पढिए निगम चुनाव घमासानःशेख का जवाब नहीं..वार्ड 30 में होगा घमासान..खतरे में दीपांशु की दावेदारी..रविन्द्र,रामदेव और धीरेन्द्र आजमाएंगे किस्मत

बिलासपुर—विधानसभा लोकसभा चुनाव के बाद निकाय चुनाव ने भी दस्तक दे दिया है। एक डे़ढ़ महीने बाद आदर्श आचार संहिता लग जाएगी। प्रत्याशियों के नाम का एलान कर दिया जाएगा। खासकर 13 नगर निगम बिलासपुर में आरक्षण निर्धारण के बाद चुनावी सरगर्मियां तेज हो गयी है। नगर पंचायतों और नगरपालिकाओं में भी चुनावी सुगबुगाहट देखने को मिल रहा है । बिलासपुर निगम क्षेत्र विस्तार के बाद मतदाताओं में समय से पहले संभावित प्रत्याशियों के नाम जानने की दिलचस्पी भी बढ़ गयी है। स्मार्ट सिटी बनने और सीमा विस्तार के बाद बिलासपुर नगर निगम का पहला चुनाव होगा। एक नगर पालिका,दो नगर पंचायत समेत 15 ग्राम पंचायतों के शामिल होने से बिलासपुर नगर निगम की ना केवल आबादी बढ़ी है…बल्कि क्षेत्र भी बढ़ गया है। पढ़िए सीजीवाल में निगम क्षेत्र के 1 से 70 वार्डों की चुनावी रिपोर्ट–सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

अब जबकी संकेत मिल रहे हैं कि मेयर का चुनाव पार्षद के रास्ते अप्रत्यक्ष तरीके से होगा। सम्भावना बढ गयी है कि मैदान में दिग्गजों का होगा। चुनाव दिलचस्प हो जाएगा। कल तक टिकट बांटने वाले यदि वार्ड की गली छाने तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के नेता अब मेयर के लिए सुरक्षित वार्ड पर नजर रखना शुरू कर दिया है। मतलब पार्षद के साथ मेयर की कुर्सी दौड़ भी शुरू हो गयी है।

वार्ड क्रमांक—26….शहीद अशफाकउल्ला नगर….अन्य पिछड़ा वर्ग
शहीद अशफाक उल्लागर वार्ड पुराने दो वार्ड 15 और 16 क्षेत्र को मिलाकर बनाया गया है। इसमें तालापारा का अधिकांश क्षेत्र शामिल है। यहां मतदाताओं की कुल संख्या 7018 है। चुनाव के समय इस वार्ड पर लोगों की विशेष नजर होगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पांच साल से निगम में नेता प्रतिपक्ष शेख नजरूद्दीन शहीद अशफाक उल्ला नगर से ही चुनाव लड़ेंगे। पार्षद पद का पर्याय बन चुके छोटे ऊर्फ शेखनजरूद्दीन का वार्ड में ना तो कांग्रेस के पास विकल्प है और ना ही भाजपा के पास कोई जवाब ही है। पिछली बार छोटे पार्षद ने भाजपा से चार बार से पार्षद रह चुके दिग्गज नेता महेश चन्द्रिकापुरे को हराकर पांचवी बार जीत हासिल की थी। ऐसा माना जा रहा है कि वार्ड से भाजपा का कोई भी प्रत्याशी है छोटे को वाक ओव्हर मिलना निश्चित है।

यदि मेयर का अप्रत्यक्ष चुनाव हुआ तो एक दावेदार छोटे भी होंगे.. इंकार नहीं किया जा सकता है।भारतीय जनता पार्टी यहां से भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का बड़ा चेहरा युसुफ रजा बरकाती,किशोर यादव, राजेन्द्र पटेल,लल्ला यादव में से किसी चेहरे को मैदान में उतार सकती है। पुराने वार्ड 16 की पार्षद मीना गोस्वामी के पति नारायण गोस्वामी भी मैदान में उतर सकते हैं। किशोर यादव,राजेन्द्र और लल्ला भाजपा के सक्रिय और चर्चित चेहरे हैं।

वार्ड क्रमांक–27–विनोबानगर–सामान्य वर्ग
विनोबा नगर वार्ड को यदि वरिष्ठ कांग्रेस नेता रविन्द्र सिंह का वार्ड कहें तो गलत नहीं होगा। रविन्द्र सिंह जिला समेत यहां से कांग्रेस के चर्चित चेहरे हैं। वार्ड में कुल मतदाताओं की संख्या 6499 है। परिसिमन के दौरान विनोबानगर को दो पुराने वार्डों 17 और 18 को मिलकर बनाया गया है। वर्तमान में दोनों ही वार्ड पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है। वार्ड 17 का पार्षद गणेश रजक और वार्ड 18 के पार्षद मंजीतपुरी गोस्वामी हैं। वर्तमान में दोनों ही टिकट के दावेदार हैं। लेकिन यहां से भाजपा एक बड़ा दावेदार मण्डल अध्यक्ष धीरेन्द्र केशरवानी भी मैदान में उतरने को तैयार खड़े हैं। मेयर का अप्रत्यक्ष चुनाव यदि घोषित हुआ तो धीरेन्द्र केशरवानी का चुनाव लड़ना निश्चित है। चूंकि भाजपा के वरिष्ठ नेता रामदेव कुमावत भी मेयर बनने की चाहत रखते हैं..यदि पार्षद टिकट दावेदारी करते हैं तो आश्चर्य नहीं होगा। रामदेव कुमावत को रविन्द्र सिंह के हाथो चुनाव में हार भी मिल चुकी है। यहां से भाजपा नेता मंजीतपुरी गोस्वामी, रिंकु मित्रा, केदार खत्रीय,गणेश रजक,जुगल अग्रवाल,शैलेश मिश्रा भी टिकट के दावेदार हैं।

दूसरी तरफ कांग्रेस ने वार्ड का जिम्मा तेज तर्रार नेता रविन्द्र सिंह के जिम्मेदारी सौंपा है। यदि मेयर चुनाव अप्रत्यक्ष हुआ तो रविन्द्र सिंह का एक बार फिर पार्षद चुनाव लड़ना तय है। बताते चलें कि रविन्द्र सिंह ने पहले ही एलान कर रखा है कि मेयर का चुनाव लडेंगे। वार्ड से परिवार के किसी सदस्य या अपने किसी समर्थ को मैदान में उतारेंगे। जानकारी हो कि पुराना वार्ड 17 और 18 ओबीसी हुआ करता था। यहां से कांग्रेस नेता संजय चौहान और संजय साहू को भाजपा के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। दोनों नेता भी पार्षद के लिए दावेदारी करेंगे।
वार्ड क्रमांक–28…प्रियदर्शनी नगर..अन्य पिछड़ा वर्ग-महिला
वार्ड पर पिछले 20 साल से कांग्रेस का कब्जा है। परिसीमन के बाद वार्ड के क्षेत्र में परिवर्तन हुआ है। क्षेत्र में वार्ड क्रमांक 34 का कुछ हिस्सा,विद्यानगर क्षेत्र,पुराना हाईकोर्ट का कुछ क्षेत्र, पीजीबीटी कालेज,हरिकिशन कालोनी का क्षेत्र शामिल है। वर्तमान में डालर राव कांग्रेस की पार्षद है। डालर राव के पति एलएनल राव वाणी राव के मेयरकाल में एमआईसी सदस्य रह चुके हैं। कांग्रेस पार्टी यहां इस बार मालती चौकसे, रश्मि महोबे में किसी को टिकट दे सकती है। रश्मि महोबे रेलवे क्षेत्र से दो बार चुनाव लड़ चुकी हैं।

भारतीय जनता पार्टी वार्ड को हथियाने के लिए तैयार है। यहां से नीलम जायसवाल को मैदान में उतार सकती है।नीलम जायसवाल महिला मोर्चा की सक्रिय नेत्री हैं। महिला मोर्चा की सक्रिय नेत्री रश्मि साहू भी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। मण्डल अध्यक्ष का दावा है कि मनीष गुप्ता की पत्नी को मैदान में उतारने का फैसला लिया जा सकता है। मनीष गुप्ता कांग्रेसी नेता किशोरी गुप्ता के पुत्र हैं। हमेशा कांग्रेस की मुखालफत करते हैं। यहां मतदाताओं की कुल संख्या 5135 है।

वार्ड क्रमांक–29…संजय गांधी नगर…अन्य पिछड़ा वर्ग…
इसे रेलवे प्रभावित और दिग्गज कांग्रेस नेता शेख गफ्फार कहा जाता है। मतदाताओं की कुल संख्या 6549 है। वर्तमान में वार्ड पर कांग्रेस यानि शेख गफ्फार का ही कब्जा है। कांग्रेस को यहां से हमेशा जीत मिली है। पिछली बार शेख गफ्फार ने नया चेहरा कार्टर रेड्डू को जीताकर भेजा था। इस बार संभावना है कि शेख गफ्फार टिकट बांटने वालों के सामने अभिषेक रजक या जयपाल पर दांव लगा सकते हैं। यदि संगठन ने दबाव डाला तो शेख गफ्फार भी मैदान मेेंं उतर सकते हैं। क्योंकि मेयर की सीट पर भी नजर रहेगी। शेख गफ्फार अशोक पिंगले के खिलाफ मैदान में मेयर पद के लिए उतर चुके हैं।

भाजपा संजय गांधी नगर वार्ड पर हर हालत में कब्जा करना चाहती है। राजेश रजक को मैदान में उतारा जा सकता है। राजेश रजक जिला भाजपा कमेटी पिछड़ा वर्ग मोर्चा में महामंत्री है। भाजपा दक्षिण मण्डल के सक्रिय नेता स्वयंबर यादव और नीरज यादव भी टिकट की दावेदारी करेंगे। भाजपा का दावा है कि परिसीमन के बाद बहुत कुछ बदलाव हुआ है। जाहिर सी बात है कि बदलाव का असर ना केवल दिखेगा…बल्कि भाजपा की जीत भी होगी


वार्ड क्रमांक…30—पंडित मुन्नुलाल शुक्ल नगर—सामान्य
परिसीमन के बाद चुनाव में यह वार्ड सबसे घमासान वाला होगा। तीन वार्डों को मिलाकर एक वार्ड बनाया गया है। तीन में से दो वार्ड पर कांग्रेस का कब्जा है। परिसीमन से पहले वार्ड क्रमांक 24 को रामनगर,25 को मुन्नुलाल शुक्ल वार्ड,26 को बाजार वार्ड कहा जाता था। तीनों को मिलाकर मुन्नुलाल शुक्ल वार्ड बना दिया गया है। वर्तमान में कांग्रेस के युवा नेता दीपांशु श्रीवास्तव 24 से कांग्रेस नेत्री पुष्पा दुबे 25 और बाजार वार्ड क्रमांक 26 से भाजपा नेता कमल कौशिक पार्षद हैं।मेयर के अप्रत्यक्ष चुनाव की चर्चा से पहले पंडित मुन्नुलाल शुक्लनगर से युवा कांग्रेस नेता और पार्षद को टिकट का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था। लेकिन मेयर की अप्रत्यक्ष चुनाव चर्चा के बाद पंडित मुन्नुलाल शुक्ल नगर से दावेदारों की बाढ़ आ गयी है। पहले भी थी लेकिन लोग टिकट के लोकर बहुत गंभीर नहीं थे। अब ऐसा नहीं है।

जानकारी के अनुसार वार्ड से तीन बार पार्षद चुनाव हार चुके महेश दुबे ऊर्फ टाटा महराज, पूर्व में दो बार के पार्षद और एक बार मेयर रह चुके राजेश पाण्डेय भी टिकट के दावेदार होंगे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व के जिला अध्यक्ष विजय पाण्डेय, नवीन दुबे, पार्षद पुत्र अमित दुबे,वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिवा मिश्रा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुदेश दुबे, मनोज शुक्ला और नरेन्द्र बोलर भी वार्ड से दावेदारी कर सकते हैं। क्योंकि मामला मेयर बनने का जो है।

भाजपा की इस बार पुूरी कोशिश होगी की पंडित मुन्नुलाल शुक्ल नगर में इस बार भगवा फहरे। राजेश पाण्डेय से दो बार हार चुके भाजपा के मण्डल नेता गोपी ठारवानी, पूर्व मेयर विनोद सोनी,कमल कौशिक,विकास मिश्रा,बच्छराज,कृष्ण मोहन पाण्डेय में कोई एक जरूर चुनाव मैदान में उतरेगा।जानकारी देना जरूरी है कि परिसीमन के बाद वार्ड मतदाताओं की संख्या बढ़कर 6298 हो गयी। वार्ड में देवकीनन्दन स्कूल से लेकर,ज्वालीपुल,पचरीघाट,रिवर व्यू,गोलबाजार,सदर बाजारगोड़पारा शनिचरी क्षेत्र शामिल हैं।

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