नौकरी लगाने वाले ठग गिरोह का पर्दाफाश…सात आरोपी गिरफ्तार

IMG20170512180638 IMG20170512175447 बिलासपुर—बिलासपुर पुलिस ने नौकरी लगाने के नाम पर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। महुआ और श्यामा हॉटल से सभी संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। नौकरी लगाने वाले गिरोह के मास्टर माइंड  जौनपुर के रतनलाल शर्मा समेत छः अन्य ठगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। छापमार कार्रवाई के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास नगद के अलावा फर्जी नियुक्त पत्र और एक इनोवा कार जब्त किया है।

                              मालूम हो कि इन दिनों बिलासपुर के बहतराई में सेना में भर्ती चल रही है। मौके का फायदा उठाते हुए नौकरी लगाने वाले ठग भी सक्रिय हो गए हैं। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि महुआ और श्यामा हॉटल में कुछ बाहरी लोग सीआरपीएफ में भर्ती कराने के नाम पर रूपए लेकर नियुक्त पत्र दे रहे हैं। पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुए हॉटल से जौनपुर उत्तर प्रदेश निवासी रतनलाल शर्मा को हिरासत में लिया। रतनलाल शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह सीआरपीएफ में प्रधान आरक्षक था। लेकिन उसे बर्खास्त कर दिया गया है।

                बिलासागुड़ी में पत्रकारों को एडिश्नल एसपी प्रशांत कतलम ने बताया कि फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने में रतनलाल शर्मा का गिरोह काम करता है। रतनलाल के साथी वाराणसी निवासी भोलानाथ सिंह,श्रीप्रकाश,अमित कुमरा, राजू यादव, उमाशंकर,शिवकुमार,उत्तरप्रदेश और बिहार के पढ़े लिखे नौजवानों से संपर्क करते हैं। सीआरपीएफ में नौकरी लगाने का लालच देकर अवैध रूप से रूपए वसूलते हैं। बेरोजगारों को फर्जी नियुक्ति थमाकर फरार हो जाते हैं।

                     एडिश्नल एसपी प्रशांत कतलम ने बताया कि तथाकथित बर्खास्त सीआरपीएफ का प्रधान आरक्षक रतनलाल शर्मा को विभागीय जानकारी अच्छी तरह है। उसे मालूम था कि बिलासपुर में ट्रेडमेन की भर्ती प्रक्रियाधीन है। जबकि  एचसीएम पोस्ट का रिजल्ट आने वाला है। रतनलाल ने अपने साथियों भोलानाथ सिंह वाराणसी,श्री प्रकाश वाराणसी, अमित कुमार गाजीपुर,उमाशंकर कुशवाहा कानपुर और उमाशंकर गोंड़ कानपुर के सहयोग से सभी बेरोजगारों को हॉटल महुआ और श्यामा में बुलाया।

                           ठगों के ठिकाने की जानकारी मिलते ही सीएसपी लखन पटले,सीएसपी आईएएस शलभ सिन्हा,सिविल लाइन थाना प्रभारी नजर सिद्दिकी के साथ पुलिस ने छापा मारा। छापामार कार्रवाई के दौरान सभी मास्टर माइंड रतनलाल शर्मा समेत सातों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा मौके पर गौरव,नितिन,विकास,अमन सिंह,विवेक,दुर्गेश,रिश्तेदार विजय बहादुर सिंह, धर्मेन्द्र, नरेन्द्र,संजय सिंह भी मिले। जिनसे ठगों ने 25-25 हजार रूपए नौकरी के लिए लिया था।

           कतलम ने बताया कि मौके से ज्वाइनिंग पत्र भी बरामद किया गया। आरोपियों के पास से कुल सवा चाल लाख रूपए से अधिक नगद बरामद किया गया। एडिश्नल एसपी ने पत्रकारों को बताया कि प्रारम्भिक जांच के दौरान ज्वाइनिंग पत्र की भाषा बिलकुल अलग है। आरोपियों का इनोवा गाड़ी भी जब्त कर लिया गया है। सभी के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में धारा 420,471 और 34 का मामला दर्ज किया गया है।

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