नॉन घोटाले की जाँच और एसीबी पर भाजपाइयों ने लगाया सवालिया निशान

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    रायपुर  ।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने   कहा है कि भाजपा नेताओँ ने नॉन घोटाले में एसीबी की जाँच को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।एसीबी की ओर से अदालत  में पेश किए गए दस्तावेज के कूटरचित करार देने की भाजपाइयों की कोशिश इसी सिलसिले की एक कड़ी है। भाजपाइयों की घबराहट की वजह साफ है। इस मामले में मुख्यमंत्री के परिजन कानाम आने की वजह से वे ऐसा कर रहे हैं।

कांग्रेस भवन में पत्रकारो से अनौपचारिक चर्चा करते हुये  भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा के नेताओं  ने एसीबी की ओर से न्यायालय  में पेश किए गए  दस्तावेज को  कूटरचित कह कर नान की पूरी जांच पर और एसीबी पर सवालिया निशान खड़े कर दिया है । भाजपा नेताओं की इस घबराहट का कारण भी स्पष्ट है। नान घोटाला मामले में एसीबी अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों में प्रदेश के मुखिया, उनकी पत्नी, उनके साली, उनके खानसामे तक के नाम सामने आये है। एसीबी ने ही प्रदेश के मुखिया का परिवार नान के भ्रष्टाचार में शामिल होने के दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किये है।

भाजपा द्वारा नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के विधानसभा में खेद व्यक्त किये जाने के मामले में ओछी राजनीति किये जाने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने स्वयं विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय में हुयी चर्चा में अपनी पत्नी के नाम का उल्लेख आने पर भरे गले से कहा था कि इससे मुझे बहुत दुख पहुंचा है क्योंकि उस समय उनकी पत्नी बीमार थी। वे सदन के सदस्य भी नहीं थी। इसलिये नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव द्वारा राजनीति से परे हटकर सदाशयता का परिचय देते हुये खेद व्यक्त किया था। पर भाजपा नेताओं द्वारा इस पर भी राजनीति की जा रही है। भाजपा की स्तरहीन राजनीति बहुत ही दुखद और निंदनीय भी है। नेता प्रतिपक्ष की सज्जनता पर भाजपा द्वारा ओछी राजनीति करना कतई उचित नहीं है। प्रदेश के मुखिया के घडि़याली आंसू बहाने से, एसीबी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों डी-11 और डी-15 में जो उनके परिवारजनों के नाम शामिल है, इस सच्चाई को और इसे दबाया नहीं जा सकता। भाजपा के नेता और प्रवक्ता बयानबाजी करके एसीबी द्वारा अदालत में प्रस्तुत किये गये इन दस्तावेजो का झूठला नहीं सकते है। एसीबी द्वारा अदालत में प्रस्तुत किये गये दस्तावेजों के अनुसार अनिल टूटेजा और आलोक शुक्ला को 9 माह में जो 3.50 करोड़ की राशि दिये जाने का उल्लेख है। आरोपी से गवाह बनाये जाने वालों के गवाहों के बयान के अनुसार बचत राशि के संबंध में एसीबी ने स्पष्ट नहीं किया है कि वह राशि किस-किस को और कब-कब दी गयी है? शुचिता एवं जीरो टालरेंस की बात करने वाले भाजपा नेताओं को मुख्यमंत्री रमन सिंह से इस्तीफा ले लेना चाहिये। गरीबो की थाली से अनाज चुराने वाले चांवल चोर बाबा पर कार्यवाही करनी चाहिये। न खाउंगा, न खाने दूंगा जुमला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बार-बार दोहराया है। अब नरेन्द्र मोदी साईलेंट मोड़ में क्यों चले गये है?

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