निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर दी पार्टियों को चेतावनी,अगर ऐसी गलती की तो होगी कार्रवाई

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आयोग का हिदायतनामा

  • कोई भी उम्मीदवार या नेता किसी जाति धर्म या आस्था के नाम या आड़ में वोट या समर्थन नहीं मांगेगा.
  • जाति-धर्म में वैमनस्य या नफरत फैलाने वाले बयान नहीं देगा.
  • उम्मीदवार, नेता या कार्यकर्ता के निजी जीवन को चुनावी राजनीति में नहीं घसीटेगा. जब तक उस विवाद का चुनाव से लेना देना ना हो.
  • विपक्षी नेता, कार्यकर्ता या परिजनों के खिलाफ अपुष्ट आरोप नहीं लगाएगा.
  • चुनावी सभा, एकत्रीकरण या भाषण के लिए मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा, समाधि या दरगाह जैसे धार्मिक स्थल या परिसर का इस्तेमाल नहीं करेगा.
  • किसी भी रूप में सेना, अर्धसैनिक बल से जुड़े प्रतीक, नारों या तस्वीरों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा.

बता दें कि पहले भी आयोग ऐसी हिदायतें जारी कर चुका है, लेकिन जिस तरह से नेता बर्ताव कर रहे हैं उसे देखते हुए एकबार फिर निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों के नाम ये हिदायतनामा जारी किया है. लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) की घोषणा होते ही देश में आचार संहिता लागू हो जाती है. इस दौरान चुनाव की सूचिता बनाए रखने और निष्पक्ष प्रक्रिया के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होती है.

जिसके तहत सरकार और सभी राजनीतिक पार्टियां बंधी हुई होती हैं. चुनाव आचार संहिता मजबूत ढंग से लागू हो, इसके हर नियम का पालन हो और आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके इसके लिए निर्वाचन आयोग कदम उठाता है.

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