प्रधानमंत्री के भाई ने नरेन्द्र मोदी को बताया संत..कहा..एक मोदी से विपक्षी परेशान.. दो होने पर क्या हाल होगा..?

बिलासपुर– मोदी संत हैं…उनसे दो साल छोटा हूं। पहली बार छत्तीसगढ़ आया हूं। रायपुर से सीधे कोरबा के लिए जा रहा हूं। कुछ देर के लिए बिलासपुर स्थित छ्तीसगढ़ भवन में फ्रेस होने आया हूं। इस बीच आप लोगों से मुलाकात हो गयी। यह बातें भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छोटे भाई प्रहलाद मोदी ने कही। प्रहलाद मोदी ने बताया कि तेलीय होेने कारण समाज के लोग मुझे याद करते हैं। इसलिए सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेने हिन्दुस्तान में उधर उधर जाना होता है। उन्होने राजनीति से दूरी क्यों के सवाल पर कहा कि एक ही मोदी से हिन्दुस्तान का विपक्षी दल परेशान है। दूसरा मोदी आ जाएगा तो विपक्षियों की क्या हालत होगी।

                   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छोटे भाई प्रहलाद मोदी आज रायपुर से कोरबा प्रवास के दौरान कुछ देर के लिए छत्तीसगढ़ भवन में विश्राम करने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होने पत्रकारों से हल्की फुल्की चर्चा की। बातचीत के दौरान प्रहलाद मोदी ने बताया कि वह तेलीय समाज से आते हैं। सामाजिक गतिविधियों में हमेशा हिस्सेदारी रहती है। इसलिए कोरबा जा रहा हूं। समाज के बन्धु बांधव की तरफ से निजी कार्यक्रम में बुलावा आया था।

                  प्रहलाद मोदी ने बताया कि निजी प्रसंग से कोरबा जा रहा हूं। उन्होेने यह भी कहा कि पहली बार छत्तीसगढ़ आना हो रहा है। यहां आकर अच्छा लग रहा है। उन्होने सवाल जवाब के दौरान स्वीकार किया कि हां मेरा चेहरा नरेन्द्र मोदी से मिलता जुलता है। आप लोगों ने माना इसके लिए धन्यवाद।

         उन्होने कहा कि मुझमें और नरेन्द्र मोदी में काफी कुछ समानताएं हैं। माता पिता ने हम सब भाई-बहनों को एक समान संस्कार दिया। संस्कार हमारी पूंजी है।

                अापकी सामाजिक गतिविधियों में बहुत भागीदारी रहती है के सवाल प्रहलाद मोदी ने बताया तेलीय जाति में पैदा हुआ हूं। रीति रिवाज से भी वाकिफ हूं। तेली समाज भी हमारे परिवार को समझता है। लेकिन हिन्दुस्तान के सवा सौ करोड़ को भी समझता हूं। उनसे भी हमारा घर का रिश्ता है।

                  राजनीति से इतनी दूरी क्यों के सवाल पर प्रहलाद मोदी ने कहा कि …इसकी जरूरत क्या है। मैं राशन दुकानदार हूं। काम धाम कर रहा हूं। उन्होने कहा कि एक मोदी हिन्दुस्तान के सभी विपक्षियों पर भारी है…फिर दूसरा मोदी आएगा तो विपक्षी पार्टियों का क्या होगा।

             मोदी के काम काज को लेकर आप में उत्सुकता तो रहती होगी…मोदी ने कहा कि जनता ने जो स्वीकार किया वही हमारी भी है। प्रधानमंत्री मोदी बिलासपुर से बहुत प्यार करते हैं..यहां रह भी चुके हैं। सवाल का जवाब देते हुए प्रहलाद मोदी ने कहा कि मेरे साथ यहां के लोग धन्य हैं। मैं भी यहां आया..अच्छा लगा।

              उन्होने कहा कि नरेन्द्र मोदी संत हैं..संतो का काम ही झोला टांगकर सेवा टहल पर चल पड़ना। उनकी बात ही अलग थी और आज भी है। क्या कभी मुलाकात होती है। भाई है मुलाकात तो होगी। देश की सेवा कर रहे हैं..मुलाकात की बहुत जरूरत ही क्या है। मुख्यमंत्री रहते हुए भी उनसे बहुत ज्यादा मुलाकात नहीं हुई। प्रधानमंत्री बनने के बाद तो मुलाकात बहुत कम हो गयी। .हां फोन पर बातचीत हो जाती है । परिवार का कुशल क्षेम पूछते हैं।

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