..पुलिस परिजनों ने कहा करेंगे प्रदर्शन..प्रशासन ने झोंकी ताकत…एसपी कार्यालय का सर्कुलर…समर्थन वालों पर होगी कार्रवाई

बिलासपुर–प्रदेश के अन्य जिलों की तरह बिलासपुर में 22 जून को पुलिस परिजन धरना प्रदर्शन करेंगे। 13 सूत्रीय मांग के साथ पुलिस कर्मचारियों का परिवार शासन पर दबाव बनाएगा। यद्यपि शासन स्तर पर धरना प्रदर्शन की स्थिति को टालने का प्रयास किया जा रहा है। दबाव बनाया जा रहा है कि पुलिस जवान परिवार के सदस्यों को समझाएं। लेकिन पुलिस के परिजन मानने को तैयार नहीं है। यह जानते हुए भी अब तक प्रदेश में एक दर्जन से अधिक पुलिस कर्मचारियों को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से धरना प्रदर्शन को सहयोग दिए जाने के आरोप कारण बताओं नोटिस जारी हो चुका है। कई जिलों के पुलिस कप्तानों ने नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि यदि कोई पुलिस जवान धरना प्रदर्शन को समर्थन देते पाया गया तो उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।

                             धीरे धीरे गुपचुप तरीके से ही सही पुलिस परिजनों का धरना प्रदर्शन का प्रयास शासन को सकते में डाल दिया है। इधर धरना प्रदर्शन करने वाले पुलिस कर्मचारियों को नोटिस भी थमाया जा रहा है। अब तक एक दर्जन से अधिक पुलिस कर्मचारियों को धरना प्रदर्शन को समर्थन देने के आरोप में कारण बताओं नोटिस जारी किया जा चुका है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि नोटिस का जवाब संतोषप्रद नहीं होने पाया गया तो कर्मचारी को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।

             मालूम हो कि पुलिस जवानों के परिजनों ने 13 सूत्रीय मांग को लेकर धरना प्रदर्शन का एलान किया है। पुलिस परिजनों का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों में पुलिस कर्मचारियों को काम करना पड़ता है। दिन रात बाल बच्चों और परिवार से दूर समाज की सेवा करते हैं। बावजूद इसके शासन ने कभी भी पुलिस कर्मचारियों और उनके परिजनों की समस्याओं को गंभीरता से नही लिया है।

                                  मालूम हो कि रायपुर में पुलिस कर्मचारियों के परिजनों ने 25 जून को धरना प्रदर्शन का एलान किया है। वहीं बिलासपुर में भी पुलिस परिजनों ने 22 जून को नेहरू चौक पर धरना प्रदर्शन का निश्चय किया गया है। जानकारी मिल रही है कि पुलिस प्रशासन के आलाधिकारियों ने सभी जवानों को सर्कुलर जारी कर धरना से दूर रहने का निर्देश दिया है। सभी कर्मचारियों से सर्कुलर में दस्तखत भी लिया गया है।

क्या हैं 13 सूत्रीय मांग

                       पुलिस परिजनों ने शासन के सामने 13 सूत्रीय मांग पेश किया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल मागं इसे प्रकार है।

  1.  राज्य के सभी तृतीय वर्ग  पुलिस कर्मचारी के परिजनों के वेतन और भत्ते केंद्र सरकार के तृतीय वर्ग कर्मचारियों की तरह हो।
    2.राज्य के सभी तृतीय वर्ग पुलिस कर्मचारियों के आवास की समुचित व्यवस्था बल के अनुसार किया जाए।
    3.शासकीय कार्य के लिए दिया जा रहा पेट्रोल भत्ता मात्र 13 रूपए है। जिसे सायकल भत्ता के रूप में दिया जाता है। जमाना बदल गया है। पेट्रोल भत्ता   कम से कम 2000 रुपये दिया जाए।
    4. पुलिस किट व्यवस्था को मध्यप्रदेश की तरह बंद कर किट भत्ता दिया जाए।
    5. ड्यूटी के दौरान मरने वाले कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए। मध्यप्रदेश की तरह 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जाए। परिवार के 1 सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए।
    6. अवकाश की पात्रता को अन्य विभागों की तरह अनिवार्य किया जाए। सप्ताह में एक दिन छुट्टी अनिवार्य रूप से दी जाए।
    7. शासन अन्य विभागों की तरह राज्य के तृतीय वर्ग पुलिस कर्मचारियों के परिवार को मुफ्त इलाज की सुविधा दे।
    8.अन्य विभागों की तरह पुलिस ड्यूटी का समय 8 घंटे किया जाए। निर्धारित समय से ज्यादा कार्य लेने पर अतिरिक्त भुगतान दिया जाए।
    9.नक्सल प्रभावित जिलों में तैनात बल को उच्च मानक की सुरक्षा उपकरण जैसे बुलेट प्रूफ जैकेट और अत्याधुनिक हथियार की सुविधा हो।
    10. 10वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सिपाहियों को प्रमोशन दिया जाए
  2. 11.वर्दी अलावंस वर्तमान मात्र 5 रूपए दिया जाता है। उसे बढ़ाया जाए।
  3. 12.वर्तमान में मकान किराया भत्ता 687 रूपए दिया जाता है। इसे बढ़ाकर कम से कम तीन हजार से चार हजार किया जाए।
  4. 13.पोष्टिक आहार भत्ता को बढ़ाकर 200 रूपए किया जाए।

जवानों को सर्कुलर जारी

               फिलहाल पुलिस परिजनों के धरना प्रदर्शन को पुलिस प्रशासन रोकने का भरसक प्रयास कर रहा है। लेकिन प्रशासन कुछ कहने की स्थिति में नहीं है कि उसे कामयाबी मिल गयी है। अन्दर से खबर मिल रही है कि पुलिस परिजनों ने वैसे नेहरू चौक में धरना प्रदर्शन का एलान किया है। लेकिन जानकारी यह भी मिल रही है कि परिजनों को महाराणा प्रताप चौक के पास रोका जा सकता है। शायद परिजन यहीं धरना दें तो कोई आश्चर्य नहीं होगा।

                         जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जिले के सभी पुलिस जवानों को सर्कुलर जारी किया गया है। सर्कुलर में बताया गया है कि प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से धरना से दूर रहे हैं। परिजनों को समझाइश दें। यदि कोई कर्मचारी धरना प्रदर्शन का समर्थन करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सर्कुलर में लोगों से हस्ताक्षर भी लिए गए हैं।

कोई कुछ नहीं बोलना

                 सर्कुलर जारी होने के बाद और पहले भी हड़ताल को लेकर कोई पुलिस कर्मचारी खुलकर कुछ नहीं बोल रहा है। हां कुछ लोगों ने नाम जाहिर नहीं होने की सूरत में बताया कि परिजनों के साथ अन्याय हो रहा है। हम परिजनों का समर्थन करते हैं। लेकिन नौकरी भी जरूरी है। इसलिए मामले में कुछ बोलने से बचते हैं। यह कहां का न्याय है कि लोकतंत्र में रहकर हमें कुछ कहने और बोलने से रोका जा रहा है।

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