पहले हत्या…फिर5 जिलों के पेट्रोल पम्प में लूटपाट…अर्चना झा ने बताया…जंगल में छोड़कर भागे स्कार्पियो

बिलासपुर— बिलासपुर पुलिस को पांच जिलों में लूटपाट और हत्या के तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। तीनों आरोपी पांच जिलों के विभिन्न स्थानों पर लूटपाट के अलावा 14 अगस्त को चिल्हाटी में हत्या की घटना को अंजाम दिया था। प्रेसवार्ता में एडिश्नल एसपी ने बताया कि आरोपियों को सुनियोजित तरीके से घेराव कर विभिन्न जिला थानों के सहयोग से पकड़ा गया है।
                      बिलासागुड़ी में प्रेसवार्ता के दौरान एडिश्नल एसपी अर्चना झा ने बताया कि 15 अगस्त को सूचना मिली कि पचपेढ़़ी थाना क्षेत्र के सेमराडीह जलाशय में अज्ञात व्यक्ति की लाश तैर रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया कि मृतक को गला दबाकर मौत के घाट उतारा गया है। पंचनामा के दौरान जानकारी मिली कि मृतक का नाम रमेश कुमार पैकरा चिल्हाटी का रहने वाला है।
                           जानकारी मिलने के बाद पुलिस कप्तान ने आरोपी की धर पकड़ के लिए टीम का गठन किया गया। टीम में एडिश्नल एसपी अर्चना झा डीएसपी नवीन शंकर चौबे और प्रवीण चन्द्र कुमार को आरोपियों को धर पकड़ की जिम्मेदारी दी गयी।
हत्या के बाद पेट्रोल पम्पों में लूटपाट
                  एडिश्नल एसपी अर्चना ने जानकारी दी कि जांच पड़ताल के दौरान जानकारी मिली  कि 14 अगस्त को सफेद रंग की स्कार्पियो में सवार तीन लोगों ने जांजगीर चाम्पा स्थित पेट्रोल पम्प में लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है। 15 अगस्त को स्कार्पियों में सवार तीनों आरोपियों ने सारंगढ़ स्थित पेट्रोल पम्प में भी नगदी लूट की है।
                सूचना के बाद जांजगीर,रायगढ़ पुलिस से सम्पर्क किया गया। और आरोपियों की जानकारी ली गयी। इसी दौरान हासिल सीसीटीवी फुटेज को प्रदेश के सभी पुलिस जिलों में भेज दिया गया। विभिन्न स्रोतो से पता चला कि संदिग्ध आरोपियों का नाम थानू राम निषाद निवासी नेवसा कला जिला बालोद,देवेन्द्र सिंंह ऊर्फ देवराज विश्वकर्मा निवासी मालीघोरी खपरी थाना बालोद और तीसरे संदिग्ध आरोपी का नाम खोमन साहू है।
मिलकर की हत्या
                      जांच पड़ताल के दौरान जानकारी मिलि कि थानूी राम और देवेन्द्र पहले भी पेट्रोल पम्प में लूट की घटना को अंजाम दे चुके हैं। बालोद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को गंभीरता से लेते हुए दोनों से पूछताछ की। दोनों ने बताया कि पचपेढ़ी थाना क्षेत्र में हत्या का जुर्म अपने साथी खोमन सिंह के साथ मिलकर करना स्वीकार किया।
                         तीनों आरोपियों को पुलिस कप्तान के निर्देश पर अभिरक्षा में बालोद से बिलासपुर लाया गया। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने जानकारी दी कि बालौदा बाजार से स्कार्पियो को हायर किया गया। थोड़ी देर चलने के बाद पेशाब करने के बाद गाड़ी को रूकवाया गया। इस दौरान ड्रायवर से चाभी छीनने की कोशिश की गयी। जब ड्रायवर ने विरोध किया तो तीनों ने मिलकर रूमाल से मृतक का गला दबाया। लाश को चिल्हाटी डेम के पास फेंककर फरार हो गए।
पिथौरा के जंगल में स्कार्पियो
            हत्या के बाद तीनों शिवरीनारायण गिधौरी हुए डभरा गए। पेट्रोल पम्प से नगदी लेकर फरार हो गए।   इसके बाद अड़भार के पास शराब भठ्ठी को लूटने का असफल प्रयास किया। फिर सारंगढ़ मं नगदी लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। तीनों ने मिलकर रायगढ़ से आगे दो पेट्रोल पम्प को भी निशाना बनाया। 15 अगस्त को सुबह 7 से 8 के बीच पिथौरा के जंगल में स्कार्पियों को लावारिस छोड़कर फरार हो गए।
                     पत्रकारों से एडिश्नल एसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 302,201,34,394 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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