मेरा बिलासपुर

पचास गाँव में बाढ आई तो सिंचाई विभाग जिम्मेदार नहीं ….?

 

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बिलासपुर  । चालू मानसून के दौरान आने वाले दिनों में यदि बाँगों बाँध का पानी छोड़ने से हसदेव नदी में अचानक बाढ़ आ गई तो सिंचाई विभाग इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। विभाग ने इस सिलसिले में नदी किनारे के लोगों को चेतावनी जारी कर दी है। जिसमें नदी किनारे के लोगों से अपना सामान और सम्पत्ति वगैरह हटा लेने और उसकी हिफाजत का इंतजाम करने का अपील की है। साथ ही पचास से अधिक गाँव के लोगों को चेताया है कि अचानक बाढ़ आने पर जो नुकसान होगा उसके लिए सिंचाई विभाग की कोई जिम्म्दारी नहीं होगी।

एक अधिकारिक जानकारी में कहा गया है कि आगामी वर्षाकाल के दौरान आवश्यकता होने पर बांगो बांध माचाडोली एवं हसदेव बराज दर्री से नदी में पानी प्रवाहित किया जायेगा। इस सिलसिले में सर्व साधारण एवं संबंधितों को सूचित किया गया है कि उक्त बांध से हसदेव नदी के किनारे, बाढ़ क्षेत्र में स्थापित चल-अचल संपत्ति को सुरक्षित स्थानों पर ले जाये। बाढ़ क्षेत्र में स्थापित खनिज खदान ठेकेदार, औद्योगिक इकाइयां संस्थानों आदि को भी सूचित किया गया कि वे अपनी परिसंपत्तियों को बाढ़ क्षेत्र से बाहर कर लेवें। अधिक्षण अभियंता हसदेव परियोजना ने अवगत कराया है कि अकस्मात् बाढ़ से होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिये जल संसाधन विभाग उत्तरदायी नहीं होगा।

अधीक्षण अभियंता, हसदेव परियोजना मण्डल रामपुर, कोरबा द्वारा बाढ़ क्षेत्र में आने वाले संभावित ग्रामों के बांगो, लेपरा, नुनिया, कछार, कोनकोना, पोड़ीउपरोड़ा, चर्रा, पाराघाट, छिनमेर, सिरकीकला, केरा, पाथा, सिलीयारीपारा, तिलसाभाटा, हथमल, छिर्रापारा, डग्गुपारा, करमीपारा, जूनापारा, जोराजंड, टुंगमुड़ा, तिलाईडाड़, नवागांव, झोरा, कोरीघाट, पोड़ीखेहा, डोंगाघाट,धनगांव, लोटलोटा, नर्मदार, औराकछार, झाबू, सोगुड़ा, नवागांव, स्याहीमुड़ा, जेलगांव, चारपारा, खैरभावना, बलरामपुर, भलपहरी, जोगीपाली, कोहिडि़या, राताखार, गेवराघाट, इमलीडुग्गु, कुदुरमाल, बुरीडीह, मोहरा, देवरी, चिचोली, कटबितला, झीका, ढि़ठोली आदि ग्रामीणों को इस सबंध मे सूचना दी गई ।

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