पण्डों की मार से ग्राहक की मौत…ओव्हर रेट का मामला

Editor
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JILA ASPTALबिलासपुर—50 रुपये की शराब 70 रुपये में बेच रहे कोचियों का विरोध युवक को महंगा पड़ गया है। पंडो ने विरोध करने वाले दो लोगों को इतना पीटा की एक की मौत हो गयी दूसरा गंभीर अवस्था में सांस ले रहा है। वहीं पुलिस को इस बात की खबर तक नहीं है। सिम्स प्रबंधन ने भी बताना उचित नहीं समझा है।

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                                पोन्सरा पनियाडीह निवासी हर प्रसाद सूर्यवंशी, कमल सूर्यवंशी, राम सूर्यवंशी और देव सूर्यवंशी अन्य साथियों के साथ सक्करा से लाखासार शराब पीने गए। शाम को 6 बजे झोपड़ी नुमा शराब दुकान से एक पौवा खरीदा। पंडों ने एक पौवा शराब एवज में 70 रुपये की मांग की। कमल सूर्यवंशी ने पंडो से बताया कि शराब की कीमत जब 50 रुपये है तो उनसे  ज्यादा क्यों मांगा जा रहा है। इतना सुनते ही झोपड़ी में बैठे कोचिये और पण्ड़ो ने हर प्रसाद सूर्यवंशी और कमल सूर्यवंशी पर लाठी टिफिन और तब्बल से हमला कर दिया। मारपीट के दौरा दोनो के सिर पर गंभीर चोटे पहुची है।

                       मारपीट में घायल दोनों युवकों को लेकर देव सूर्यवंशी अपने साथियो के साथ मोटर सायकल से लाखासार से सक्करा गांव आ गया। सुबह दोनो की हालत बिगड़ने लगी। संजीवनी की सहायता से घायल दोनों युवकों को उपचार के लिए सिम्स में भर्ती किया गया। परीक्षण के बाद डॉक्टरो ने कमल सूर्यवंशी पिता दुखीराम को मृत बताया। गंभीर रूप से घायल हर प्रसाद को जिला चिकित्सालय रिफर कर दिया।

                          मामले में हर्री थाना प्रभारी बाघ को घटना की जानकारी नही है। डाक्टरों के अनुसार मारपीट के दौरान  कमल के सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत हो गयी है। दूसरे की स्थित काफी नाजुक है। आश्चर्य की बात है कि सारी सुविधा होने के बाद भी सिम्स प्रबंधन ने बिना किसी प्राथमिक उपचार के घायल युवक को जिला अस्पताल रिफर कर दिया।

                               सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार दुर्घटना में घायल प्राथमिक स्तर उपचार करना जरूरी है। लेकिन सिम्स ने दूसरे मरीज को बिना किसी उपचार के ही जिला अस्पताल रिफर कर दिया। सिम्स का एक बार फिर अमानवीय चेहरा सामने आया है। इसके पहले सिम्स में ही आबकारी विभाग विभाग के छापामार कार्रवाई के दौरान पकड़े गए लक्ष्मी कुर्रे का इलाज हथकड़ी डालकर किया था। उस ना तो पुलिस ने ही इसका विऱोध किया और ना ही सिम्स प्रबंधन ने ही।

                  देखने में आ रहा है कि इस समय आबकारी विभाग कुछ ज्यादा ही सक्रिय है्। सीजी वाल ने एक सप्ताह पहले ही पाठकों को बताया था कि इस समय पंडों के कंधों पर आबकारी विभाग छापामार कार्रवाई कर रहा है। व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में ठेकेदार एक दूसरे के ठिकानों पर छापामार मरवा रहे हैं। आबकारी विभाग को जहां कुछ हासिल नही हो रहा है वहा भी सैकड़ों लीटर शराब रखकर ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। जबकि बिलासपुर से लगे कई ठिकाने हैं जहां शासन के आदेश नहीं होने के बाद भी शराब का अवैध विक्री खुलेआम हो रहा है। आबकारी विभाग को पता है लेकिन आंख से कमजोर होने के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है।

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