मेरा बिलासपुर

पीडीएस चावल घोटाला..आया नया मोड़..नगरपालिका अध्यक्ष को दान मिला..फिर संचालक सस्पेन्ड क्यों.?

बिलासपुर—-लाकडाउन के दौरान नगरालिका अध्यक्ष के चैम्बर और बाथरूम में 72 बोरी चावल का मिलने का मामला नया मोड़ ले लिया है। जानकारी मिल रही है कि नगर पालिका अध्यक्ष को पीडीएस का चावल दान में मिला है। इस नए तर्क के साथ अब मामला और भी पेचिदा हो गया है। खाद्य विभाग की टीम ने एसडीएम को रिपोर्ट दिया है। फिलहार रिपोर्ट का मुंह नहीं खोला है। इसी बीच कांग्रेस नेता विजय केशरवानी की शिकायत पर एडिश्नल कलेक्टर ने एसडीएम की अगुवाई में भी एक जांच टीम का गठन किया है। फिलहाल जांच पड़ताल का इंतजार है। इसी बीच नयी जानकाीर मिल रही है कि नगर पालिका अध्यक्ष को चावल दान में मिला है। कुल मिलाकर मामला गंभीर के साथ पेचीदा हो गया है।  

क्या है मामला

             लाकडाउन के दौरान शासन के निर्देश पर प्रदेश के सभी निकाय पार्षदों ने पार्षद निधी से गरीबों और मजदूरों के सहयोग में राशि दान किया। शर्त के अनुसार राशि से राशन वितरण किया  जाना था। यद्यपि बाद मेंचावल का वितरण आपदा प्रबंधन कोष से किया गया। इसकी जानकारी किसी को भी नहीं हुई। लेकिन रतनपुर नगरपालिका ने टेण्डर जारी कर 2350 क्विंटल के भाव से वर्कआर्डर जारी किया गया। इसी बीच कांग्रेस समेत कुछ भाजपा पार्षदों को जानकारी मिली कि नगर पालिका अध्यक्ष के चैम्बर और शौचालय में पीडीएस का चावल है। इसे गुपचुप तरीके से राशन दुकान से ब्लैक में लाया गया है। 

                  जानकारी मिलते ही मामला जंगल में आग की तरह फैल गया। प्रारम्भ में जिला कांग्रेस अध्यक्ष केशरवानी को बताया गया कि चावल की खरीदी नियम से  टेण्डर से हुई है। लेकिन जिसके नाम वर्कआर्डर जारी किया गया । उसने वर्क आर्डर नहीं मिलने की बात कही। कांग्रेस नेताओं ने मामले की शिकायत जिला प्रशासन की। नेताओं ने बताया कि पी़डीएस का चावल कैसे टेण्डर से हासिल किया जा सकता है। बताया गया कि पीडीएस का चावल टेण्डर से खरीदा गया है। यदि ऐसा है तो सप्लायर और नगर पालिका अध्यक्ष समेत दुकानसंचालक पर कार्रवाई जरूरी है। 

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जांच का आदेश

               हो हंगामा के बाद एसडीएम कोटा आनन्द रूप तिवारी ने खाद्य अधिकारी सवन्नी को जांच का आदेश दिया। सवन्नी ने अपना रिपोर्ट कोटा एसडीएम के सामने पेश कर दिया है। कोरोना व्यस्तता के कारण फिलहाल रिपोर्ट का मुंह अभी तक नहीं खुला है।

बाथरूम में मिला पीडीएस का चावल

              खाद्य अधिकारी सवन्नी ने मौके पर पहुंचकर लगाए गए आरोप को सही पाया। सवन्नी ने रिपोर्ट मे बताया कि शिकायत के अनुसार लाट 3223 का पीड़ीएस चावल आनन्द राइस मिल से अलाट हुआ है। राइस मिल से चावल नान के पास गया। नान से चावल की सप्लाई राशन दुकान तक हुई। यही से पीडीएस का चावल नगर पालिका अध्यक्ष के चैम्बर और शौचालय तक पहुंचा। एसडीएम के निर्देश पर सवन्नी ने लाट के अनुसार रानीगांव और रतनपुर के दोनों राशन दुकान के हिसाब किताब को खंगाला। जांच मेें रतनपुर स्थित दोनों राशन दुकान से चावल कम पाया गया। और दोनों संचालकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेन्ड कर दिया गया।

कलेक्टर से कार्रवाई की मांग

           दो दिन पहले विजय केशरवानी और स्थानीय  पार्षदों ने नए कलेक्टर सारांश मित्तर से मिलकर मामले को फिर संज्ञान में लाया । कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि पीडीएस राशन घोटाला में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा।

बचने के नए नए तर्क..फिर सामने आया नया बहाना

            सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अपने प्रभाव का उपयोग कर नगर पालिका अध्यक्ष ने कुछ लोगों से लिखित अजब गजब बयान दिलाया है। बयान में बताया गया है कि लोगों ने प्रवासी मजदूरों की तकलीफ को कम करने पीडीएस का चावल दान दिया है। बहरहाल यह तर्क विजय केशरवानी समेत कांग्रेस पार्षदों के गले से उतर नहीं रही है।

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                  विजय ने मामले में कहा कि फिलहाल दान दिए जाने की जानकारी उन्हें नही है। यदि ऐसा है तो बहुत बड़ा अपराध है। फिर सवाल उठता है कि आखिर दोनों राशन दुकान संचालकों को क्यों सस्पेन्ड कर दिया गया। क्योंकि जांच के दौरान स्टाक में बहुत असमानता सामने आयी है। सवाल यह भी उठता है कि शौचालय में फिर लाट का चावल कैसे मिला। फिर वर्क आर्डर का मामला भी तो सामने है। जांच होगी तो सारा मामला सामने आ जाएगा। 

मध्यान्ह भोजन का चावल

           सूत्रों के अनुसार नगर पालिका अध्यक्ष की पत्नी  दो स्व सहायता समूह की संचालन करती है। राशन दुकान से पीडीएस का चावल मध्यान्ह भोजन के लिए आया। उसी चावल को पार्षद निधी से खरीदा जाना बताकर नगर पालिका अध्यक्ष गरीबों में बांट रहे थे।

अभी रिपोर्ट नहीं खोला..अलग से हो रही जांच

              मामले में कोटा एसडीएम आनन्द रूप तिवारी ने बताया कि रिपोर्ट मिल चुकी है। फिलहाल उसे अभी ठीक से देखा नहीं हूं। कोराना काल की व्यस्तता है। रिपोर्ट देखने के बाद उचित कदम उठाया जाएगा। रतनपुर के दो राशन दुकान संचालकों को स्टाक में असमानता के कारण सस्पेन्ड कर दिया गया है। कुछ लोगों ने शपथ पत्र दिया है कि नगर पालिका अध्यक्ष के चैम्बर और शौचालय में दान का चावल मिला है। रही बात लाट का चावल मिलने की तो रिपोर्ट देखने के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा।

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