लिंगियाडीह में पीएम की ड्रीम योजना ने तोड़ा दम….कहीं बन न जाये शौचालय निर्माण का स्मारक

IMG-20170529-WA0019बिलासपुर— लिंगियाडीह ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री की शौचालय योजना ने दम तोड़ दिया है…यदि ऐसा कहें तो आश्चर्य की बात नहीं होगी। तीन दिन पहले ही बिल्हा जनपद पंचायत इंजीनियर ने पांच शौचालय को गुणवत्ताहीन बताया। लेकिन सीजी वाल टीम ने पाया कि बनाए गए 240 में से करीब 75 प्रतिशत शौचालयों में केवल गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है। यदि एक बरसात के बाद सभी शौचालय जमीदोज हो जाएं…तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।

                                 दरअसल बनाए गए सभी 240 शौचालयों में ना तो मानकों का ध्यान रखा गया। और ना ही किसी ने इसकी शिकायत की है। जनपद पंचायत सदस्य निशा कश्यप ने शिकायत की तो इंजीनियर ने सिर्फ पांच शौचालयों को गुणवत्ताहीन होना पाया। ग्राउंड जीरो की हकीकत कुछ अलग ही है। बनाए गए 240 में से यदि एक भी शौचालय ने पहली बरसात का सामना कर लिया तो….माना जाएगा कि एक मात्र शौचालय जिसमें सरपंच नेे गुणवत्ता का ध्यान रखा है।

                   दो दिन पहले तक बिलासपुर के लिंगियाडीह को प्रदेश में जमीन को लेकर सबसे विवादित क्षेत्र माना जाता था। आने वाले समय में लिंगियाडीह को शौचालय योजना का कब्रगाह कहा जाएगा…तो आश्चर्य की बात नहीं होगी। लिंगियाडीह पंचायत के 20 वार्डों में कुल 389 शौचालय बनाया जाना है। इसमें 240 शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। निर्माणाधीन शौचालयों की स्थिति बहुत दयनीय है।IMG-20170529-WA0021

            दो दिन पहले बिल्हा जनपद पंचायत की लगातार शिकायत पर इंजीनियर प्रीतिरानी तिवारी ने जांच की। पहले तो उन्होने बनाए गये सभी शौचालयों को बेहतर बताया। मौके पर ग्रामीणों की शिकायत को उन्होने गंभीरता से नहीं लिया। नाराज ग्रामीणों ने जब शौचालय को तोड़ा तो प्रीतिरानी के सभी दावे बेमानी साबित हुए। इंजीनियर ने मौके पर पाया कि तोड़े गए सभी पांचो शौचालयों की शीट के नीचे रेत और गिट्टी की जगह मिट्टी को फील किया गया है। आधी इंच का गढ्ढा कर पाइप को ऊपर से ढक दिया गया है। पाइप दूसरा छोर करीब ढाई फिट गड्ढे से जोड़ा गया है।

झूठा साबित हुआ सरपंच का दावा

                   इसके पहले सरपंच अनिल राठौर ने निशा कश्यप की शिकायत को बदले की भावना से किया जाना बताया था। अनिल राठौर ने कहा था कि शौचालय निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की गयी है। ग्रामीणों के आरोप में दम नहीं है। जब शौचालयों को तोड़कर देखा गया तो अनिल राठौर के सारे दावे खोखले साबित हुए। जबकि शौचालय तोड़ने से पहले इंंजीनियर प्रीतिरानी तिवारी ने भी सरपंच के दावे पर मुहर लगायी थी।

भ्रष्टाचार का शौचालय

      IMG-20170527-WA0526       सीजी वाल को लिंगियाडीह के ग्रामीण और बिल्हा जनपद सदस्य निशा कश्यप ने बताया कि बनाए गए सभी 240 शौचालयों में भ्रष्टाचार हुआ है। जब भी गुणवत्ता को लेकर शिकातयत करते हैं तो सरपंच राजनीतिक बदला लेने का आरोप लगाते हैं।

 दो बोरी में बन गया शौचालय

                          निशा कश्यप ने बताया कि किसी भी शौचालय में शर्तों के अनुसार 600 ईट का उपयोग नहीं किया गया है। सरिया डालने की बात तो दूर…केवल दो बोरी में ही शौचालयों का निर्माण किया गया है।

             शौचालय बनाने में सहयोग करने वाले कुछ ग्रामीणों ने बताया कि सभी शौचालयों की सीट के नीचे रेत की जगह मिट्टी से फीलिंंग की गयी है। गड्ठा भी ठीक से नहीं बनाया गया है। हम लोग शौचालय निर्माण के दौरान काम किए हैं इसलिए जानकारी है। सरपंच और पंच ने जैसा कहा हमने वैसा ही किया है।

वार्ड नम्बर एक के पंच को  ठेका

            निशा कश्यप ने बताया कि वार्ड नम्बर एक के पंच बेटे की देखरेख में शौचालय का निर्माण किया जा रहा है। जब भी हमने गुणवत्ता का विरोध किया…। उसने दो टूक कहा कि जैसा सरपंच कहेंगे उसी के अनुसार शौचालय का निर्माण किया जाएगा।

सचिव की तानाशाही से ग्रामीण परेशान

                           निशा कश्यप और ग्रामीणों ने बताया कि लिंगियाडीह सचिव कृष्ण कुमार लहासे मर्जी का मालिक है। उसे जनता से नहीं केवल सरपंच से काम है। शौचालय निर्माण में उसका भी हाथ है। उसने शौचालय की गुणवत्ता पर शासन को अंधेरे में रखा है। हम लोग उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। कृष्ण कुमार लहासे और सरपंच ने आज तक किसी भी योजनाओं और मूलभूत राशि से किये जाने वाले कार्यों की जानकारी नहीं दी है। ना ही उसने खर्च की गयी राशि के बारे में ही कुछ बताया है।  IMG-20170529-WA0026

प्रीतिरानी का भ्रष्टाचार से इंकार

                    बिल्हा जनपद पंचायत इंजीनियर प्रीतिरानी ने बताया कि सभी शौचालय ठीक हैं। कुछ शौचालयों में निरीक्षण के दौरान शिकायत मिली है। रेत की जगह मिट्टी फिलिंग हुई है। जांच रिपोर्ट सीईओ को सौंप दिया गया है। आगे की क्या कार्रवाई होनी है…इसकी जानकारी सीईओ से ही मिलेगी।

दम तोड़ती पीएम की शौचालय योजना

                 पीएम की शौचालय योजना लिंगियाडीह में भ्रष्टाचार की मार से दम तोड़ रही है। मजेदार बात है कि चंद कदम दूर संभाग के सभी आलाधिकारी बैठते हैं। जिला पंंचायत भी चंद कदम ही दूर है। बावजूद इसके शौचालय निर्माण की गुणवत्ता पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यदि अधिकारियों की भी इसमें मिली भगत है तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। क्योंकि लिंगियाडीह में पीएम की शौचालय योजना दम तोड़ रही है।

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