महिला-पुरूष मतदाता 3226 और 3247 है। वार्ड क्रमांक 10 के बूथ एक में 914, दो में 1004, तीन में 1060,चार में 958, पांच में 1085, बूथ 6 में 872 और बूथ 7 में मतदाताओं की संख्या 1003 है। वार्ड क्रमांक 11 संत रविदासनगर में सात बूथ मेैं क्रमश मतदाताओं की संख्या 532, 994, 1016, 756, 1122,950 और बूथ सात में मतदाताओं की संख्या 1103 है।    

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