नोटबंदी की खिलाफतः कांग्रेसियों पर लाठी के साथ चला वाटरकेन…

IMG_20170106_180801_612IMG-20170106-WA0003बिलासपुर—नोटबंदी के खिलाफ आज देश भर में कांग्रेसियों जिला कार्यालय का घेरवा किया। जगह जगह धरना प्रदर्शन कर नोटीबंदी को कांग्रेसियों ने देश के इतिहास में कालाधब्बा बताया। बिलासपुर में जिला कलेक्टर कार्यालय से कुछ दूर नेहरू चौक पर भी जिला कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी करते हुए केन्द्र के एनडीए सरकार पर निशाना साधा।

                        कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नोटबंदी के बाद देश की आर्थिक व्यवस्था चरमरा गयी है। आम जनजीवन बुरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। तीस दिसम्बर के बाद  नोटबंदी का असर दिखाई देने लगा है। व्यापारी,किसान,गरीब,मजदूर,मध्यम वर्ग सभी लोगों ने अच्छे दिन के उम्मीद में पचास दिनों तक भयंकर तकलीफ का सामना किया। अच्छे दिन तो दूर अब हालात बद से बदतर हो गये हैं। चंद पूजीपति ही नोटबंदी के खिलाफ खुश हैं।

                      धरना प्रदर्शन के दौरान एकजुट कांग्रेसियों ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के 5 सवालों का प्रधानमंत्री से जवाब मांगा। उग्र कांग्रेसियों को तितर वितर करने जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने वाटर केनन का सहारा लिया। पुलिस प्रशासन के लाख प्रयास के बाद भी कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।

                                      देश के सभी जिला कार्यालयों के घेराव की घोषणा के बाद आज बिलासपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय को सुरक्षा के बीच रखा गया। राहुल गांधी के सुबह से ही जिला कलेक्ट्रेट परिसर को पुलिस की छावनी में बदल दिया गया। जिले के सभी थानों से जवानों को कलेक्टर कार्यालय की निगहबानी में रखा गया। बेरिकेट लगाकर रास्ते को डायवर्ड कर दिया गया। शेफर स्कूल चौक और जिला कलेक्ट्रेट से लगे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने अनाधिकृत प्रवेश को रोकने बेरिकेड्स लगाया गया था। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के पास वरूण वाहन को तैनात किया था।

                  IMG-20170106-WA0006   दोपहर को कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय नोटबंदी समन्वयक समिति के सदस्य दुर्गेश पटेल,पीसीसी महामंत्री अटल श्रीवास्तव, जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला,शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर , पूर्व राज्यसभा सासंद इंग्रिड मैकलाउड,विधायक दिलीप लहरिया, आशीष सिंह, संभागीय प्रवक्ता अभयनारायण राय, पूर्व विधायक बैजनाथ चंद्राकर, पूर्व सासंद करूणा शुक्ला, शिवा मिश्रा,जसबीर गुम्बर, कांग्रेस प्रवक्ता अनिल सिंह चौहान, विजय पांडेय, सैयद जफर अली, महेश दुबे, पूर्व महापौर राजेश पांडेय,निगम नेता प्रतिपक्ष शेख नजरूद्दीन,पार्षद दल प्रवक्ता शैलेन्द्र जायसवाल, मोती लाल कुर्रे, महिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने धरना प्रदर्शन के दौरान नोटबंदी के खिलाफ आक्रोश जाहिर किया।इस दौरान सैकड़ों की संख्या कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

                    कांग्रेस नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की नोटबंदी अभियान पूरी तरह असफल है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि नोटबंदी के बाद लाखों घरों के चूल्हे बुझ गए हैं। बेरोजगार युवाओं की संख्या बढ गयी हैं। चन्द उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए नोटबंदी के बहाने केन्द्र सरकार ने छोटे उद्योंग के भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है। नेताओं ने बताया कि नोटबंदी अभियान में देश में करीब 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके संवेदनहीन सरकार ने पीड़ित परिवार को राहत देना तो दूर याद भी नहीं किया है।

                             IMG-20170106-WA0005   सभा को संबोधितक करते हुए दुर्गेश ने बताया कि एटीएम के सामने बेशक लोगों की कतार खत्म हो गयी हो। लेकिन नोट का अभी भी टोंटा है। प्रधान सेवक की ऐसी पहरेदारी पर लानत हो जब जनता अपनी ही गाढ़ी कमाई को मौके पर ना निकाल पाए। प्रधानमंत्री ने देश में आर्थिक आपातकाल लगा दिया है। देश तेजी के साथ मेन मेड मंदी के दौर में पहुंच गया है। धीरे धीरे परिणाम भी सामने आने लगा है।

                                                 नेहरू चौक पर आम सभा को संबोधित करने के बाद कांग्रेसी नेता प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए रवाना हुए। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास बेरिकेट्स के सामने पुलिस बल ने रैली को रोकने का प्रयास किया। कांग्रेसियों ने बेरिकेट्स तोड़कर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने पुलिस को वाटर केन का इस्तेमाल करना पड़ा।

              पानी के बौझार से कांग्रेसियों की भीड़ तीतर वितर होने लगी। पुलिस ने शहर और ग्रामीण अध्यक्ष समेत कांग्रेस के बड़े नेताओं को पकडने का प्रयास किया। लेकिन कांग्रेसी नेता कलेक्ट्रेट परिसर में दाखिल हो गए। इस दौरान गेट के सामने अनियंत्रित भीड़ को रोकने पुलिस को हल्का लाठीजार्च का प्रयोग करना पड़ा। लाठीचार्च के दौरान कुछ कांग्रेसियों को मामूली चोंट भी आयी है। इस दौरान कांग्रेसियों ने जिला प्रशासन पर पुलिस बल का बेजा उपयोग करने का भी आरोप लगाया। IMG-20170106-WA0007

                 दुर्गेश पटेल, आशीष सिंह,अटल श्रीवास्तव,राजेन्द्र शुक्ला और नरेन्द्र बोलर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पचास दिन का समय मांगा था। जनता ने समय दिया। अब तो हालात सुधरने चाहिए। लेकिन हालात सुधरने की वजाय बिगड़ने लगे हैं। प्रधानमंत्री को राहुल गांधी का जवाब देना होगा। जब देश का प्रधानसेवक ईमानदार है तो उन्हें जवाब देने में डर क्यों लग रहा है। प्रधानमंत्री से देश की आम जनता जवाब मांग रही है कि नोटबंदी के बाद कितना काला धन आया। आंतकवाद पर कितना अंकुश लगा। नई करंसी के प्रिंट में जनता की कितनी गाढी कमाई लगी। प्रधानमंत्री क्यों नहीं बता रहे हैं।

                                   कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर चेम्बर के सामने भी नारेबाजी की। लेकिन कोई भी अधिकारी कांग्रेसियों से मिलने नहीं आया। कुछ लोगों ने बताया कि कलेक्टर बैठक ले रहे हैं।  बाद में कलेक्टर को बाहर आना पड़ा। कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री के नाम राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया।

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