मेरा बिलासपुर

पढ़ें..बिलासपुर से 12 वीं टापर बच्चों की कहानी..सफलता से कार्डियोलाजिस्ट , न्यूरोलाजिस्ट और इंजीनियर बनने के सपनों तक

तनु यादव, नीलू उइके और लवेश गोयल

बिलासपुर—- 10 वीं और 12 वी का परिणाम आ गया है। बिलासपुर के जिले के तीन बच्चों ने 12 टाप 10 में स्थान बनाकर सफलता का झण्डा बुलन्द किया है। तनु यादव ने तीसरा, नीलू प्रिया ने आठवां और लवेश ने भी आठवां रैंक हासिल किया है। तीनों ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता को दिया है। जबकि माता पिता का कहना है कि इनके लगन से ही सफलता मिली है। हम बच्चों के परिणाम को लेकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। 

  तनु यादव…रतनपुर..स्कूल उस्लापुर हायर सेकेन्डरी स्कूल बिलासपुर..कार्डियोलाजिस्ट सपना

            तुन यादव को 12 वीं टाप 10 में 3 स्थान हासिल हुआ है। तनु यादव के पिता का नाम शत्रुघन यादव पेश से टेलर है। मां पुन्नी बाई यादव पेशे से शिक्षका प्राथमिक पाठशाला स्कूल भेड़ीमुडा क्रमांक 2 में है। तनु का परिवार मूलतः जांजगीर जिले के जैजेपुर विकास खण्ड के गांव नन्देली से है।

                तनु यादव ने यादव ने बताया कि वह एलआईटी की तैयारी कर रही है। सामने परीक्षा है। उम्मीद है कि सफलता जरूरी मिलेगी। तनु की मां पुन्नीबाई ने बताया कि पढ़ाई लिखाई में वह हमेशा से मेधावी रही है। दसवीं में सातवां रैंक था। शासन की विशेष योजना के तहत उसने मेधा परीक्षा में स्थान हासिल किया। इसके बाद वह उस्लापुर स्थित हायर सेकेन्डरी स्कूल में एडमिशन लिया। यहां कोचिंग की व्यवस्था है। वह काडियोलाजिस्ट बनना चाहती है। 

           पुन्नी बाई ने जानकारी दी कि तनु का पढ़ाई लिखाई घण्टों के अनुसार नहीं बल्कि टारगेटे के अनुसार था। वह दिन का काम और पिछली पढ़ाई को पूरा कर ही उठती थी। तनु दो बहने है। छोटी बहन गरिमा इस समय 8 वीं की छात्रा है।

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नीलू प्रिया उइके…हायर सेकेन्डरी स्कूल उस्लापुर..न्यूरोलाजिस्ट का सपना

               नीलू के पिता नत्थूलला उइके बेरोजगार है। लेकिन परिवार में बड़ी सूझबूझ है। नत्थू के तीन बच्चे हैंं। बड़ा भाई नीतेश प्रसाद उइके बी.फार्मेसी कर रहे हैं। छोटी बहन निशा प्रिया दसवीं की छात्रा है। नीलू प्रिया समेत उसके अन्य भाई बहनों की जिम्मेदारी भागवत उइके कंधों पर है। नीलू ने बताया कि वह एनआईटी की कोचिंग कर रही है। तनु उसकी बेस्ट फ्रेंड है। दोनों का विषय बायोलाजी और स्कूल एक ही है।

                 नीलू  ने कहा कि वह एनआईटी में सफल होने के बाद न्यूरोलाजिस्ट बनना चाहती है। नीलू के बड़े पिता और अभिभावक भागवत प्रसाद उइके ने बताया कि वह बचपन से मेधावी है। उनकी एक बेटी है। जो इस समय अम्बिकापुर मेडिकल कालेज में एमबीबीएस डिग्री ले रही है। भागवत ने जानकारी दी कि छोटा भाई माता पिता की सेवा करता है। और मेरी जिम्मेदारी बच्चों की शिक्षा दीक्षा देना है। पेशे से किसान हूं। 

                भागवत ने कहा कि नीलू का चयन मेधा परीक्षा में हुआ। इसके बाद वह हायरसेकेन्डरी स्कूल उस्लापुर पढ़ने गयी। यहीं से उसने कोचिंग ली है। नीलू ने मेधा परीक्षा में टोटल रैंकिंग में पांचवा स्थान हासिल किया। वर्ग में पहला स्थाल था। वह न्यूरोलाजिस्ट बनना चाहती है। भागवत ने बताया कि आज भी उनका घर द्वार बगदेवा नवापारा लिम्हा पंचायत में है। 

                नीलू के पिता ने बताया कि वह पढ़ने में 5 या 6 घंटे देती है। लेकिन एक बार पढ़ने बैठी तो वह पूरा कर के ही उठती है। इस दौरान चाहे दरवाजा तोड़ तो उसे इसकी जानकारी भी नहीं होती।

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लवेश कुमार गोयल…भारत माता स्कूल… आईआईटी का सपना

               लवेश कुमार दो भाई बहन है। बड़ी बहन रिशा गोयल बीआईटी 4 सेमेस्टर इंजीनियर है। पिता मुकेश चन्द्र गुप्ता वर्धा केएसके प्लान्ट में सहायक मैनेजर के पद पर कार्यरत है। परिवार सुमित्री बिहार हेमुनगर में रहता है। 

                   लवेश ने सीजी वाल को बताया कि वह आईआईटी करना चाहता है। लगातार कोचिंग चल रही है। पिछले दो साल से तैयारी कर रहा है। देश का मशहूर इंजीनियर बनना चाहते हैं। वह हर हालत में 12  घंटे की पढ़ाई का लक्ष्य लेकर चले। उम्मीद थी कि 12 वीं रैंक जरूर मिलेगा। और उन्हें आठवां रैंक मिला।

               लवेश ने बताया कि वह मैथ्स से भारत माता स्कूल का छात्र है। 23 अगस्त को आईआईटी की परीक्षा होगी। उम्मीद है प्रवेश परीक्षा में सफलता जरूर मिलेगी। लवेश ने कहा कि मां पार्वती गुप्ता गृहणि है। माता पिता के आशीर्वाद से उन्हें सफलता मिली है।

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