मेरा बिलासपुर

पार्टी बनाएगी आदिवासी मुख्यमंत्री—केदार

IMG20161002105155बिलासपुर— छत्तीसगढ़ के शिक्षामंत्री केदार कश्यप आज बिलासपुर पहुंचे। छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होने आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग को इंकार करते हुए कहा कि डॉ.रमन सिंह अच्छा काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बनाना पार्टी के बड़े नेताओं का काम है। जगदलपुर में आदिवासियों के विकास को लेकर मंथन किया गया गया। रमेस बैस और नंदकुमार साय के बैठक में नहीं शामिल होने को निजी कारण बताया। इस मौके पर महापौर,सांसद,जिला अध्यक्ष,खाद्यमंत्री भी मौजूद थे। केदार ने बताया कि जोगी कांग्रेस के लिए मुसीबत हैं। जोगी की पार्टी से भाजपा को नहीं कांग्रेस को नुकसान होने वाला है।

                             पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए केदार कश्यप ने कहा कि जगदलपुर में आदिवासी समाज के विकास को लेकर पार्टी के आलानेताओं की कार्यसमिति में चर्चा हुई। केदार ने बताया कि यह सच है कि साल 2013 में बस्तर और सरगुजा संभाग में भाजपा को ज्यादा सफलता नहीं मिली लेकिन यह भी सच है कि आदिवासियों ने ही भाजपा की सरकार को बनाया है। जगदलपुर में आदिवासियों के समग्र विकास को लेकर चिंतन और मनन किया गया है। आदिवासियों के समग्र विकास के डॉ.रमन सिंंह ने बहुत काम किया है। आगे भी ऐसा ही होगा।

                         बैठक से साय और बैस के नहीं रहने पर केदार ने कहा कि बैस की तबीयत खराब थी। नंदकुमार साय निजी काम से दिल्ली में थे। इसलिए बैठक में शामिल नहीं हुए। आदिवासी मुख्यमंत्री के सवाल को केदार कश्यप ने टालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पार्टी के नेताओं को बनाना होता है। फिलहाल इसकी अभी जरूरत नहीं है। क्या वह आदिवासी मुख्यमंत्री के दावेदार हैं के सवाल को केदार ने टाल दिया।

हमारा पहला दायित्व परिवार का है-अमर

         जोगी के बाद अब सोहन पोटाई और अरविंद नेताम भी पार्टी बनाने का एलान किया है। उनका कहना है कि आदिवासियों के साथ अन्याय हो रहा है के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। डॉ.रमन सिंह को आदिवासी समाज का समर्थन हासिल है। इनके पार्टी बनाने से भाजपा का कोई नुकसान नहीं होने जाने वाला नहीं है। मुझे नहीं मालूम कि पोटाई और नेताम पार्टी बना रहे हैं। रही बात जोगी कि तो उसकी चिंता कांंग्रेस के लोग करें।

                     स्कूलों की हालत पर उन्होंने कहा कि बच्चों को मोटिवेट करने की जिम्मेदारी समाज को है। स्कूलों की हालत ठीक नहीं है। केदार कश्यप ने कहा कि स्कूलों की आधारभूत संरचना पर लगातार काम किया जा रहा है। शाला प्रवेश के समय जिला शिक्षाअधिकारियों को शालाओं के मरम्मत के बारे निर्देश दिए गए हैं। 13 साल पहले स्कूलों की हालत अच्छी नहीं थी। आज ऐसा नहीं है। बस्तर दंतेवाड़ा क्षेत्र में आवासीय छात्रावास और स्कूलों के लिए बेहतर काम किया गया है। भवन बनाए गए हैं। तखतपुर में तीस से अधिक आवासीय छात्रावास बनाने का काम किया जाएगा। प्रदेश के कई स्कूलों की पहचान की गयी है जहां भवन और अन्य आधारभूत संरचना की कमी है।

                              क्या भाजपा में कभी आदिवासी मुख्यमंत्री बनेगा या फिर उन्हें बनने से पहले ही किनारे लगा दिया जाएगा के सवाल को केदार कश्यप ने किनारा कर लिया।

 

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