हमार छ्त्तीसगढ़

फर्जी बैंकिंग कम्पनियों पर कसेगी नकेल

farzi banks

रायपुर । राज्य सरकार ने गैर बैकिंग कम्पनियों की आर्थिक गतिविधियों पर कड़ी निगाह रखना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव  विवेक ढांड की अध्यक्षता में गुरूवार को यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में गैर-बैंकिग क्षेत्र की गतिविधियों पर निगरानी के लिए बनी राज्य स्तरीय समन्वय समिति की छब्बीसवीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड), राष्ट्रीय हाउसिंग बैंक, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकांउटेंट्स ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा (ई.ओ.डब्लू.) एवं अपराध अनुसंधान विभाग (सी.आई.डी.), संस्थागत वित्त विभाग, विधि विभाग, सहकारी समितियों और कंपनियों के पंजीयक को गैर वित्तीय कम्पनियों के आर्थिक मामलों और उनके कारोबार पर लगातार निगाह रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि वे लोगों को फर्जी कंपनियों से सतर्क करने और उनके खिलाफ शिकंजा कसने के लिए शीघ्र ही सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखेंगे।
मुख्य सचिव ने गैर-बैंकिग क्षेत्र में काम रहे फर्जी संस्थाओं और चिट फंड कंपनियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए रिजर्व बैंक सहित वित्तीय लेन-देन और नियमन से जुड़े सभी शासकीय एजेंसियों एवं सस्थाओं को नियमित रूप से सूचनाओं और जानकारियों का आदान-प्रदान करने कहा। श्री ढांड ने मीडिया के माध्यम से पैसों का अनाधिकृत लेन-देन करने वाली और फर्जी संस्थाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के निर्देश सेबी के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए छत्तीसगढ़ी भाषा में विज्ञापन तैयार कर स्थानीय प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इसका प्रकाशन-प्रसारण कराया जा सकता है। श्री ढांड ने प्रदेश में कंपनियों के पंजीयक को निर्देशित किया कि वे सभी वैधानिक प्रक्रियाओं को पूर्ण करने वाली और सारे दस्तावेज जमा करने वाली कंपनियों को ही वित्तीय गतिविधियां संचालित करने की अनुमति दें।
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकांउटेंट्स ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों ने बैठक में बताया कि उनकी संस्था छत्तीसगढ़ में लोगों और अधिकारियों को जागरूक करने के लिए एक वर्ष के भीतर 100 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी।

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